माघ मेले में धर्मगुरुओं को सरकारी सुविधा नहीं

माघ मेले में धर्मगुरुओं को सरकारी सुविधा नहीं
कुंभ नगरी इलाहाबाद में लगने वाले माघ मेले में कई धर्मगुरुओं को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। पिछली बार साधु संतों ने सरकारी टेंट और सामान वापस नहीं किया था।

कुंभ नगरी इलाहाबाद में लगने वाले माघ मेले में कई धर्मगुरुओं को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। पिछली बार साधु संतों ने सरकारी टेंट और सामान वापस नहीं किया था।

  • News18India
  • Last Updated: October 27, 2014, 3:20 AM IST
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इलाहाबाद। कुंभ नगरी इलाहाबाद में लगने वाले माघ मेले में कई धर्मगुरुओं को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। प्रशासन ने ये आदेश इसलिए दिया है क्योंकि पिछली बार जब मेला लगा था तो कई साधु संतों ने सरकारी टेंट और सामान वापस नहीं किया था। ऐसे लोगों को मेला प्रशासन ने सामान लौटाने के लिए नोटिस जारी किया है।

जनवरी में इलाबाहाद में संगम किनारे लगने वाले कुंभ मेले की रंगत इस बार कुछ फीकी पड़ सकती है। मेला समिति की बैठक में तय किया गया कि यहां आने वाले संतों और संस्थाओं को मेला प्रशासन किसी तरह की सुविधाएं नहीं देगा जो मेला खत्म होने के बाद सामान अपने साथ ले जाते हैं।

सामान वापस न करने वाली लिस्ट में सबसे बड़ा नाम है महा मंडलेश्वर कैलाश नंद जी का इनके अलावा एक दर्जन संत और इतनी ही संस्थाओं ने मेला खत्म होने के बाद सामान नहीं लौटाया था। उधर मेला प्रशासन के इस रवैये से साधु संत खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि बड़े संतों का नाम लेकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि सुविधाएं बांटने समय लिस्ट की जांच नहीं की जाती और फर्जी संस्थाओं को भी सुविधाएं दे दी जाती हैं।



मेला शुरू होने में अब सिर्फ दो महीने का वक्त बचा है, लेकिन इस बार मेला प्रशासन किसी भी कीमत पर बकायेदारों को सुविधाएं नहीं बांटना चाहता। अब ये देखना अहम होगा कि मेला प्रशासन और साधु संतों का ये टकराव क्या रूप लेता है।
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