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दक्षिण भारत में तेजी से फैल रहा स्वाइन फ्लू, केरल में 23 की मौत

File Photo

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केरल में इस साल स्वाइन फ्लू से 23 लोगों की मौत हुई हैं. पिछले साल की तुलना में इस साल एच1एन1 संक्रमण के ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं.

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    केरल में इस साल स्वाइन फ्लू से 23 लोगों की मौत हुई हैं. पिछले साल की तुलना में इस साल एच1एन1 संक्रमण के ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि समूचे राज्य में स्वाइन फ्लू के 300-400 मामलों की पुष्टि हुई है और उनमें से 23 लोगों की मौत हुई है.

    एच1एन1 के लिए राज्य नोडल अधिकारी अमर फेट्टल ने कहा कि इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में सिर्फ केरल में बढ़ोतरी नहीं हुई है बल्कि पूरे दक्षिण भारत में हुई है. हालांकि फट्टेल ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है. फ्लू को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं.

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां हैं और इलाज के बाबत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. अमर ने कहा कि इस साल प्रभावित लोगों की गले की राल के 27 फीसदी नमूनों का परीक्षण एच1एन1 के लिए पॉजिटिव पाया गया है.

    बता दें कि राजस्थान में भी पिछले दो महीने में 6 लोगों की मौत और एक दर्जन से अधिक लोगों के एन1एच1 का शिकार बनने के बाद एक बार फिर स्वाइन फ्लू का कहर लोगों को डराने लगा है.


    क्या है एच1एन1 ?

    यह एक प्रकार का फ्लू वायरस है. यह पहली बार 2009 में पाया गया था और इसका नाम स्वाइन फ्लू वायरस हो गया क्योंकि यह सूअरों में पाए जाने वाले वायरस से मेल खाता था. ताजा परिस्थिति में यह एक प्रकार का मौसमी फ्लू वायरस है जो कि इंसानों में पाया जाता है.

    किस मौसम में फैलता है ज्यादा ?

    स्वाइन फ्लू वायरस ज्यादा ठंडे और नमी वाले वातावरण में तेजी से फैलता है. कम समय में तापमान में बदलाव होना जैसे सर्दी और गरमी या वातावरण में नमी की मौजूदगी इस तरह के संक्रमण को बढ़ावा देता है. नमी के कारण यह वायरस ज्यादा समय तक वातावरण में रह जाता है. जिससे ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.

    कैसे करें बचाव ?

    - हमेशा हाथों को साबुन और डेटॉल वाले पानी से धोएं.
    - खांसते वक्त मुंह और नाक को रुमाल या कपड़े से ढंकें.
    - खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद आंख, नाक और मुंह पर हाथ कतई न लगाएं. शरीर के ये हिस्से सबसे जल्दी फ्लू की चपेट में आते हैं.
    - फ्लू प्रभावित व्यक्ति से एक हाथ की दूरी बनाकर रखें.
    - भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें. इन जगहों से लौटने के बाद पहले हाथ और फिर मुंह धोएं.
    - घर में उन जगहों की खास सफाई रखें, जिसका इस्तेमाल सब लोग करते हैं. मसलन, दरवाजे का हैंडल, स्विच. कंप्यूटर की बोर्ड, रसोई गैस.
    - मेज़, रसोई, बाथरूम और घर के कोनों को साफ रखें. इन जगहों पर बैक्टरिया आसानी से पनपते हैं. सफाई के लिए पानी के साथ कीटनाशकों का इस्तेमाल करें.
    - रुमाल और इनहेलर जैसी चीजे़ बेहद साफ सुथरी रखें.
    - पर्याप्त पानी, पौष्टिक आहार और नींद लें.
    - खुली जगहों पर ना थूकें.

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