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YES Bank से अस्‍पताल बनाने के नाम पर ल‍िया 312 करोड़ का लोन, हेराफेरी से यहां कर द‍िए ट्रांसफर

YES Bank से अस्‍पताल बनाने के नाम पर ल‍िया 312 करोड़ का लोन, हेराफेरी से यहां कर द‍िए ट्रांसफर

आर्थ‍िक अपराध ब्रांच ने 312 करोड़ रुपए के हेराफेरी के गोरखधंधे का पर्दाफाश क‍िया है.  (सांकेतिक तस्वीर)

आर्थ‍िक अपराध ब्रांच ने 312 करोड़ रुपए के हेराफेरी के गोरखधंधे का पर्दाफाश क‍िया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Delhi Crime: आर्थ‍िक अपराध ब्रांच (EOW) ने 312 करोड़ रुपए के हेराफेरी के गोरखधंधे का पर्दाफाश क‍िया है. आरोपियों ने अस्‍पताल के निर्माण के लिए यस बैंक से 312 करोड़ रुपए कर्ज के रूप में ले लिया, उन पैसों का अस्‍पताल बनाने में उपयोग नहीं किया किया. इस मामले में जांच में जुटी पुलिस को बैंक द्वारा दिए गए 312 करोड़ में से 208 करोड़ रुपए अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर ट्रांसफर किए जाने का पता चला.

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    नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की आर्थ‍िक अपराध ब्रांच (Economic Offences Wing) ने 312 करोड़ रुपए के हेराफेरी के गोरखधंधे का पर्दाफाश क‍िया है. इस मामले में ब्रांच ने इस धोखाधड़ी के आरोप में तीन आरोप‍ियों को भी ग‍िरफ्तार क‍िया ज‍िन्‍होंने यह इतनी बड़ी रकम येस बैंक (YES Bank) से लोन के रूप में ली थी. इसको गुरुग्राम (Gurugram) में अस्‍पताल बनाने के ल‍िए ल‍िया गया था. लेक‍िन अस्‍पताल बनाने के ल‍िए इसका उपयोग नहीं क‍िया गया. एक श‍िकायत के आधार पर ईओडब्‍लू ने इस पूरे मामले का खुलासा क‍िया है. तीनों आरोपि‍यों की पहचान गाजियाबाद के यतीश वहल, सतीश कुमार और गुरुग्राम के राहुल सिंह यादव के रूप में हुई है.

    द‍िल्‍ली पुल‍िस के ईओडब्‍लू के अत‍िर‍िक्‍त पुल‍िस आयुक्‍त आरके स‍िंह ने बताया क‍ि इस संबंध में शिकायत दी गई थी जि‍समें पीड़ित डॉ. राजीव कुमार शर्मा ने नयति हेल्थ केयर एंड रिसर्च एनसीआर प्राईवेट लिमिटेड (Nayati Healthcare and Research NCR Pvt Ltd) और इसके डायरेक्टर यतीश वहाल, सतीश कुमार नरूला और अन्य पर आरोप लगाते हुए बताया कि वो नयति हेल्थ केयर प्राईवेट लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सहित 6.3 प्रतिशत शेयर होल्डर हैं.

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    यह कंपनी पहले ओएसएल हेल्थ केयर प्राईवेट लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी और इसमें उनका 49 प्रतिशत शेयर था. इसके डायरेक्टर चंदन मिश्रा, चर्चित मिश्रा के साथ मिलकर गुरुग्राम में एक हॉस्पिटल बनाने वाले थे, जिसके लिए व‍िम्‍हांस (VIMHANS) और ओएसएल (OSL) हेल्थ केयर प्राईवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर क‍िए गए थे.

    साथ ही पीड़ित को प्रोफेशनल फी के रूप में 30 लाख रुपए प्रति माह दिए जाने का भी वादा किया गया था. गुरुग्राम में अस्पताल के निर्माण कार्य के दौरान OSL हेल्थ केयर प्राईवेट लिमिटेड को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा. जिस वजह से इसके मेजोरिटी शेयर होल्डर डायरेक्टरों ने इसे नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राईवेट लिमिटेड कंपनी जो कि नयति हेल्थ केयर एंड रिसर्च एनसीआर प्राईवेट लिमि‍टेड की होल्डिंग कंपनी है, को 99 करोड़ में बेच दिया.

    इसके बाद दोनों नए डायरेक्टर कंपनी का नाम बदलकर न‍िर्णय खुद ही लेने लगे. धोखे से उन्होंने शिकायतकर्ता के 49 प्रतिशत शेयर को कंपनी में 6.3 प्रतिशत कर दिया और उनके प्रोफेशनल फी 15 करोड़ 28 लाख रुपए भी नहीं दी. आरोपियों ने अस्‍पताल के निर्माण के लिए यस बैंक से 312 करोड़ रुपए कर्ज के रूप में ले लिया, उन पैसों का अस्‍पताल बनाने में उपयोग नहीं किया किया.

    इस मामले में जांच में जुटी पुलिस को बैंक द्वारा दिए गए 312 करोड़ में से 208 करोड़ रुपए अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन (Ahluwalia Construction) कंपनी के नाम पर ट्रांसफर किए जाने का पता चला. इस एकाउंट को राहुल सिंह द्वारा ऑपरेट किया जाता था. आगे की जांच में पुलिस को पता चला कि पैसों की हेराफेरी के उद्देश्य से इस डमी एकाउंट को खोला गया था.

    अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी एक जानी मानी कंपनी है और उसके माल‍िक ने बताया कि वो गुरुग्राम में एक साइट पर काम कर रहे हैं, पर वो प्रोजेक्ट अभी अधूरा है. उसके लिए उन्हें 10 करोड़ रुपए ही दिए गए हैं. पुलिस को पैसों के हेराफेरी के उद्देश्य से किए गए ट्रांजेक्शन का पता चलने पर एसीपी रमेश कुमार नारंग की देखरेख में इंस्पेक्टर नितिन कुमार के नेतृत्व में सब इंस्‍पेक्‍टर प्रवीण बड़सरा, चेतन मंडिया, अश्विनी कुमार, अजय कुमार और अमित कुमार के अलावा एएसआई धर्मेंद्र, कॉन्स्टेबल वीरपाल और कॉन्स्टेबल ललित की टीम ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में आगे की जांच जारी है.

    Tags: Crime News, Delhi Crime, Delhi Crime Branch, Delhi police, EOW, Yes Bank

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