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इस तकनीक से हेयर ट्रांसप्लांट कराया तो पता भी न चलेगा कि आप कभी गंजे थे

इस तकनीक से हेयर ट्रांसप्लांट कराया तो पता भी न चलेगा कि आप कभी गंजे थे

मात्र 4-6 घंटे के फोलीक्यूलर यूनिट तकनीक से हुए हेयर ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन के बाद खुद नहीं पहचान पाएंगे कि आप कभी गंजे थे। खास बात यह है कि खुद के ही पीछे के हिस्से के बालों को जड़ के साथ अब ट्रांसप्लांट किया जा रहा है, जो जीवन भर न सिर्फ बरकरार रहते हैं बल्कि ग्रो भी करते हैं।

मात्र 4-6 घंटे के फोलीक्यूलर यूनिट तकनीक से हुए हेयर ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन के बाद खुद नहीं पहचान पाएंगे कि आप कभी गंजे थे। खास बात यह है कि खुद के ही पीछे के हिस्से के बालों को जड़ के साथ अब ट्रांसप्लांट किया जा रहा है, जो जीवन भर न सिर्फ बरकरार रहते हैं बल्कि ग्रो भी करते हैं।

मात्र 4-6 घंटे के फोलीक्यूलर यूनिट तकनीक से हुए हेयर ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन के बाद खुद नहीं पहचान पाएंगे कि आप कभी गंजे थे। खास बात यह है कि खुद के ही पीछे के हिस्से के बालों को जड़ के साथ अब ट्रांसप्लांट किया जा रहा है, जो जीवन भर न सिर्फ बरकरार रहते हैं बल्कि ग्रो भी करते हैं।

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    आगरा। मात्र 4-6 घंटे के फोलीक्यूलर यूनिट तकनीक से हुए हेयर ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन के बाद खुद नहीं पहचान पाएंगे कि आप कभी गंजे थे। खास बात यह है कि खुद के ही पीछे के हिस्से के बालों को जड़ के साथ अब ट्रांसप्लांट किया जा रहा है, जो जीवन भर न सिर्फ बरकरार रहते हैं बल्कि ग्रो भी करते हैं। इन बालों को आप पहले की तरह शैम्पू कर सकते हैं, तेल लगा सकते हैं। यहां तक की सिर को मुड़ा भी दें तो यह बाल फिर उग आएंगे। कॉस्मेटिक सर्जरी की इस आधुनिक तकनीक का लाभ जाने माने अभिनेता, नेता और फिल्म स्टार ले रहे हैं। हेयर पेच में जहां ज्यादा देखभाल और कुछ वर्ष बाद रिपीट कराने, ज्यादा देखभाल और सर्विस की वजह से सक्षम लोग इसका खूब लाभ ले रहे हैं।

    फतेहाबाद रोड स्थित होटल डबल ट्री (हिल्टन) में कॉस्मेटिक सर्जरी पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन ( इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी) में भाग लेने आए कलकत्ता के डॉ. मनोज खन्ना ने यह जानकारी दी। अब तक लगभग पचास हजार लोगों में हेयर ट्रांसप्लांट कर चुके डॉ. खन्ना कहते हैं कि पहले पंच तकनीक से हेयर ट्रांसप्लांट किए जाते थे। इसमें एक जगह गुच्छे से नजर आने के कारण अलग से पता चलता था कि हेयर ट्रांसप्लांट कराए हैं या फिर बाल नकली हैं। लेकिन अब पोलीक्यूलर यूनिट तकनीक के जरिए अपने ही एक-एक बाल को जड़ के साथ प्लांट किया जाता है। एक सिटिंग में पांच हजार बाल तक प्लांट किए जा सकते हैं।

    मोदी और नवाज शरीफ ने भी कराया है हेयर ट्रांसप्लांट: रवि शास्त्री, अरुण लाल, यूसूफ पठान, हर्षा भोगले सहित तमाम क्रिकेटर और अभिनेताओं के हेयर ट्रांसप्लांट कर चुके डॉ. मनोज खन्ना बताते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व नवाज शरीफ हेयर ट्रांसप्लांट करा चुके हैं। वह 450 महिलाओं में भी हेयर ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। महिलाओं में गंजापन तो नहीं लेकिन बाल पतले होने की वजह से हेयर ट्रांसप्लांट के मामले आ रहे हैं। वह कहते हैं कि बदलती जीवन शैली, तनाव प्रदूषण जैसे कारणों ने अन्य रोगों की तरह गंजेपन के मामलों को भी बढ़ा दिया है।

    जेनेटिक कारणों से नहीं झड़ते पीछे के बाल: गंजापन हमेशा जेनेटिक कारणों की वजह से सिर के आगे और बीच के हिस्से में होगा है। यानि पीछे (गर्दन के ऊपर के हिस्से) के बाल नहीं झड़ते हैं। यदि इन बालों को कहीं भी ट्रांसप्लांट किया जाए तो वह भी ताउम्र बरकरार रहते हैं। इसी कारण से अब व्यक्ति के खुद के पीछे के बालों को गंजेपन वाले भाग में ट्रांप्लांट किया जा रहा है। बालों के ट्रांसप्लांट कराने की कीमत 50 हजार से तीन लाख तक हो सकती है।

    व्यक्ति की खुशी को बढ़ा देती है सफल कॉस्मेटिक सर्जरीः डॉ. कान्टोस: एक सफल कॉस्मेटिक सर्जरी व्यक्ति की खुशी और आत्मविश्वास को बढ़ा देती है। इसलिए कॉस्मेटिक सर्जन पर बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वह कैसे सर्जरी के दौरान होने वाले कॉम्पलीकेशन को कम करें। ग्रीस के डॉ. वाकिस कांटोस ने फेस लिफ्ट सर्जरी के दौरान होने वाले कॉम्पलीकेसन से बचने पर अपना प्रिजेन्टेशन देते हुए यह बात कही। उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में तकनीकि तौर पर उन तरीकों को बताया जिससे सर्जरी के दौरान कॉम्पलीकेशन को कम किया जा सकता है।

    Tags: आगरा

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