Home /News /city-khabrain /

क्या झूठ बोलकर MCD कर्मी फैला रहे हैं कचरा!

क्या झूठ बोलकर MCD कर्मी फैला रहे हैं कचरा!

दिल्ली पिछले दो-तीन दिनों से गंदगी के अंबार से जूझ रही है। खासकर पूर्वी दिल्ली, जहां सड़कों पर आजकल कूड़ा आंदोलन चल रहा है।

दिल्ली पिछले दो-तीन दिनों से गंदगी के अंबार से जूझ रही है। खासकर पूर्वी दिल्ली, जहां सड़कों पर आजकल कूड़ा आंदोलन चल रहा है।

दिल्ली पिछले दो-तीन दिनों से गंदगी के अंबार से जूझ रही है। खासकर पूर्वी दिल्ली, जहां सड़कों पर आजकल कूड़ा आंदोलन चल रहा है।

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली पिछले दो-तीन दिनों से गंदगी के अंबार से जूझ रही है। खासकर पूर्वी दिल्ली, जहां सड़कों पर आजकल कूड़ा आंदोलन चल रहा है। जहां तक सड़कों पर कूड़े के अंबार लगा एमसीडी के कर्मचारी प्रदर्शन करते रहते हैं। आमतौर पर लोगों को बताया जा रहा है कि उन्हें 3 माह से तनख्वाह नहीं मिली, इसीलिए वो प्रदर्शन करने को बाध्य हैं, लेकिन आईबीएनखबर ने जब इसकी पड़ताल की, तो मामला कुछ और निकला।

दरअसल, 3 माह से वेतन नहीं मिलने की जो दलीलें ‘कूड़ा प्रदर्शन’ की वजह बताई जा रही है, वो झूठी है। जी हां! 100 फीसदी झूठी है, सिवाय उत्तरी दिल्ली के 15 फीसदी कर्मचारियों की तनख्वाह न मिलने की। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के 85 फीसदी कर्मचारियों को तनख्वाह दी जा चुकी है, और जिन्हें नहीं मिली है, उन्हें भी जल्दी तनख्वाह देने की तैयारी है। इसकी पुष्टि खुद कई सफाई कर्मियों ने की, तो खुद उत्तरी दिल्ली एमसीडी के मेयर योगेंदर चंदोलिया ने भी। योगेंदर ने आईबीएनखबर से बातचीत में बताया कि सभी कर्मचारियों को फरवरी तक की तनख्वाह दी जा चुकी है, सिवाय 15 फीसदी कर्मियों के। जल्द ही 15 फीसदी बाकी कर्मियों को भी फरवरी माह की तनख्वाह दे दी जाएगी। चूंकि अभी मार्च बीता नहीं है, और क्लोजिंग का समय है, इसलिए कर्मचारियों के यूनियन दबाव बनाने की रणनीति के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं।

वैसे इस ‘कूड़ा प्रदर्शन’ से सर्वाधिक प्रभावित पूर्वी दिल्ली के इलाके हैं। पूर्वी दिल्ली एमसीडी की मेयर मीनाक्षी ने कहा कि उन्होंने 15,000 तक की तनख्वाह वाले कर्मियों की तनख्वाह इमरजेंसी फंड से जारी कर दी है। बाकि बचे कर्मचारियों को जल्द ही तनख्वाह दे दी जाएगी। पूर्वी दिल्ली एमसीडी की मेयर मीनाक्षी ने कहा कि पिछले साल भी ऐसी ही हालत बन गई थी। इसके पीछे की वजह बताते हुए मीनाक्षी कहती हैं कि दिल्ली सरकार ने एमसीडी को 3 हिस्सों में तो बांट दिया, लेकिन फंड नहीं बढ़ा। जरूरतें बढ़ गई हैं, वसूली कम है। घाटे में चल रहे एमसीडी को दिल्ली सरकार कोई मदद नहीं दे रही।

लक्ष्मी नगर में प्रदर्शन करने वालों में से एक सफाई कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तनख्वाह के अलावा भी उनका हक बनता है। वो भी तो पूरे हों। 3-4 साल से हममें से किसी को एरियर नहीं मिला है। ऐसे में काम कैसे होगा? पूर्वी दिल्ली एमसीडी की मेयर मीनाक्षी भी स्वीकार करती हैं कि कर्मियों को एरियर नहीं मिला। चूंकि मार्च की क्लोजिंग है, इसलिए हर साल ऐसी ही स्थिति हो जाती है। धन की कमी के चलते एक साथ सारी मांगे मानी नहीं जा सकती है। इमरजेंसी फंड से तनख्वाह दे दी गई है। सभी कर्मचारियों को काम पर लौटना चाहिए।

मीनाक्षी का कहना है शायद तनख्वाह की आड़ में राजनीति हो रही है। कर्मचारियों की पहली मांग तनख्वाह की थी, जो जारी कर दी गई है। हमें समय चाहिए। राज्य सरकार से मदद भी। ऐसे में प्रदर्शन पर जाना और शहर को कूड़े से पाट देना क्या समस्या का समाधान है?

Tags: Delhi, New Delhi

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर