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कोटा: प्रिंस हत्याकांड में पुलिस ने नाबालिग आरोपी को किया निरुद्ध, आपसी झगड़े में की गई थी हत्या

कोटा जिले में पिछले 5 बरसों में करीब 35 से 40 फीसदी वारदातों में नाबालिगों के शामिल होने के मामले सामने आए हैं.
कोटा जिले में पिछले 5 बरसों में करीब 35 से 40 फीसदी वारदातों में नाबालिगों के शामिल होने के मामले सामने आए हैं.

Prince murder case: पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग को निरुद्ध (Nabbed ) किया है. आपसी झगड़े में प्रिंस की हत्या कर दी गई थी.

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कोटा. शहर के मकबरा इलाके में चाकू मारकर की गई कांग्रेसी नेता के 15 वर्षीय पुत्र प्रिंस की हत्या (Prince murder case) मामले में पुलिस ने एक नाबालिग को निरुद्ध किया है. पुलिस ने नाबालिग के कब्जे से हत्या के काम में लिए गया चाकू और स्कूटी बरामद कर ली है. उससे पूछताछ की जा रही है. प्रिंस की आपसी झगड़े (Mutual fight) में दो दिन पहले हत्या कर दी गई थी.

पुलिस के अनुसार इस मामले में एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है. प्रिंस की हत्या के लिये जिस चाकू का इस्तेमाल किया गया था वह चाइनीज है. हत्या के शिकार हुये प्रिंस और आरोपी के बीच गत चार दिन से छोटी-मोटी बात पर झगड़ा चल रहा था. दो दिन पहले प्रिंस अपने दोस्त रेहान और आवेश के घर गया था. वे तीनों पार्षद के घर के बाहर दुकान के पास बैठे थे. इसी दौरान आरोपी नाबालिग आया और दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोपी वहां प्लानिंग के साथ आया था. उसने तीनों पर चाकू से हमला कर दिया. हमले में प्रिंस के गले में गंभीर घाव होने के कारण उसकी मौत हो गई थी. प्रिंस के दो दोस्तों को भी चाकू लगे थे.

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तनाव की आशंका के कारण तैनात की गई थी आरएसी


प्रिंस की मौत के बाद शहर के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में जबर्दस्त हंगामा हो गया था. उसके बाद एसपी, डीएसपी और सीआई सहित पुलिस का भारी जाब्ता भी तैनात किया गया था. घटना के दूसरे दिन मकबरा इलाके में हंगामे और तनाव की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर आरएसी की दो कंपनियां समेत करीब सौ जवानों को तैनात किया गया था.

अपराधों में नाबालिगों की संलिप्तता लगातार बढ़ रही है
कोटा में गंभीर वारदातों में नाबालिगों के शामिल होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इससे पुलिस के अपराध नियंत्रण के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिले में हत्या,चोरी, डकैती, बलात्कार, जानलेवा हमलों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे वारदातों में नाबालिगों के शामिल होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं. कोटा जिले में पिछले 5 बरसों में करीब 35 से 40 फीसदी वारदातों में नाबालिगों के शामिल होने के मामले सामने आए हैं. इस अवधि में हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में 124 नाबालिग के शामिल होने के मामले सामने आ चुके है. वहीं गत दो बरसों में आधा दर्जन नाबलिगों ने हत्या जैसी गंभीर वारदात को अंजाम दिया. जबकि तीन दर्जन नाबलिगों ने हमले की वारदात को अंजाम दिया है.
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