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Chhapra News: प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से रेल टिकट बुकिंग करते दलाल गिरफ्तार, 2 साल में 3 करोड़ का चुके थे धंधा

छपरा में गलत ई टिकट के गोरखधंधे का पर्दाफाश
छपरा में गलत ई टिकट के गोरखधंधे का पर्दाफाश

आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों दलालों के द्वारा प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर रेड बॉल तथा अड्डा (Red ball and adda ) का इस्तेमाल किया जाता था एवं पर्सनल आईडी से ई टिकट (E-Ticket) बना कर यात्रियों से बेचा जाता था,

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छपरा. पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंक्शन रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने तीन करोड़ रुपए के ई टिकट (E-Ticket) के अवैध कारोबार कर चुके एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इसके साथ ही इस मामले में धंधे में संलिप्त दो दलालों को भी गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि रेलवे सुरक्षा बल के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अतुल कुमार श्रीवास्तव तथा मंडल सुरक्षा आयुक्त अभिषेक के निर्देश पर आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय के नेतृत्व में जिले के मसरख थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित डॉ नरेंद्र सिंह के मकान में छापेमारी की गयी. वहां संचालित एआईसीटी कंप्यूटर वर्क से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया जिसमें पानापुर थाना क्षेत्र के धनौती गांव निवासी रूपेश कुमार सिंह तथा प्रिंस कुमार सिंह शामिल है.

आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों दलालों के द्वारा प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर रेड बॉल तथा अड्डा का इस्तेमाल किया जाता था एवं पर्सनल आईडी से ई टिकट बना कर यात्रियों से बेचा जाता था, जिसके एवज में प्रति यात्री 200 से 500 रूपये अतिरिक्त राशि की वसूली की जाती थी.

दलालों के पास से तीन लैपटॉप, एक प्रिंटर, 4 मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, एक मॉनिटर, दो बुकिंग रजिस्टर, ब्लूटूथ डोंगल, माउस आदि बरामद किया गया है. साथ ही एडवांस बुक किए गए ₹30800 मूल्य के 14 टिकट एवं उपयोग किए गए 11496 रुपए के 10 टिकट भी बरामद किया गया. छापेमारी दल में उप निरीक्षक अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल कुमार प्रियरंजन, कांस्टेबल उमेश चंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार आदि शामिल थे.



जांच में यह बात सामने आई है कि 3 वर्षो के अंदर इन दोनों दलालों के द्वारा करीब तीन करोड़ रुपए की ई टिकट की अवैध ढंग से बुकिंग का कारोबार किया गया है और रेलवे को राजस्व की क्षति हुई है. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यूपीआई नेट बैंकिंग के माध्यम से भुगतान कर प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर खरीदा गया था.
पकड़े गए दोनों युवकों का नेटवर्क जिले के अलावा कई अन्य स्थानों पर फैला हुआ है. इस गिरोह से जुड़े ई टिकट की बुकिंग करने वाले अन्य धंधे वालों को गिरफ्तार करने के लिए भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. इस मामले में आरती यश में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है.

बताया जाता है कि प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के माध्यम से आईआरसीटीसी के वेबसाइट को हैक कर लिया जाता था और कंफर्म ई टिकट की बुकिंग की जाती थी. सॉफ्टवेयर हैक करने के कारण सामान्य यात्री टिकट बुकिंग करने से वंचित रह जाते हैं तथा आईआरसीटीसी के द्वारा अधिकृत एजेंट भी टिकट की बुकिंग नहीं कर पाते हैं.

आईआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक करने के लिए इन दलालों के द्वारा रेड बॉल तथा अड्डा नामक प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता था. इसके पहले भी कई हैकर पकड़े जा चुके हैं, जिनके द्वारा रेड बॉल, रेड मिर्ची, आईबॉल, अड्डा समेत कई अन्य प्रकार के प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है.
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