अपना शहर चुनें

States

साढ़े तीन साल बच्ची से रेप के दोषी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा, 20 हजार जुर्माना भी लगाया

कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया व्यक्ति वारदात वाले दिन बच्ची को उठाकर सुनसना जगह ले गया था और यहां उसने उसके साथ रेप किया था (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया व्यक्ति वारदात वाले दिन बच्ची को उठाकर सुनसना जगह ले गया था और यहां उसने उसके साथ रेप किया था (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बच्ची से बलात्कार (Child Rape) की यह वारदात 10 अक्टूबर, 2018 को हुई थी. मनोहरथाना थाना क्षेत्र के चांदपुरा गांव में साढ़े तीन साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया था. पुलिस ने जानकी लाल लोधी के विरुद्ध बच्ची से रेप का मामला दर्ज किया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2021, 10:36 PM IST
  • Share this:
झालावाड़. राजस्थान के झालावाड़ (Jhalawar) की एडीजे पॉक्सो अदालत ने साढ़े तीन साल की बच्ची से रेप (Minor Girl Rape) मामले में अपना फैसला सुनाते हुए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सुनाई है. कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड (जुर्माना) का भी लगाया है. मासूम बच्ची से बलात्कार (Child Rape) की यह वारदात 10 अक्टूबर, 2018 को हुई थी. मनोहरथाना थाना क्षेत्र के चांदपुरा गांव में साढ़े तीन साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया था. पुलिस ने जानकी लाल लोधी के विरुद्ध बच्ची से रेप का मामला दर्ज किया था.

कोर्ट ने दोषी जानकी लाल लोधी को उसके प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में सजा काटने का फैसला सुनाया है.

झालावाड़ पॉक्सो कोर्ट दो के विशिष्ट लोक अभियोजक लालचंद मीणा ने शनिवार को बताया कि जिले के मनोहरथाना थाना क्षेत्र के चांदपुरा गांव में वर्ष 2018  में जानकी लाल लोधा ने गांव की ही बच्ची के साथ रेप किया था. वारदात वाले दिन पीड़िता गांव में दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी, इस दौरान दोषी व्यक्ति मौका देखकर बच्ची को उठाकर दूसरे स्थान पर ले गया. यहां उसने मासूम बच्ची के साथ गलत काम किया. इस सारे मामले में आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया था, जिसमें गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य (सबूत) के आधार पर शनिवार को पॉक्सो कोर्ट संख्या दो के जज अनीश दाधीच ने फैसला सुनाते हुए जानकी लाल लोधा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही उस पर 20 हजार रूपए का अर्थदंड भी लगाया. दोषी को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में ही सजा भुगतने का दंड सुनाया गया है. (तरुण शर्मा की रिपोर्ट)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज