Home /News /crime /

कूड़े में पड़े बैग के अंदर मिला नवजात बच्ची का शव

कूड़े में पड़े बैग के अंदर मिला नवजात बच्ची का शव

न तो गर्भ में और न ही घर में, कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं बेटिया। फिर वो घरेलू हिंसा हो, छेड़खानी, रेप या हत्या जैसा संगीन अपराध। नवरात्र पर भी हमारे समाज का वहशीपन कम नहीं होता। एक ओर जहां कन्याओं की देवी रूप में आराधना होती है, वहीं दूसरी ओर बेटियों को पैदा होते ही मार डालता है समाज। राजधानी लखनऊ में चैत्र नवरात्र की सप्तमी के दिन भी ऐसा ही दर्दनाक मंजर देखने को मिला।

न तो गर्भ में और न ही घर में, कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं बेटिया। फिर वो घरेलू हिंसा हो, छेड़खानी, रेप या हत्या जैसा संगीन अपराध। नवरात्र पर भी हमारे समाज का वहशीपन कम नहीं होता। एक ओर जहां कन्याओं की देवी रूप में आराधना होती है, वहीं दूसरी ओर बेटियों को पैदा होते ही मार डालता है समाज। राजधानी लखनऊ में चैत्र नवरात्र की सप्तमी के दिन भी ऐसा ही दर्दनाक मंजर देखने को मिला।

न तो गर्भ में और न ही घर में, कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं बेटिया। फिर वो घरेलू हिंसा हो, छेड़खानी, रेप या हत्या जैसा संगीन अपराध। नवरात्र पर भी हमारे समाज का वहशीपन कम नहीं होता। एक ओर जहां कन्याओं की देवी रूप में आराधना होती है, वहीं दूसरी ओर बेटियों को पैदा होते ही मार डालता है समाज। राजधानी लखनऊ में चैत्र नवरात्र की सप्तमी के दिन भी ऐसा ही दर्दनाक मंजर देखने को मिला।

अधिक पढ़ें ...
    न तो गर्भ में और न ही घर में, कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं बेटिया। फिर वो घरेलू हिंसा हो, छेड़खानी, रेप या हत्या जैसा संगीन अपराध। नवरात्र पर भी हमारे समाज का वहशीपन कम नहीं होता। एक ओर जहां कन्याओं की देवी रूप में आराधना होती है, वहीं दूसरी ओर बेटियों को पैदा होते ही मार डालता है समाज। राजधानी लखनऊ में चैत्र नवरात्र की सप्तमी के दिन भी ऐसा ही दर्दनाक मंजर देखने को मिला।

    लखनऊ में तालकटोरा इलाके के राजाजीपुरम एफ ब्लॉक में जब लोग पूजा के लिए मंदिर जा रहे थे। तब कूड़े में लोगों को संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ बैग दिखा, जब लोगों ने बैग खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए।

    बैग के अंदर नवजात बच्ची का शव पड़ा हुआ था। लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। फिलहाल पुलिस शव को फेंकने वाले का सुराग लगाने में जुट गई है।

    लोगों का कहना है कि आस-पास के निजी अस्पतालों में अवैध भ्रूण हत्या और नियमों को ताक पर रखकर डिलीवरी भी कराई जाती हैं, जिनमें ज्यादातर भ्रूण और नवजातों के शव बच्चियों के ही होते हैं। अगर इसी तरह बच्चियों की हत्याएं होती रहीं, तो ऐसा न हो की नवरात्र पर कन्या भोज के लिए लड़कियां ही न बचें।

    आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.

    आपके शहर से (लखनऊ)

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर