मुंबई: आज मोनोरेल का उदघाटन, कल से सफर

मुंबई: आज मोनोरेल का उदघाटन, कल से सफर
वडाला से चेंबूर तक शुरू होने वाली मोनो रेल सेवा मुसाफिरों को मुंबई की सड़कों पर लगने वाले जाम भरे सफर से निजात दिलाएगी।

वडाला से चेंबूर तक शुरू होने वाली मोनो रेल सेवा मुसाफिरों को मुंबई की सड़कों पर लगने वाले जाम भरे सफर से निजात दिलाएगी।

  • News18India
  • Last Updated: February 1, 2014, 3:53 AM IST
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मुंबई। उमस और गर्मी के मौसम में लोकल ट्रेन के सफर से जूझने वाली मुंबई मोनो रेल सेवा के साथ एयरकंडीशंड सफर का तोहफा मिलने वाला है। आज मुख्यमंत्री मोनो रेल सेवा का उद्घाटन करेंगे। वडाला से चेंबूर तक शुरू होने वाली मोनो रेल सेवा मुसाफिरों को मुंबई की सड़कों पर लगने वाले जाम भरे सफर से निजात दिलाएगी। आज सीएम पृथ्वीराज चव्हाण मोनो रेल का उदघाटन करेंगे। 2 फरवरी से आम जनता के लिए कुल जाएगी। पहले एक महीना अभी तक सुबह 7 बजे से 3 बजे तक मोनो रेल चलेगी।

दौड़ती-भागती मुंबई के ऊंची इमारतों वाले आसमान के बीच जल्दी ही तीर की तरह अपना रास्ता तलाशती हुई मोनो रेल भी नजर आएगी। मोनोरेल का सपना बस पूरा ही होने वाला है। बृहस्पतिवार को एमएमआरडीए ने मोनोरेल के फेज-एक के करीब 8.8 किलोमीटर लंबे रूट का ट्रायल किया। हरी झंडी मिलते ही मोनोरेल पहले फेज के तहत वडाला से चेंबूर स्टेशन तक दौड़ने लगेगी।

इन स्टेशनों से गुजरेगी मोनोरेल
वडाला स्टेशन से चलने के बाद मोनोरेल का पहला पड़ाव- भक्ति पार्क होगा। इसके बाद माइसुर कॉलोनी-भारत पेट्रोलियम-फर्टलाइजर टाउनशिप होते हुए मोनो रेल-आर सी मार्ग पहुंचेगी। आर सी मार्ग के बाद मोनोरेल के पहले फेज का आखिरी स्टेशन-चेंबूर आएगा।
बचेगा समय-सफर आरामदायक


करीब 9 किलोमीटर के इस सफर को अगर मुंबईकर सड़क से तय करते हैं तो उन्हें भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। इस सफर में औसतन 50 से 60 मिनट लगते हैं। लोकल ट्रेन से कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है। मगर मोनो रेल से तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। 9 किलोमीटर लंबा सफर अब महज 19 मिनट में पूरा हो जाएगा। मोनोरेल का पहला फेज मुंबई के इर्स्टन इलाके में है-यानी वेर्स्टन और साउथ मुंबई में रहने वाले मुंबईवासी आसानी से ईस्टर्न इलाके में पहुंच सकते हैं।

वर्ल्ड क्लास संचालन

दावा है कि मोने रेल का संचालन वर्ल्ड क्लास का होगा, जिसका पेशवराना अंदाज मुंबई वालों के लिए सुखद आश्चर्य से कम नहीं होगा। मुंबईकरों को एक शानदार तजुर्बा देने के लिए करीब 43 नए और जोशीले नौजवान कर्मचारियों की भर्ती की गई है। कर्मचारियों में तीन महिलाएं भी हैं। मोनोरेल के चालक भी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से होंगे।

मोनोरेल में बैठने का तजुर्बा भी लाजवाब होगा। इसमें चार एयरकंडीशंड कोच होंगे। हर डिब्बे में 18 मुसाफिरों के बैठने की जगह है। करीब 124 लोग आराम से खड़े हो सफर कर सकते हैं। यानी एक डिब्बे में 562 लोग सुविधाजनक सफर कर सकते हैं। यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसका ख्याल रखने के लिए हर स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर की जिम्मेदारी तय की गई है।
मोनो रेल के यात्रियों का सफर टिकट खरीदने से शुरू होगा, उन्हें कोई असुविधा न हो इसलिए हर स्टेशन की पहली मंजिल पर टिकट घर बनाया गया है। इसी मंजिल पर कस्टमर केयर से लेकर लिफ्ट और इवीएम मशीनें तक लगाई गई हैं।
पहली मंजिल पर ही स्टेशन का कंट्रोल रूम होगा। सुरक्षा के लिहाज से मुंबई की संवेदशीलता के मद्देन्रुार सबी मोनो रेल स्टेशनों पर सुरक्षा के खास इंतजाम होंगे। मेटल-डिटेक्टर और सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे। सीसीटीवी फुटेज की निगरानी कंट्रोल रूम से होंगी। सुरक्षा इंतजाम सहूलियत वाली यात्रा में खलल न डालें इसलिए प्लेटफार्म पर हर सुविधा का ख्याल रखा गया है।

जाहिर है कि मुंबई के मोनो रेल के पहले चरण को शुरू करने से पहले हर वो इंतजाम किए गए हैं, जिसकी जरूरत महसूस की जा रही है। माना जा रहा है कि जल्दी ही दूसरा चरण भी शुरू कर दिया जाएगा, जो संत गाड़ेगे महाराज चौक से वडाला होते हुए चेंबूर तक होगा, जिसकी पूरी लागत 2500 करोड़ की है। फेस 2 में कुल 17 स्टेशन होंगे। 20 किलोमीटर का ये सफर सड़क के रास्ते से 2 घंटे का था, जो मोनोरेल से महज 45 मिनट में पूरा होगा।



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