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पढ़ें: क्या है निर्भया को खोने वाली ‘मां’ की पुकार...

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निर्भया गैंगरेप हत्याकांड सिर्फ एक बहादुर लड़की को बर्बाद करने की महज एक दास्तां नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम और समाज को बेपर्दा करने वाली ऐसी वारदात थी

निर्भया गैंगरेप हत्याकांड सिर्फ एक बहादुर लड़की को बर्बाद करने की महज एक दास्तां नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम और समाज को बेपर्दा करने वाली ऐसी वारदात थी

निर्भया गैंगरेप हत्याकांड सिर्फ एक बहादुर लड़की को बर्बाद करने की महज एक दास्तां नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम और समाज को बेपर्दा करने वाली ऐसी वारदात थी

    Ibnkhabar Exclusive
    नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप हत्याकांड सिर्फ एक बहादुर लड़की को बर्बाद करने की महज एक दास्तां नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम और समाज को बेपर्दा करने वाली ऐसी वारदात थी कि जिस किसी को भी निर्भया के साथ हुई दरिंदगी का पता चला। वो आंदोलित हो उठा। समय के साथ आंदोलन में बदली भीड़ अब कहीं दिखाई नहीं देती। हां.. इतना जरूर है, कि ऐसी घड़ी में वो अब खुद को अकेला महसूस नहीं करते। क्योंकि निर्भया सिर्फ उन्ही के नहीं, हर व्यक्ति की जेहन में बस गई है। निर्भया की बहुत याद आती है, रूंधे गले के साथ इन्हीं शब्दों से निर्भया की मां हमसे मिलीं। जो निर्भया के लिए शायद उसकी रोल मॉडल रही हो।

    हमने इस मामले की पूरी जानकारी। निर्भया की मां का कहना है कि बेटी तो हमारी चली गई। लेकिन उसे न्याय दिलाने के लिए वो पूरी जी-जान से जुटी हैं। जब हम पहुंचे, तो वे 16 दिसंबर की शाम को कैंडल मार्च निकालने की तैयारी चल रही है। परिजनों का कहना है कि जितने दोषी वो 6 थे, उनके कहीं ज्याया हमारा प्रशासन। 16/12 को दिल्ली की सड़कों पर गैंगरेप होता रहा। लेकिन पुलिसवालों ने उसे कहीं नहीं रोका। अगर रोक लिया होता, तो शायद ये वारदात ही न होती। क्योंकि निर्भया का अपहरण करने से पहले उन सभी लोगों ने एक दुकानदार को लूटा था। जिसकी शिकायत करने के बाद पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। वर्ना कैसे मुमकिन कि कोई बस जो लगभग 12 फ्लाई ओवर्स से गुजरती है और 6 रेड लाइट्स भी पार करती है। लेकिन सूचना मिलने के बाद उसे पकड़ा नहीं जा सका। और उस गैंग ने ये सब करके मानवता को शर्मनाक कर दिया।

    निर्भया की मां चाहती हैं कि उस केस की सुनवाई जल्द हो। हाईकोर्ट में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट बनें, जो सिर्फ फास्ट ट्रैक से जुड़े केसेज ही देखें। इस दौरान वो पूरी तरह से उदास रहीं। उनका कहना है कि सरकार सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में काम करें। सरकार अपने वादों को पूरा करे। उन्होंने बताया कि डीडीए निर्भया के नाम से एक रेप क्राइसिस मेमोरियल खोलने की बात कही थी, लेकिन वो अपने वादे को भूल गई। सरकार ने कहा कि हम रेप क्राइसिसि सेंटर खोंलेगे। अबतक एक भी निर्भया के नाम पर किए वादों को सरकार पूरा नहीं कर पाई। सरकार ने कहा था कि वो 16 दिसंबर को देश भर में निर्भया दिवस घोषित करेगी। ताकि आने वाली पीढ़ी को निर्भया की याद न दिलाना पड़े।

    दिल्ली में निर्भया की मां ने कहा कि उनका जो कुछ चला गया, अब वो लौटकर तो नहीं आ सकती। प्रशासन ने लोगों को बेवकूफ बनाकर बड़े-बड़े वादे किए। लेकिन पूरा नहीं किया। और लोग भ्रम में रहते हैं कि दिल्ली पुलिस और प्रशासन काम कर रहा है।

    Tags: Delhi

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