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हरियाणा में उग्र हुआ आरक्षण आंदोलन, प्रदर्शनकारियों ने लगाई स्कूल-मॉल में आग

हरियाणा में उग्र हुआ आरक्षण आंदोलन, प्रदर्शनकारियों ने लगाई स्कूल-मॉल में आग

प्रदर्शनकारियों के उग्र हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की।

प्रदर्शनकारियों के उग्र हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की।

प्रदर्शनकारियों के उग्र हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की।

    रोहतक। सरकारी नौकरियों में ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाट समुदाय के लोगों ने आज यहां हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से संबंधित एक स्कूल और एक शॉपिंग मॉल को आग लगा दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने एक स्कूल, आरएन मॉल और निकट की दुकानों को आग के हवाले कर दिया।

    इससे पहले आंदोलनकारियों ने मंत्री के घर, बीजेपी विधायक मनीष कुमार ग्रोवर के कार्यालय को आग लगा दी थी। मनोहर लाल खट्टर सरकार में वित्त मंत्रालय संभाल रहे अभिमन्यु ने कहा कि राज्य में कई स्थानों पर आगजनी से वह दुखी हैं।

    लोगों से शांति की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे के समाधान के पक्ष में है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रोडवेज की वर्कशॉप, चार सरकरी बसों में भी लगा दी। रोहतक में कर्फ्यू लगा और देखते हुए गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।

    प्रदर्शनकारियों के उग्र हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की। वहीं शीर्ष केंद्रीय मंत्रियों- राजनाथ सिंह, मनोहर पर्रिकर, सुषमा स्वराज और अरूण जेटली ने हरियाणा के हालात की समीक्षा की।


    इससे पहले जाट आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने राज्य में जमकर बवाल मचाया। रोहतक में प्रदर्शनकारियों ने बंदूक की दुकान लूटी है। साथ ही मुनक नहर की सप्लाई रोक दी। बता दें इस नहर का पानी दिल्ली में आता है। सप्लाई रूक जाने से दिल्ली में पानी की किल्लत हो सकती है।


    वहीं रोहतक और भिवानी के शहरी इलाकों में कई जगह कर्फ्यू लगा दिया गया है। देखते ही गोली मारने ने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 8 जगहों पर सेना को तैनात करने की नौबत आ गई है। रोहतक, जिंद,झज्जर, भिवानी, हिसार, कैथल, सोनीपत, पानीपत और करनाल में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं। कहीं आगजनी हो रही है तो कहीं बेकाबू प्रदर्शनकारियों पर पुलिस को गोली चलानी पड़ रही है। पुलिस की फायरिंग में एक शख्स की मौत हो गई है, जबकि 9 घायल हैं। सवाल ये कि क्या इस तरह से हिंसा पर उतारू होने से आरक्षण मिल जाएगा?

    कहीं प्रदर्शन, कहीं हंगामा और कहीं वाहनों की लंबी कतार तो कहीं रेलवे ट्रैक जाम। आज पूरे हरियाणा की तस्वीर कमोबेश ऐसी ही दिखी। 14 फरवरी से शुरू हुए इस आंदोलन ने हरियाणा को पूरी तरह हाईजैक कर लिया है। हर बढ़ते दिन के साथ आरक्षण की आग और भड़कती जा रही है।

    जाट आंदोलन का सबसे ज्यादा असर रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल और हिसार में देखने को मिल रहा है, जहां पिछले कई दिनों से मुख्य सड़कें और रेलवे ट्रैक ब्लॉक है। करीब 920 से ज्यादा बस सेवाएं ठप्प पड़ी है। हिंसात्मक आंदोलन के चलते कई जिलों में स्कूल कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। प्रदर्शन की वजह से दिल्ली से चंडीगढ़, अंबाला-जम्मू और पंजाब जाने वाली ट्रेनें प्रभावित हैं। सोनीपत में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली अंबाला रेलवे ट्रैक को ब्लॉक किया।

    रोहतक में तो आंदोलन ज्यादा ही उग्र है। यहां गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़-फोड़ कर दी और पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। यहां 50 पुलिसवालों को करीब 1 घंटे भर बंधक बनाए रखा गया जो बाद में मुश्किल से हाथ-पैर जोड़कर बच कर निकलने में कामयाब रहे। जाट प्रदर्शनकारियों ने SP रोहतक की कार भी तोड़ दी। रोहतक में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की जिसमें कई घायल हो गए।

    धीरे-धीरे आंदोलन सिरसा तक पहुंच चुका है। यहां भी जाट आरक्षण की मांग लेकर प्रदर्शन हुए। मामले को शांत करने कि लिए मुख्यमंत्री खट्टर ने सभी दलों से के साथ बैठक कर जाट समुदाय से आंदोलन को खत्म करने की अपील की। हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर लगातार हो रहे प्रदर्शनों को लेकर खट्टर सरकार ने कमेटी का गठन किया है। जो 31 मार्च तक रिपोर्ट देगी। सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष के तेवर भी थोड़ा नरम नजर आ रहे हैं।

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। दरअसल, जाट नेता अपनी कम्युनिटी के लिए ओबीसी कैटेगरी में आरक्षण चाहते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार इस पर राजी नहीं है। गुरुवार को जाट नेताओं की सीएम खट्टर के साथ 4 घंटे बैठक चली। इसके बाद उन्होंने इकोनॉमिकली बैकवर्ड क्लासेस का कोटा 10 से 20 पर्सेंट बढ़ाने का ऐलान किया, ताकि जाट कम्युनिटी को उसमें शामिल किया जा सके जाट नेताओं ने यह ऑफर ठुकरा दिया।

    इसके बाद से आंदोलन लगातार उग्र होता चला गया। हालांकि ओबीसी कोटे में जाटों की आरक्षण की मांग को सुप्रीम कोर्ट ठुकरा चुका है। जिसके लिए जाट नेता सरकार को जिम्मेदार मान रहे है कि उनक पक्ष सही तरीके से नहीं रखा गया है।

    (खबर भाषा के साथ)

    Tags: Manohar Lal Khattar, Rohtak, गुड़गांव, हरियाणा

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