कामाख्या एक्सप्रेस में लावारिस बैग से मिली 1.10 करोड़ की जाली करेंसी, घंटों नोट गिनती रही पुलिस

GRP और RPF ने चेकिंग अभियान के दौरान कामाख्या एक्स्प्रेस ट्रेन की एक बोगी के पास रखे पिट्ठू बैग को बरामद किया जिसमें एक करोड़ की जाली करेंसी रखी थी

GRP और RPF ने चेकिंग अभियान के दौरान कामाख्या एक्स्प्रेस ट्रेन की एक बोगी के पास रखे पिट्ठू बैग को बरामद किया जिसमें एक करोड़ की जाली करेंसी रखी थी

जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की टीम नोटों से भरे पिट्ठू बैग को लेकर जीआईपी डीडीयू कोतवाली पहुंची. यहां नोटों को निकालकर उनकी काउंटिंग की गई तो एक करोड़ 20 हजार रुपये बरामद किया गया. बाद में बरामद रकम को बैंककर्मियों को दिखाया गया तो पता चला यह सभी नोट असली न होकर जाली (Fake Currency) हैं

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चंदौली. दिल्ली से असम जा रही कामाख्या एक्सप्रेस (Kamakhya Express) से लावारिस बैग में एक करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं. जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की टीम ने चेकिंग अभियान (Search Operation) के दौरान यह बरामदगी की. जाली नोटों (Fake Currency) के साथ 10 हजार रुपये के असली नोट भी बरामद किए गए हैं. आशंका जताई जा रही है इनका इस्तेमाल असम और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में होना था. फिलहाल डीडीयू जीआरपी, आरपीएफ के अलावा आईबी और अन्य खुफिया एजेंसियां इसकी जांच में जुटी हैं.

दरअसल यह पूरा मामला सोमवार की दोपहर का है जब महाशिवरात्रि त्योहार के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ की टीम दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चला रही थी. इस दौरान दिल्ली से असम जा रही कामाख्या एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान बी-4 कोच के बर्थ नंबर 34 के समीप एक लावारिस पिट्ठू बैग मिला. आसपास के यात्रियों से पूछताछ की गई लेकिन किसी को भी बैग के बारे में जानकारी नहीं थी. जिसके बाद रेलवे पुलिस ने इस लावारिस बैग को खोलकर चेक किया तो उसमें दो-दो हजार रुपये के नोट देख वो हैरान रह गई.

पुलिस नोटों से भरे पिट्ठू बैग को लेकर जीआईपी डीडीयू कोतवाली पहुंची. यहां नोटों को निकालकर उनकी काउंटिंग की गई तो एक करोड़ 20 हजार रुपये बरामद किया गया. बाद में बरामद रकम को बैंककर्मियों को दिखाया गया तो पता चला यह सभी नोट असली न होकर जाली हैं. नोटों के बंडल में केवल दो-दो हजार रूपये के पांच नोट ही असली निकले.



बहरहाल इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिलने के पीछे की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. लेकिन इसको पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है.
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