झालावाड़: पत्नी और तीन बच्चों की जहर देकर हत्या करने वाले को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

भोजन में जहर मिलाकर खिलाने के बाद हत्यारे शाकिर ने अपनी बीवी और बच्चों का रस्सी से गला घोंट दिया था

भोजन में जहर मिलाकर खिलाने के बाद हत्यारे शाकिर ने अपनी बीवी और बच्चों का रस्सी से गला घोंट दिया था

आठ अक्टूबर, 2019 को शाकिर नाम के सिरफिरे शख्स ने रात्रि के समय अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर देकर और बाद में रस्सी से उनका गला घोंटकर हत्या कर दी थी. इसी मामले में बुधवार को भवानीमंडी के अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ प्रभात अग्रवाल ने अपना फैसला सुनाते हुए दोषी ठहराए गए शाकिर को फांसी की सजा (Death Penalty) सुनाई

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 3, 2021, 10:36 PM IST
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झालावाड़. राजस्थान के झालावाड़ (Jhalawar) जिले की भवानीमंडी कोर्ट ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की जहर देकर हत्या करने वाले सिरफिरे शख्स को फांसी की सजा (Death Penalty) सुनाई है. यह मामला अक्टूबर 2019 का है. घटना सुनेल थाना क्षेत्र के ढाबला खींची गांव की है. भवानीमंडी एडीजे कोर्ट (ADJ Court) के लोक अभियोजक लोकेश गुप्ता ने बताया कि आठ अक्टूबर, 2019 को आरोपी युवक शाकिर ने रात्रि के समय अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर देकर और बाद में रस्सी से उनका गला घोंटकर हत्या कर दी थी. वारदात को अंजाम देने के बाद वो मौके से फरार हो गया था.

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे युवक शाकिर को गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में सुनेल थाना पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर गवाहों के बयान करवाए थे. इसी मामले में बुधवार को भवानीमंडी के अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ प्रभात अग्रवाल ने अपना फैसला सुनाते हुए दोषी ठहराए गए शाकिर को फांसी की सजा सुनाई.

बता दें कि दोषी शाकिर ने कर्ज होने के चलते अपने परिवार के लोगों की हत्या कर दी थी और फरार हो गया था. जानकारी मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी और फारेंसिक टीम ने क्राइम सीन पर पहुंचकर सबूत जुटाए थे. हत्यारे की तलाश में कई पुलिस टीमें रवाना की गई थी. वारदात के कुछ दिनों के बाद आरोपी शाकिर को गिरफ्तार कर लिया गया था. पुलिस ने पूरे मामले की जांच-पड़ताल और अनुसंधान के बाद न्यायालय में चालान पेश किया था. सारे मामले में गवाहों के बयान और अपराध की गंभीरता को देखते हुए भवानी मंडी के अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. प्रभात अग्रवाल ने आरोपी शाकिर को दोषी ठहराते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई. अपने फैसले में जज ने लिखा है कि हत्यारे के गले में रस्सी डालकर उसे तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उसके प्राण न निकल जाएं.
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