इज़्ज़त बचाने के लिए की थी लव मैरिज, लेकिन इस दांव में पति की जान गई

वह लड़की अपने घर में ही महफूज़ नहीं थी. रिश्तेदार ही उस लड़की को शिकार बनाने की फिराक में था. बिहार के भागलपुर की इस कहानी में लड़की की लव मैरिज को हत्या का कारण ज़ाहिर तो किया गया लेकिन अस्ल वजह कुछ और थी.

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: December 5, 2018, 8:32 PM IST
इज़्ज़त बचाने के लिए की थी लव मैरिज, लेकिन इस दांव में पति की जान गई
सांकेतिक चित्र
Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: December 5, 2018, 8:32 PM IST
शाम के धुंधलके में नदी किनारे पहुंची मनीषा फिर उदास थी. नदी किनारे पर खेतों के बीच एक छोटी सी टेकरी थी, जहां वीरेंद्र उसका इंतज़ार कर रहा था. दोनों अक्सर यहीं मिला करते थे और कुछ वक्त बातचीत करते बिताते थे. मनीषा ने उदासी का सबब वही बताया, जो पहले भी कुछेक बार बता चुकी थी. एक दीवार थी, जिसे तोड़ने के फैसले पर दोनों पहुंचे लेकिन वही दीवार दोनों के रिश्ते पर ऐसी गिरी कि वीरेंद्र मारा गया और मनीषा फिर उदासी के बोझ में दब गई.

READ: वो सॉरी कह देती तो शायद न मर्डर होता, न सुसाइड!

मनीषा : कोई मुझे छूता है तो मुझे कैसा लगता है? ये तो मैं ही समझ सकती हूं ना! बाकी तो वही समझेंगे, जो दिख रहा होगा.
वीरेंद्र : लेकिन मनीषा, मेरा डर तो कुछ और ही है. कभी मौका पाकर अगर वह ज़्यादा ही आगे बढ़ गया तो?

मनीषा : इसलिए तो वीरेंद्र मुझे उस घर में डर लगता है. हमेशा कोशिश करती हूं कि अकेली न पड़ूं. घुट-घुट कर रहती हूं, अम्मा को बताया तो मानती नहीं, मुझे ही डांटती है. तुम मुझे इस नरक से निकाल लो वीरेंद्र.

वीरेंद्र ने सब कुछ सब्र के साथ सुना और मनीषा को हिम्मत बंधाते हुए जल्द ही कोई रास्ता निकालने की बात कही. अंधेरा होने को था, इसलिए फिर कुछ सब्ज़ी भाजी लेती हुई मनीषा घर लौट गई. वीरेंद्र में मनीषा को सहारा नज़र आता था. इसी साथ ने मन ही मन कहीं प्रेम का रूप ले लिया था. मनीषा जब घर पहुंची तो सिर्फ अम्मा और चाचा रमेश घर पर थे. मनीषा के आते ही, उसकी अम्मा ने चूल्हा चौंका उसे सौंपा और किसी काम से पड़ोस जाने लगी.

अम्मा को जाते देख मनीषा का दिल धक से रह गया. उसने मना किया लेकिन अम्मा ज़रा देर में लौटने की बात कहकर चली गई. छोटी बहन पूजा ट्यूशन पढ़ने गई थी और मनीषा सहमी हुई चूल्हे के पास बैठी हाथ में चिमटा और जो कुछ भी वहां था, लिये तैयार बैठी थी. रसोई के बाहर आंगन में बैठा रमेश कुछ ही पलों बाद मनीषा को ताड़ने लगा था. वहीं बैठे हुए उसने बात छेड़ी.
Loading...

Bihar murder case, honor killing, murder in Bhagalpur, beheaded body, bihar news, बिहार हत्याकांड, आॅनर किलिंग, भागलपुर में हत्या, सिरकटी लाश, बिहार समाचार

रमेश : पानी देगी? या मुझे ही उठकर लेना पड़ेगा? ...अरे सांप सूंघ गया क्या? बोलती क्यों नहीं? इतना डरती काहे है मुझसे?
मनीषा : मेरे पास न आना चाचा, वहीं रहो. आग के पास बैठी हूं, यहां आए तो तुम्हें जला डालूंगी या खुद को.
रमेश : ये बात है! देखना किसी दिन मेरा दांव लगेगा तो तेरा क्या हाल करूंगा.

अस्ल में, मनीषा का चाचा रमेश उसे जिन नज़रों से देखता था और उसके साथ जिस तरह से हरकतें करता था, मनीषा को फूटी आंख न सुहाती थीं. उसे हमेशा धड़का लगा रहता था कि उसका चाचा कहीं उसके साथ ऐसा कुछ न कर बैठे, कि वह कहीं की न रहे. उधर, रमेश हमेशा मौके की तलाश में रहता और मनीषा को छेड़ने की तरकीबें सोचता रहता. सबके सामने ही वह चाचा भतीजी के रिश्ते की आड़ में कभी उसका हाथ मसक देता तो कभी गाल. सबको लगता कि यह चाचा का लाड़ है, लेकिन सच तो मनीषा जानती थी.

इन हालात में सहमी हुई मनीषा अक्सर वीरेंद्र को ये सब बताती. दोनों के बीच बचपन की जान-पहचान हमदर्दी से होती हुई लगाव में बदल गई. इसी साल जुलाई के महीने में जब मनीषा को रमेश ने शिकार बनाने की कोशिश की तो मनीषा किसी तरह बचती हुई वीरेंद्र के पास पहुंची और उसने अब किसी नतीजे पर पहुंचने की ठान ली. दोनों के पास अपने-अपने घरों पर लंबी बात करने का वक्त नहीं था इसलिए दोनों ने शादी कर ली.

Bihar murder case, honor killing, murder in Bhagalpur, beheaded body, bihar news, बिहार हत्याकांड, आॅनर किलिंग, भागलपुर में हत्या, सिरकटी लाश, बिहार समाचार

वीरेंद्र और मनीषा दोनों को एहसास था कि उनके इस कदम को दोनों के घरवाले मंज़ूर कर लेंगे क्योंकि जात-पात को लेकर कोई बड़ा संकट था नहीं. हुआ भी यही कि दोनों के घर वालों ने थोड़ी सी नाक-भौं सिकोड़ने के बाद रिश्ता कबूल कर लिया. अब मनीषा किसी और की हो चुकी थी और यह बात रमेश को भीतर तक भेद गई. इधर, मनीषा को लगा कि शादी कर लेने से रमेश की बला टल गई.

दूसरी तरफ, रमेश ने अपना गेम शुरू किया. उसने प्रेम विवाह का विरोध किया और जात-बिरादरी में नाक कट जाने जैसी बातें कह-कहकर सबको मनीषा के खिलाफ भड़काना शुरू किया. रमेश का मकसद यही था कि मनीषा किसी तरह वापस चली आए ताकि उसके मंसूबे कामयाब हो सकें. लेकिन, सिवाय रमेश के कोई इस बात को गंभीरता से नहीं ले रहा था. फिर भी, रमेश ने कुछ साथियों और रिश्तेदारों को अपने हक में कर मनीषा के इस कदम का विरोधी बना लिया था.

इसी साल 20 अगस्त को शादी के बाद वीरेंद्र के साथ मनीषा अपने मायके आई थी. बेटी के आने से घर में रौनक थी. मनीषा और छोटी बहन पूजा के बीच काफी बातचीत हुई और जीजा-साली के बीच भी हंसी मज़ाक चलता रहा. मनीषा के माता-पिता पहले ही किसी पूजा के लिए देवघर जा चुके थे और शाम तक चहल पहल वाले घर में अचानक कोई किसी तो कोई किसी काम से घर से यहां वहां चला गया और वीरेंद्र घर में अकेला रह गया.

इस घर के माहौल पर नज़र रखी जा रही थी और वीरेंद्र के अकेले होने की खबर लगते ही रमेश अपने पांच साथियों के साथ पहुंचा. अंधेरा हो चुका था इसलिए रमेश ने वीरेंद्र पर टॉर्च चमकाई. आंखें चुंधियाते ही रमेश ने आंखों पर हाथ रखा तो उसके दोनों कंधों पर दो वार हुए. वीरेंद्र नीचे गिर पड़ा. सबने मिलकर उसका मुंह बंद किया और ज़बरदस्ती उसे फौरन घर से उठाकर ले गए. लेकिन, दरवाज़े से निकलते हुए इन लोगों को कुछ दूर के मोड़ से पूजा ने देख लिया.


आंधी की रफ्तार से ये लोग अपनी गाड़ी में वीरेंद्र को भरकर वहां से रफूचक्कर हो गए. एक सुनसान जगह ले जाकर रमेश ने साथियों के साथ मिलकर वीरेंद्र को मौत के घाट उतार दिया. इतना ही नहीं बल्कि अपना मंसूबा नाकाम होने की वजह से गुस्से से भरे रमेश ने वीरेंद्र की लाश का सिर काट दिया. सिरकटी लाश को वहीं सुनसान इलाके में झाड़ियों में फेंक दिया और कटे सिर को गंगा नदी में बहा दिया.

Bihar murder case, honor killing, murder in Bhagalpur, beheaded body, bihar news, बिहार हत्याकांड, आॅनर किलिंग, भागलपुर में हत्या, सिरकटी लाश, बिहार समाचार

रमेश ने सबसे फरार और गायब हो जाने को कहा और खुद भी भागलपुर से भाग गया. लेकिन, पूजा ने इन लोगों में से दो को पहचान लिया था. तीन दिन बाद एक सिरकटी लाश मिलने पर कपड़ों और कुछ सामान से पहचान हुई कि लाश वीरेंद्र की थी. तब पूजा के बयानों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और वीरेंद्र की साज़िशन हत्या रमेश ने की, यह पता चल गया. नवंबर के आखिरी हफ्ते में छह आरोपियों में से एक और गिरफ्तार हुआ लेकिन रमेश अब भी फरार है.

उधर, वीरेंद्र की हत्या की खबर के बाद से ही मनीषा का बुरा हाल हो गया. प्रेम विवाह के विरोध में आॅनर किलिंग का रूप देकर की गई रमेश की हत्या के पीछे का सच मनीषा को पता था और मनीषा ने हत्याकांड के बाद सबको यह बता भी दिया. मनीषा अब भी समझ नहीं पा रही है कि वह अपने चाचा से बच पाने में कामयाब हुई या नाकाम!

ये भी पढ़ें

पति पत्नी और पॉर्न: पति की 'गंदी आदत' से परेशान बीवी को लगे कई झटके
मृत्यु-परीक्षा : पति ने कहा क्या चुनोगी? उसने चुनी प्रेमी की हत्या!
डबल मर्डर: बच्ची की लाश नदी से मिली, तब पता चला कहां दफन थी मां की लाश?

PHOTO GALLERY : कत्ल की स्क्रिप्ट लिख रहे दिमाग फोन पर अपडेट कर रहे थे हर कदम
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर