आधार कार्ड लिंक कराने के बहाने लूट लिए सवा लाख रुपये 

Farha Fatima
Updated: October 13, 2017, 3:16 PM IST
आधार कार्ड लिंक कराने के बहाने लूट लिए सवा लाख रुपये 
मुंबई के रहने वाले शाश्वत गुप्ता हाल ही में ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हुए हैं.
Farha Fatima
Updated: October 13, 2017, 3:16 PM IST
'आधार कार्ड से लिंक करें'

हम सभी पिछले एक-दो सालों से अपने आधार को हर चीज़ से लिंक करने में जुटे हैं. जिसमें बैंक-अकाउंट से आधार लिंक, पैन नंबर से आधार लिंक और अब हमें मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करने की हिदायत मिली है. जिसे करते हुए हमें लगता है कि हम नियमों को फॉलो कर रहे हैं. पर कुछ फ्रॉड हमसे भी चार कदम आगे हैं. ऐसे ही फ्रॉड्स में से एक ने हाल ही में मुंबई के रहने वाले शाश्वत गुप्ता को अपना शिकार बनाया.

शाश्वत गुप्ता एक प्राइवेट फर्म में काम करते हैं. उनसे फोन नंबर को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए कहा गया और इसी बीच उनके साथ 1.3 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई. शाश्वत ने पूरा किस्सा फेसबुक के ज़रिए शेयर किया.

शाश्वत ने लिखा- और एक हादसे में मेरा सैलरी अकाउंट लूटा गया.

हाय guys! मैंने अपने आईसीआईसीआई बैंक के सैलरी अकाउंट से 1.3 लाख रूपये की राशि खो दी. एक धोखेबाज ने एयरटेल से होने का दावा करते हुए मुझे अल्टीमेटम दिया कि अगर मैंने अपने आधार कार्ड को सिम से लिंक नहीं कराया तो कंपनी मेरे सिम को डी-एक्टिवेट और नंबर को हमेशा के लिए ब्लॉक कर देगी. उन्होंने मुझसे रिक्वेस्ट की कि मैं अपना सिम कार्ड नंबर 121 (आधिकारिक एयरटेल सर्विस नंबर) पर मैसेज करूं, जिससे बिना किसी परेशानी के मेरा सिम कार्ड री-एक्टिवेट कर दिया जाएगा. मुझे नहीं मालूम था कि धोखेबाज मेरे सिम को clone करेगा और मेरी सारी मेहनत की कमाई लूट लेगा. जिसमें मेरा फिक्स्ड डिपॉजिट्स भी थे, जिन्हें मैं अपने मुश्किल वक्त के लिए जोड़ रहा था.

क्या इस सब की जरूरत मेरे आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट की सिक्युरिटी तोड़ने के लिए थी? क्या हमने इतनी कमजोर तकनीक बनाई हैं? मुझे हमेशा लगता था कि हमारा बैंक अकाउंट सुरक्षित है. मैं इसी भ्रम में था कि अगर कोई मेरे बैंक अकाउंट, डेबिट कार्ड या जैसी जानकारी मांगता है, जो केवल मेरे पास है तो सुरक्षित है, तो मैं उसे नहीं दूंगा.

मुझे लगता था कि मैं अपनी जिंदगी के हर मिनट में उसकी सुरक्षा कर रहा हूं. लेकिन सच्चाई यह है कि सभी संवेदनशील जानकारियां पहले से ही आपराधिक दुनिया भर में तैर रही हैं, क्योंकि आईसीआईसीआई जैसे प्यारे बैंक भी सिर्फ हमारे पास ही नहीं रहना चाहते, हमारा क्या होगा!

विश्वास नहीं हो रहा कि किसी के अकाउंट से पैसे चुराना कितना आसान हो गया है. फ्रॉडर्स अपने मतलब के लिए लॉक तोड़ने के लिए हर ट्रिक अपना रहे हैं.



इसका सबसे खराब हिस्सा ये है कि पहले दिन की लूट के बाद भी आईसीआईसीआई बैंक बाकी रकम की रक्षा करने में सक्षम नहीं था. सर्विस रिक्वेस्ट लेने के 18 घंटों बाद ( S/R 497438380 ), कस्टमर केयर और ब्रांच पर दुबारा कार्रवाई के बाद, बैंक मेरी बाकी रकम को भी सेफ नहीं रख सका. नतीजतन अगली सुबह फ्रॉड आसानी से बाकी रकम ले जाने में भी सक्षम था.

डियर आईसीआईसीआई बैंक, क्या आपकी सर्विसेज संकट में समाप्त हो जाती हैं ? या आप ग्राहकों की शिकायतों और आगे होने वाले नुकसान को रोकते हैं?

आईसीआईसीआई बैंक को यह समझने की जरूरत है कि धोखेबाज़ इस तरह और भी अकाउंट ब्रेक कर सकते हैं. वे सिर्फ बैंक अकाउंट नहीं, किसी की ज़िंदगी ही तोड़ देते हैं. बैंक मेरा अकाउंट सुरक्षित रखने में नाकामयाब रहा और नुकसान के लिए वही ज़िम्मेदार हैं. इसलिए मैं आईसीआईसीआई बैंक से मेरी पाई-पाई चुकाने की मांग करता हूं.

मैं अपने दोस्तों से भी ये कहना चाहता हूं कि धोखेबाज़ों से सावधान रहें. जिन लोगों के बारे में हम ये सोचते हैं कि वे हमें सुरक्षा दे रहें हैं, असल में वो ही हमसे पंगा ले रहे होते हैं.

साश्वत की फेसबुक पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
First published: October 13, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर