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कर्नाटक पंचायत चुनाव में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को बढ़त

कर्नाटक पंचायत चुनाव में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को बढ़त

बीते 12 फरवरी और 20 फरवरी को दो चरणों में हुए तालुक पंचायत एवं जिला पंचायत चुनाव के बाद मतगणना जारी है। सभी जिला मुख्यालयों पर मतगणना की शुरुआत आज सुबह आठ बजे हुई

बीते 12 फरवरी और 20 फरवरी को दो चरणों में हुए तालुक पंचायत एवं जिला पंचायत चुनाव के बाद मतगणना जारी है। सभी जिला मुख्यालयों पर मतगणना की शुरुआत आज सुबह आठ बजे हुई

बीते 12 फरवरी और 20 फरवरी को दो चरणों में हुए तालुक पंचायत एवं जिला पंचायत चुनाव के बाद मतगणना जारी है। सभी जिला मुख्यालयों पर मतगणना की शुरुआत आज सुबह आठ बजे हुई

    बेंगलूरू। बीते 12 फरवरी और 20 फरवरी को दो चरणों में हुए तालुक पंचायत एवं जिला पंचायत चुनाव के बाद मतगणना जारी है। सभी जिला मुख्यालयों पर मतगणना की शुरुआत आज सुबह आठ बजे से शुरू हुई। शुरूआती रुझानों के मुताबिक कांग्रेस आगे चल रही है, बीजेपी दूसरे नंबर पर है।

    जमीनी स्तर के इन चुनावों के नतीजों को वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि ये नतीजे न सिर्फ जनता के राजनीतिक मूड का संकेत देंगे बल्कि जनता के मन में सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के प्रति बनी धारणा को भी दिखाएंगे।

    हालांकि इन नतीजों से सिद्धरमैया सरकार पर असर नहीं पड़ने वाला लेकिन यदि पार्टी की हार होती है तो पार्टी के भीतर मौजूद विरोधियों को अपने नेतृत्व के खिलाफ हमला बोलने का मौका मिल जाएगा। इसकी वजह यह भी है कि हाल में तीन विधानसभा क्षेत्रों में से दो में हुए चुनाव में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा था।

    सिद्धरमैया ने कहा है कि इन चुनावों के नतीजे उनकी सरकार के प्रदर्शन पर जनमत-संग्रह नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि नगर निकायों के मुद्दे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बहस का विषय बनने वाले मुद्दों से अलग होते हैं। 12 फरवरी को हुए पहले चरण के चुनाव में कुल 74.37 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 15 जिलों में हुए दूसरे चरण के चुनाव में 68 से 70 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान 530 जिला पंचायत सीटों पर और 1936 तालुक पंचायत सीटों के लिए हुआ।

    जिला पंचायत चुनाव में कुल 2,159 उम्मीदवार और तालुक पंचायत सीटों पर 6,457 उम्मीदवार मैदान में थे। सभी तीन बड़े राजनैतिक दलों- कांग्रेस, भाजपा और जद(एस) ने अपने धुंआधार प्रचार अभियानों के जरिए मतदाताओं को लुभाने की पुरजोर कोशिश की है।

    कांग्रेस ने जहां सिद्धरमैया के दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए घोषित कल्याणकारी कार्यक्रमों को रेखांकित करके मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की, वहीं भाजपा ने सभी मोचरें पर सरकार की ‘विफलता’ के इर्दगिर्द अपना प्रचार अभियान चलाया। जद (एस) ने मतदाताओं को लुभाने के लिए क्षेत्रीय दल बनाम राष्ट्रीय दल की बहस छेड़ी।

    Tags: BJP, Congress

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