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वो पिछली बार अगवा की गई थी तब 4 महीने हुआ था रेप, अब क्या होगा?

सांकेतिक चित्र

सांकेतिक चित्र

बिहार के एक छोटे शहर की लड़की की कहानी जो पिछले साल पढ़ाई के लिए पटना गई थी, लेकिन कॉलेज पहुंचने से पहले उसका अपहरण कर लिया गया और 4 महीनों की यातना के बाद वह भागकर घर पहुंची. इस लड़की के साथ यही कहानी दोहराई जा रही है.

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दोस्त जन्म से तो मिल नहीं जाते, किसी अजनबी से मुलाकात होती है और बातचीत के बाद दोस्ती हो जाती है. भारती भी जब ट्रेन में रमाशंकर से मिली तो उसे बातचीत करने के बाद लगा कि दोस्ती हो सकती है. अनुभव की कमी, गलत परख या बुरी किस्मत जो भी था, भारती दोस्ती के परदे में बिछे एक जाल में फंसी और उसकी ज़िंदगी ने ऐसा मोड़ लिया जो भारती की मौत तक भी पहुंच सकता है.

बिहार के छोटे से शहर बेतिया में रहने वाली भारती के सपने बड़े थे. वह पढ़ लिखकर कुछ करना चाहती थी. आसपास की और लड़कियों की तरह पढ़ाई छोड़कर, शादी कर लेना और फिर कम उम्र में ही बच्चे पैदा करना उसकी ज़िंदगी का मकसद कभी नहीं था. उसने जब और पढ़ने की ख्वाहिश परिवार में ज़ाहिर की तो उसके बड़े भाई प्रेम ने उसका साथ दिया. कुछ ही दिनों भारती के मां-बाप राज़ी हो गए और अब भारती ने 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद कॉलेज छांटना शुरू किया.

बिहार की राजधानी पटना के एक कॉलेज से डिग्री लेने का इरादा भारती ने बनाया और अपने घर में बताया. पटना में कुछ रिश्तेदार थे और भारती की यह बात भी उसके परिवार ने मान ली. सब कुछ तय हो गया और भारती के पटना जाने का दिन आ गया. साल 2017 के अगस्त महीने में भारती ट्रेन से पटना जा रही थी. ट्रेन में उसकी मुलाकात एक लड़के से हुई जिसका नाम रमाशंकर था. रमा की बातें दिलचस्प थीं और वह पटना के बारे में काफी जानकारी रखता था.

बातों-बातों में भारती को यकीन हो गया था कि रमा एक अच्छा और शरीफ लड़का है और यह भी महसूस हुआ कि रमा पटना में उसकी कई तरह से मदद भी कर सकता है. ट्रेन के सफर में हुई जान-पहचान इतनी आगे तो बढ़ ही गई कि दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिये और पटना में कॉंटेक्ट में रहने का करार कर लिया. पटना पहुंचकर भारती ने एक कॉलेज में एडमिशन के लिए फॉर्म भरने जैसे कामकाज करना शुरू किए तो उसे पता चला कि एडमिशन होने में कुछ दिनों का वक्त लगेगा.

थोड़ा वक्त वह अपनी पढ़ाई और किताबों की व्यवस्था करने में गुज़ारती तो रोज़ थोड़ा वक्त घर में. फिर एक दिन उसके नंबर पर रमाशंकर का फोन आया और उसने हाल चाल पूछने के बाद भारती के एडमिशन के बारे में पूछा और कहा कि वह कोई मदद कर सकता हो तो भारती बेहिचक कहे. इसी तरह दोनों की बातें होने लगीं और दो-चार दिन बाद ही रमाशंकर ने भारती को मिलने के लिए बुलाया. इस बीच, भारती अपने भाई से अक्सर बातचीत किया करती थी और रमाशंकर के बारे में भी भाई को उसने बताया था. भारती उससे बातचीत करने में कम्फर्टेबल हो चुकी थी इसलिए वह मिलने गई. बस यही भारती की गलती थी.

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जब भारती बताई हुई जगह पहुंची तो उसने देखा कि उस जगह कोई खास चहल-पहल नहीं थी. यह भारती की दूसरी गलती थी कि वह ऐसी जगह चली आई थी. यहां रमाशंकर के साथ उसका भाई उमाशंकर और दोस्त सोनू था. रमाशंकर ने दोनों का परिचय करवाया और भारती से कहा कि वह उनके साथ उनके घर चले. भारती ने मना कर वहां से जाना चाहा लेकिन बहुत देर हो चुकी थी. तीनों ने भारती को पकड़ा और मुंह बंद कर उसे जबरन अपने साथ ले गए. भारती को यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसके साथ ऐसा हो सकता है.

यह ठिकाना बस्ती से कुछ अलग था जहां भारती को अगवा कर लाया गया था. यहां पहुंचकर भारती मौका मिलते ही चीख पड़ती थी इसलिए उसे काबू करने के लिए पहले तो उसका मुंह एक कपड़ा ठूंसकर बंद कर दिया गया. फिर तीनों ने मिलकर उसे पकड़ा और रमाशंकर ने एक इंजेक्शन भारती को लगाया. कुछ देर छटपटाने के बाद भारती निढाल हो गई. भारती को चक्कर आने लगे थे और उसकी आंखें नहीं खुल पा रही थीं. न वह बेहोश हो पा रही थी और न ही होश में रह गई थी.

यहीं भारती की मुसीबत खत्म नहीं हुई थी. आधे होश में वह देख पा रही थी कि तीन साये उसकी तरफ बढ़ रहे थे. तीनों ने बारी-बारी से भारती के साथ बलात्कार किया. भारती पूरे होश में नहीं थी इसलिए वह कोई पुरज़ोर विरोध नहीं कर पाई. बस, कराहती और सिसकती रही. यह सब भारती के साथ यहां पहली बार हुआ था लेकिन अभी कितनी बार और होना था, इसका अंदाज़ा तक भारती को नहीं था.


भारती को रमाशंकर की कैद में कुछ दिन हो चुके थे और उसके साथ रूटीन में यही सब हो रहा था. पहले उसे ड्रग्स का इंजेक्शन दिया जाता था और फिर उसके साथ बलात्कार किया जाता था. इधर, कुछ दिनों से भारती अपने भाई प्रेम और परिवार के कॉंटेक्ट में नहीं थी. जब किसी के ज़रिये भारती का कुछ पता नहीं चला तो उसके भाई ने 17 अगस्त 2017 को रिपोर्ट लिखवा दी. पुलिस ने तलाशने का आश्वासन दिया. इधर, भाई रोज़ पुलिस के चक्कर काटता कि उसकी बहन का कुछ पता चला और उधर, भारती कैद में घुटती रहती.

देखते ही देखते भारती को रमाशंकर की इस कैद में तीन महीने से ज़्यादा हो चुके थे. रमाशंकर ने इस दौरान भारती से कई बार प्यार का इज़हार किया लेकिन भारती के दिल में उसके लिए सिर्फ नफरत थी. रमाशंकर उसे बेच देने की धमकी भी देता और जान से मार डालने की भी लेकिन भारती जिस जहन्नुम से गुज़र रही थी, उसने तय कर लिया था कि अब इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता इसलिए उसने हर बार रमाशंकर की हर धमकी को दरकिनार करते हुए उसे दुत्कारा ही.

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अब भारती यहां से भागने की फिराक में रहती थी और एकाध बार नाकाम कोशिश कर चुकी थी. आखिरकार 4 दिसंबर को भारती को एक मौका मिला. उसे ड्रग्स का इंजेक्शन देकर रमाशंकर और सोनू कहीं चले गए. उमाशंकर वहीं भारती की निगरानी के लिए था. तभी उमाशंकर के पास कोई फोन आया तो उसे भी कहीं जाना था. उमाशंकर की फोन पर बात सुन रही भारती ने नशे में बेहोश होने का नाटक किया. उमाशंकर ने भारती को चेक किया तो उसे लगा कि भारती बेहोश है और वह थोड़ी देर में लौट आएगा.

उमाशंकर के जाते ही रस्सियों से बंधी भारती ने एहतियात से किसी तरह खुद को आज़ाद किया और फिर आसपास देखकर खिड़की, दरवाज़ों और दीवारों से कूदकर वहां से भागने का रास्ता पकड़ा. नशे का असर अब भी बाकी था इसलिए वह लड़खड़ा भी रही थी लेकिन उसे पता था कि ऐसा मौका मिलना मुश्किल है इसलिए उसने हिम्मत नहीं छोड़ी और वह भाग खड़ी हुई. आलमगंज इलाके में पहुंचकर उसने अपने घर फोन किया और भाई प्रेम को अपनी खबर देकर फौरन उसे वहां बुलाया.


प्रेम ने वहां पहुंचने से पहले पुलिस को खबर दी और भारती से पुलिस के पास जाने को कहा. पुलिस ने भारती से जब पूछताछ की तो उसने सारी कहानी बयान की. 5 दिसंबर को पुलिस ने कोर्ट में भारती के बयान दर्ज करवाए जिसमें उसने रमाशंकर और उसके साथियों का नाम बताकर अपनी कहानी सुनाई. इसके बाद पुलिस एक्शन में आई और तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भारती अपने भाई और परिवार के साथ अपने घर यानी बेतिया लौट गई.

चहचहाती और मुस्कुराती भारती अब यहां उदास, गुमसुम और कुछ बीमार सी पड़ी रहती थी. घर में उसकी हालत सुधर तो रही थी लेकिन धीरे-धीरे. इसी बीच डरी, सहमी सी रहने वाली भारती को खबर मिली कि पुलिस ने रमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया है. यह खबर पाकर भारती को कुछ सुकून हुआ लेकिन उसे खुद पर हुए अत्याचार के मंज़र अब भी दिखाई देते थे और वह उन डरावनी पुरानी यादों से उबरने की कोशिश कर रही थी.

इधर, रमाशंकर को जेल गए करीब एक महीना गुज़रा था कि भारती के पास फोन आया और उसे धमकी दी गई कि वह रमाशंकर के खिलाफ केस वापस ले वरना उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा. भारती इस फोन के बाद बेहद घबरा गई और उसने प्रेम को इस बारे में बताया. प्रेम फिर पुलिस के पास गया और यह जानकारी दी. पुलिस ने आश्वासन दे दिया लेकिन इस तरह के धमकी भरे फोन आने का सिलसिला थमा नहीं.

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'सबको मार डालेंगे', 'तुझे फिर उठवा लेंगे', 'तेरी जान ले लेंगे'... हर बार फोन पर इस तरह की धमकियां भारती और उसके परिवार को लगातार मिल रही थीं और उधर, पुलिस इसे गंभीरता से नहीं ले रही थी. महीनों गुज़र चुके थे और धमकियां जारी थीं. इधर, प्रेम कई बार पुलिस के पास जाकर उन्हें यह सब बता चुका था. थाने में किसी ने प्रेम से यह तक कह दिया कि 'अरे यार, इतने महीने हो गए, कुछ हुआ क्या? कुछ नहीं होगा, काहे को परेशान हो रहा है.'

5 जुलाई 2018 को भारती अपने घर में अपनी मां के साथ थी. परिवार के बाकी लोग अपने अपने काम पर गए थे. तभी दिन दहाड़े बेतिया के भारती के घर पर चार-पांच नकाबपोशों ने हथियार लेकर धावा बोला और भारती को काबू में कर लिया. मां ने जब भारती को बचाने की कोशिश की तो उसे धक्का देकर गिरा दिया और उसे धमकी भरे शब्द बोले गए -

इतने दिनों से कह रहे थे लेकिन बात नहीं मानी, अब भुगतो. अब देखना तुम्हारी लड़की के साथ क्या होता है. और सुन बुढ़िया, जैसे तेरी लड़की को ले जा रहे हैं ना, अगर बात नहीं मानी तो वैसे ही किसी दिन तेरे लड़कों को भी ले जाएंगे.


भारती की मां चीखती और गिड़गिड़ाती रही और ये नकाबपोश भारती को उठाकर एक गाड़ी में लेकर चले गए. भारती को दोबारा अगवा किए जाने के बाद भी लगातार उसके परिवार को धमकियां दी गईं. तकरीबन एक हफ्ता बीतने के बाद भारती के परिवार के पास एक फोन पहुंचा जिसमें भारती के चीखने की आवाज़ें सुनाई दीं.

भारती ज़िंदा है भी या नहीं? पहले की तरह ही ड्रग्स के इंजेक्शन और बलात्कार का शिकार तो वह हो ही रही होगी लेकिन इस बार यह शक भी है कि कहीं उसकी हत्या न कर दी गई हो. अगवा की गई लड़की के भाई का कहना है कि उसे डर है कि उसकी बहन का कत्ल न कर दिया गया हो और उसे यह भी डर है कि उसे और उसके परिवार पर कभी भी जानलेवा हमला हो सकता है. इस कहानी में पीड़िता और उसके परिवार की वास्तविक पहचान ज़ाहिर नहीं की गई है. इधर, पुलिस का कहना है कि पीड़िता को छुड़ाने और आरोपियों को पकड़ने के लिए कोशिश की जा रही है.

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