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आमरण अनशन पर भट्टा-पारसौल के किसान

आमरण अनशन पर भट्टा-पारसौल के किसान

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां एक ओर किसानों से मन की बात कर रहे हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल में किसान 15 फरवरी से सत्याग्रह कर रहे हैं।

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां एक ओर किसानों से मन की बात कर रहे हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल में किसान 15 फरवरी से सत्याग्रह कर रहे हैं।

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां एक ओर किसानों से मन की बात कर रहे हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल में किसान 15 फरवरी से सत्याग्रह कर रहे हैं।

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां एक ओर किसानों से मन की बात कर रहे हैं। वहीं देश के कई राज्यों की किसान बेहाल हैं। ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल में भारतीय प्रजा पार्टी के अध्यक्ष और जाने माने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में किसान 15 फरवरी से सत्याग्रह कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ सत्याग्रह पर बैठे किसान सरकार से बेहद नाराज हैं।

    अनशन पर बैठे ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने नहर से सटी जमीन हथिया ली है अब बिना सिंचाई की जमीन का क्या होगा। आज जब पीएम किसानों से मन की बात की तो, किसानों का दर्द झलक उठा। भट्टा पारसौल में कई किसान आंदोलनों की अगुवाई कर चुके मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में किसान 15 फरवरी से सत्याग्रह कर रहे थे, जो 20 फ़रवरी से आमरण अनशन में बदल गया है।

    किसानों की मांग है कि किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण बिल को निरस्त किया जाए और नए सिरे से भूमि अधिग्रहण कानून को बनाया जाए। भारतीय प्रजा पार्टी बनाकर किसानों की आवाज बुलंद कर रहे मनवीर तेवतिया ने कहा कि पहले कांग्रेस ने 2013 में देश के किसानों को बेवकूफ बनाया, जिसके रास्ते पर बीजेपी भी चल पड़ी है।

    मनवीर तेवतिया का कहना है कि सरकार नए सिरे से भूमि अधिग्रहण बिल बनाए। जिसमें किसानों की पूरी जमीन न लेकर सरकार उनकी आधी जमीनें ले, और आधी जमीनों को किसानों को वापस कर दे। ताकि किसानों के पास जमीन भी रहे, और विकास के मौके भी। हमारे पास पैसे कबतक रहेंगे? आखिर अगली पीढ़ी के लिए कुछ तो छोड़ना होगा न हमें?

    मनवीर तेवतिया सरकार द्वारा जमीन के लिए घोशित 4 गुने मुआवजे से भी इत्तेफाक नहीं रखते। मनवीर कहते हैं कि सरकार वास्तविक कीमत(जिस कीमत पर सरकार किसी को जमीन देगी) का 60 फीसदी दे। इस पैसे से किसान अपनी बाकी के जीवन के लिए बची जमीनों पर कुछ काम कर पाएंगे। तेवतिया एक एकड़ से कम जमीन के मालिक किसानों को अधिग्रहण से मुक्त रखने की बात करते हैं।

    मनवीर तेवतिया ने साफ कहा कि हर गांव में 30 प्रतिशत लोगों के पास 70फीसदी जमीनें है। वो कहते हैं कि इन किसानों को अपनी जमीनों का 50 फीसदी देने में हर्ज नहीं है। वो कहते हैं कि किसान विकास के विरोधी नहीं है, लेकिन स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं हो सकता।

    Tags: ग्रेटर नोएडा

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