बिलासपुर में चीतल का शिकार करने वाले चार संदिग्ध गिरफ्तार, जानवर का मांस और फंदा बरामद

वन विभाग की टीम ने शिकारियों को मारे गए नर चीतल के शव और शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य सामानों के साथ पकड़ा है

वन विभाग की टीम ने शिकारियों को मारे गए नर चीतल के शव और शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य सामानों के साथ पकड़ा है

वन विभाग (Forest Department) की टीम ने छापेमारी कर शिकारियों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक नर चीतल का शव बरामद किया है. आरोपियों ने अचानकमार टाइगर रिजर्व (Achanakmar Tiger Reserve) में 0.22 बोर गन से इस नर चीतल का शिकार करने की बात कबूल की है

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 9:26 PM IST
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बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) में चार संदिग्ध शिकारियों को चीतल के मांस के साथ गिरफ्तार किया गया है. वन विभाग (Forest Department) को अचानकमार टाइगर रिजर्व (Achanakmar Tiger Reserve) से लगे शिवतराई ग्राम के कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा वन क्षेत्र में बिजली का तार लगाकर वन्य प्राणियों का शिकार (Wild Animals Hunting) करने की जानकारी मिली थी. सूचना पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने तीन टीमें गठित कर शनिवार को रात्रि आठ बजे से शिवतराई ग्राम के आस-पास के क्षेत्रों में गश्त किया. उन्होंने शिकारियों द्वारा छोड़े गये साक्ष्य (सबूत) के आधार पर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की. देर रात लगभग ढाई बजे वन विभाग की टीम ने दो व्यक्तियों विवेक नेल्शन और नेक्सन जार्ज को बाइक पर लगभग 10 किलो चीतल के मांस ले जाते हुए पकड़ा.

आरोपियों ने पूछताछ में अपने अन्य साथियों संतोष पोर्ते, सुरेश उरांव और मुन्ना यादव के बारे में बताया. इसके बाद रविवार सुबह वन विभाग की टीम ने सर्च वारंट जारी कर डाॅग स्क्वायड के माध्यम से आरोपियों के घर पर छापा मारा. यहां अपराधी संतोश पोर्ते के घर से लगभग 25 किलो चीतल का मांस और काटने में उपयोग किये गये धारदार हथियार बरामद किया. वहीं, आरोपी मुन्ना यादव के घर में तीन धनुष, जी.आई वायर और क्लच वायर जब्त की गई.

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार एक अन्य आरोपी भुवनेश्वर पोर्ते ने पूछताछ में बताया कि उसने जी.आई तार के माध्यम से जंगल में गैर-कानूनी रूप से विद्युत प्रवाहित कराया था. शिकारियों के पास से एक नर चीतल का शव बरामद किया गया है. उन्हें 0.22 बोर गन से इस नर चीतल का शिकार करने की बात कबूल की है.

अवैध शिकार मामले में गिरफ्तार सभी अपराधियों के विरूद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर न्यायालय के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है. वन विभाग की टीम फरार तीन अन्य शिकारियों की तलाश कर रही है.
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