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    जयपुर: फर्जी कैंडिडेट बनकर देते थे कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, 11 गिरफ्तार

    पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
    पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

    जयपुर पुलिस ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों (Fake Candidate) के गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

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    सौरभ गृहस्थी

    जयपुर. पिंक सिटी जयपुर की कमिश्नरेट स्पेशल टीम और नाहरगढ़ थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजस्थान पुलिस द्वारा आयोजित करवाई जा रही पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (Constable Recruitment Examination) में असली की बजाय फर्जी परीक्षार्थियों को बिठाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया. गैंग के कुल 11 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं. एडिशनल डीसीपी क्राइम सुलेश चौधरी ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना प्राप्त हुई की राजस्थान पुलिस द्वारा आयोजित करवाई जा रही कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में असली अभ्यर्थियों के स्थान पर नकली अभ्यर्थी बैठाने वाला गैंग जयपुर में नकल कराने आ रही है.



    एडिशनल डीसीपी ने बताया सूचना मिलने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई. टीम ने कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना बलराम और देवी सिंह सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेजों के साथ 28 कोविद 19 घोषणा पत्र की कॉपी भी मिली है.
    ऐसे चलाते थे पूरा रैकेट

    गैंग के सदस्य 6 असली अभ्यर्थियों के स्थान पर फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा देने पटना से प्लेन के जरिए दिल्ली लाए और फिर दिल्ली से बाय रोड जयपुर पहुंचे थे. गैंग का एक अन्य सरगना चेतराम कुमावत अभी फरार चल रहा है जिसकी तलाश में पुलिस की टीम दिल्ली में दबिश की कार्रवाई को अंजाम देने भेजी गई है. गैंग के सदस्य असली अभ्यर्थियों से साढे तीन लाख रुपए लेने के बाद उन्हें परीक्षा में पास कराने की गारंटी देकर परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाते थे. फिलहाल गिरफ्त में आए गैंग के सरगना और अन्य सदस्यों से पुलिस पूछताछ में जुटी है.

    पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि अंकित , कुंदन और देवी सिंह का काम परिक्षा केंद्रों के बाहर रहकर असली परीक्षार्थियों के परिजनों से पैसे लेने के साथ निगरानी करने का काम था, जबकि मनीष कुमार का कमिशन पर बिहार में फर्जी परीक्षार्थियों को तैयार करने का काम था. मास्टर माइंड बलराम का काम फर्जी आधार कार्ड तैयार करने का काम कर्ता था. पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी और खुलासे होने वाली है.







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