चिटफंड के फ्रॉड में फंसा बीजेपी के मंत्री का बेटा, लटकी गिरफ्तारी की तलवार!

चिटफंड के फ्रॉड में फंसा बीजेपी के मंत्री का बेटा, लटकी गिरफ्तारी की तलवार!
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मध्य प्रदेश के पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव के खिलाफ चिटफ़ंड के ज़रिये ठगी के मामले में अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

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  • Last Updated: September 28, 2016, 12:28 AM IST
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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव के खिलाफ चिटफ़ंड के ज़रिये ठगी के मामले में अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मंगलवार को प्रदेश बीजेपी युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष अभिषेक अदालत में पेश हो गये। उन्हें 50,000 रुपये के निजी मुचलके औऱ बीस लाख रुपये की एफडी पर ज़मानत मिल गई। मंत्री पुत्र श्रद्धा सबूरी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर है और कंपनी ने सैकड़ों लोगों के पैसे हजम किये हैं।

रायसेन के पटेल नगर में रहने वाली बिंदेश्वरी नायक की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्हें किसी चिटफंड कंपनी ने पैसा दो गुना करने का लालच देकर करीब आठ लाख रूपये नगद औऱ चार लाख रुपये का बेटी को दहेज में दिये जाने वाला जेवर हड़प लिया। किसी तरह बेटी की शादी की। बेटे की पढ़ाई बंद है। मिलिट्री से रिटायरमेंट के बाद बैंक के गार्ड की नौकरी कर रहे पति की 6000 रुपये की पगार पर घर चल रहा है।

बिंदेश्वरी नायक कहती हैं कि मंत्री के बेटे औऱ बंसत उपाध्याय ने मिलकर 12 लाख रुपये ठग लिये औऱ जैसे तैसे बेटी की शादी की है। एक एक सामान उधार लेकर शादी की है। हम इंतज़ार कर रहे हैं कि हमारा पैसा वापस मिल जाये। बिंदेश्वरी अकेली नहीं हैं। 70 साल की चिरौंजी बाई ने मिट्टी के बर्तन बेचकर साढ़े चार लाख रुपये जमा किए, लेकिन सारे पैसे चिटफंड कंपनी हजम कर गई। ज़िन्दगी भर की पूंजी लेकर कंपनी चंपत हो गई। चिरौंजी बाई कहती हैं कि वो मीठी-मीठी बातें करता था, उसकी बातों में आ गई। साढ़े चार लाख रुपये ले गया। अब उम्मीद जगी है क्योंकि मंत्री का बेटा गिरफ्तार हुआ है औऱ उसका भी नाम आया है।



इस तरह के सैकड़ों लोगों को रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद, सागर औऱ सीहोर ज़िलों में चूना लगाने वाली कंपनी का नाम है श्रद्धा सबूरी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड। इस कंपनी में 51 फीसदी शेयर होल्डिंग के साथ डायरेक्टर हैं मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव। इसके अलावा प्रमुख आरोपी बसंत उपाध्याय को एक साल पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उसे हाईकोर्ट से ज़मानत मिल गई है। दो और आरोपियों के खिलाफ अरेस्ट वारंट निकला है लेकिन वो पेश नहीं हुये। मंत्री पुत्र को मगर अदालत से ज़मानत मिल गई।



आरोपी के वकील विजय धाकड़ का कहना है कि कोर्ट ने ये माना है कि बसंत उपाध्याय अकेला आरोपी नहीं है। इसमें पुलिस ने अभिषेक भार्गव (मंत्री पुत्र) को बचाया है। आरोपी बसंत के आवेदन पर ही अभिषेक को न्यायालय ने आरोपी बनाया है।

एक अऩुमान के मुताबिक चिटफंड कंपनी ने आम लोगों के 35 करोड़ रुपये का गबन किया है। शुरुआत में तो लोगों को उनकी जमा रकम पर बैंक से ज्यादा ब्याज़ देकर भरोसा जीतते हैं, फिर जब बड़ी रकम जमा हो जाती है तो रफूचक्कर हो जाते हैं।

चिटफंड कंपनियों की ठगी की ये हिन्दुस्तान की पहली घटना नहीं है। लेकिन इस घटना में मध्य प्रदेश के कद्दावर मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे का नाम आने से मामला संगीन हो गया है। गोपाल भार्गव के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बहुत मीठे रिश्ते तो नहीं हैं। जाहिर है कि चिटफंड की चिंगारी राजनीति के गलियारों में भी आग लगायेगी।
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