लाइव टीवी

#SerialKillers: 'सायनाइड मोहन', जिसने 20 महिलाओं को मौत के घाट उतारा

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: June 24, 2018, 7:30 AM IST

पढ़िए भारत के कुख्यात सीरियल किलर की कहानी, जिसने 20 महिलाओं को मौत के घाट उतारा...

  • Share this:
देश दुनिया के सीरियल किलर्स #SerialKillers पर केंद्रित इस विशेष वीकेंड सीरीज़ में आप पिछले सप्ताह और बीते शनिवार अब तक तीन कहानियां पढ़ चुके हैं. इस रविवार पढ़िए भारत के कुख्यात सीरियल किलर की कहानी, जिसने 20 महिलाओं को मौत के घाट उतारा.

अनिता को आनंद से प्यार हुआ, दोनों शादी करना चाहते थे और इसलिए अनिता सब कुछ छोड़कर आनंद के पास चली आई. आखिरी सांस तक एक पल भी अनिता समझ ही नहीं सकी कि प्यार का तो जाल था, शादी बस एक सपना थी, और मकसद सिर्फ सेक्स नहीं था बल्कि बात उसकी जान जाने तक पहुंचने वाली थी.

READ: Serial Killer: काम था दवाएं देना लेकिन वो देता रहा मौत

अनिता के बॉयफ्रेंड आनंद से बातचीत करने के बाद शादी करने के लिए अपने घर से भागी थी. साल 2009 में कर्णाटक के हसन ज़िले के बस स्टैंड पर आनंद ने अनिता को रिसीव किया और बस स्टैंड के पास ही एक होटल में ले आया. यहां दोनों ने आने वाले कल मंदिर में शादी करने की योजना बनाई और दोनों एक दूसरे का साथ पाकर खुश थे. डिनर के बाद दोनों फिर इस कमरे में आ गए.

READ: तैयारी के साथ आता था नकाबपोश, रेप-मर्डर के बाद हो जाता था गायब

हालांकि अनिता चाहती थी कि वह शारीरिक संबंध शादी के बाद बनाए लेकिन आनंद के ज़िद और रोमेंटिक मूड से मजबूर हो गई. उसी रात दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने और आनंद ने उससे अगले ही दिन शादी हो जाने की बात की तो उसकी चिंता जाती रही. अगली सुबह अनिता होटल के कमरे में पूरे सिंगार के साथ तैयार हो रही थी.

सीरियल किलर, सायनाइड मोहन, हत्याकांड, कत्ल, लव सेक्स धोखा, serial killer, cyanide mohan, murder, murder case, love sex dhokha
Loading...

अनिता ने ज़री के बॉर्डर वाली साड़ी पहनी, नये झुमके और कांच की चूड़ियां. फूलों के गजरे से जूड़ा सजाया और नये सैंडल पहने. आज उसकी शादी मंदिर में होने वाली थी और वह उमंग से भरी हुई थी. आनंद शादी के लिए कुछ इंतज़ाम करने की बात कहते हुए होटल से निकल गया और अनिता से थोड़ी देर में बस स्टैंड आने को कहा. वहां से दोनों को साथ मंदिर जाना था.

थोड़ी ही देर में तैयार होकर अनिता बस स्टैंड पहुंची. आनंद वहां उसका इंतज़ार कर रहा था. आनंद ने अनिता से कुछ ही देर में मंदिर जाने की बात कहते हुए अपनी जेब से एक टैबलेट निकाली. यह टैबलेट अनिता को देते हुए आनंद ने बताया कि यह गर्भनिरोधक गोली है. अनिता ने एकाध सवाल किए तो आनंद ने उससे बस स्टैंड के टॉयलेट में जाकर यह टैबलेट खाने को कहा. उसका कहना था कि हो सकता है कि इसे खाने के बाद उसे किसी प्राइवेट किस्म की ज़रूरत महसूस हो.

किसी तरह आनंद ने अनिता को ऐसा करने के लिए मना लिया और उसकी ज्वैलरी भी आनंद ने बाहर ही उतरवा ली. अनिता ने बस स्टैंड के सार्वजनिक टॉयलेट में जाकर वह टैबलेट खा ली. कुछ देर आनंद बाहर इंतज़ार करता रहा. किसी और महिला को टॉयलेट इस्तेमाल करना था लेकिन दरवाज़ा भीतर से बंद था. और इंतज़ार के बाद कुछ महिलाओं ने बाहर से दरवाज़ा पीटना शुरू किया क्योंकि काफी देर से दरवाज़ा बंद था. अंदर से कोई आवाज़ न आने के बाद वहां भीड़ जमा होने लगी.

सीरियल किलर, सायनाइड मोहन, हत्याकांड, कत्ल, लव सेक्स धोखा, serial killer, cyanide mohan, murder, murder case, love sex dhokha

इस भीड़ के जमा होने के बाद आनंद होटल के कमरे में लौटा. वहां उसने अनिता के पूरे सामान की तलाशी ली और फिर काम की चीज़ें रखने के बाद सारा सामान नष्ट कर दिया. थोड़ी ही देर में आनंद ने होटल का कमरा छोड़ दिया और किसी बस में बैठकर किसी और जगह चला गया. उधर, बहुत देर बाद टॉयलेट का दरवाज़ा किसी तरह खोला गया तो भीतर अनिता की लाश बरामद हुई.

ऐसे सुलझी मौत की पहेली
कौन था आनंद? कैेसे हुई अनिता की मौत? इन सवालों के जवाब तलाशने की कहानी 2003 से शुरू हुई थी. 2003 से 2009 के बीच पांच-छह सालों में दक्षिण कर्णाटक के छह शहरों में करीब 20 मामले सामने आए जिनमें युवतियों या महिलाओं की मौत बस स्टैंड के नज़दीक के टॉयलेट के भीतर हुई. इन 20 मौतों के मामलों में काफी कुछ कॉमन था जैसे ये सभी महिलाएं 20 से 30-32 साल की उम्र की थीं. जब लाश बरामद हुई तो सभी ने अच्छी या खास किस्म साड़ी पहनी थी लेकिन ज्वैलरी नहीं. उनके सिंगार से अंदाज़ा होता था कि वो सभी दुल्हन बनी थीं.

इतनी समानताओं के बावजूद पुलिस को कोई अंदाज़ा नहीं था, ऐसा कुछ आसपास के शहरों में हो रहा है. पुलिस को सही जांच के लिए मजबूर होना पड़ा जब 19वें मामले में बात बिगड़ गई. 16 जून 2009 को बंटवाल से 22 साल की अनिता गायब हुई तो हंगामा हो गया. उसके समुदाय के लोगों ने अनिता की गुमशुदगी को सांप्रदायिक रंग दिया और किसी मुस्लिम लड़के पर उसे भगा ले जाने का शक जताया. इसी हंगामे में पुलिस स्टेशन जलाने तक की धमकी इस भीड़ ने दे डाली. तब पुलिस ने एक महीने के भीतर केस सुलझाने का वादा किया.

इसके बाद पुलिस ने तहकीकात शुरू की तो अनिता के फोन कॉल के ज़रिये एक और युवती कावेरी के बारे में पता चला. पुलिस को हैरानी हुई कि कावेरी भी गायब थी. कावेरी केस की जांच से लिंक मिली एक और युवती पुष्पा की और वह भी गायब हो चुकी थी. ऐसे ही पुलिस को एक के बाद एक कई युवतियों के गायब होने की सूचनाएं मिलीं और तस्वीर एक हद तक साफ नज़र आने लगी.


इन तमाम लड़कियों के गायब होने के मामलों की बारीकी से तफ्तीश के दौरान एक कॉमन लिंक पुलिस को मिला कि किसी न किसी तरह सबका संबंध मैंगलूरु के एक गांव से जुड़ा था. इस गांव से कभी न कभी इन गायब हुई लड़कियों को फोन किया गया था या उन्होंने यहां किसी को फोन किया था. अब पुलिस को शक था कि यहां से कोई सैक्स रैकेट संचालित होता है और लड़कियों को इस धंधे में झोंक दिया गया है.

सीरियल किलर, सायनाइड मोहन, हत्याकांड, कत्ल, लव सेक्स धोखा, serial killer, cyanide mohan, murder, murder case, love sex dhokha
इन महिलाओं की मौत के मामले में सायनाइड मोहन को आरोपी माना गया.


इसी गांव पर केंद्रित जांच आगे चली तो गायब हुई एक लड़की की फोन पर धनुष नाम के लड़के से बातचीत होना पाया गया. धनुष से पूछताछ में पता चला कि उसके अंकल प्रोफेसर मोहन कुमार ने उसे फोन दिया था और इस पर उनके लिए कॉल आते थे. अब मोहन की तलाश हुई तो पाया गया कि उन दिनों मोहन बंटवाल की ही एक और लड़की सुमित्रा से फोन पर लंबी बातचीत कर रहा था. पुलिस जब मोहन के पास पहुंची तो जो खुलासा हुआ, उसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए.

प्रोफेसर मोहन ही था 'सायनाइड मोहन'
पुलिस हिरासत में प्रोफेसर मोहन ने जल्द ही खुलासा कर दिया कि गायब हुई 20 लड़कियों की मौत का ज़िम्मेदार वही है. हालांकि मोहन ने शुरुआती पूछताछ में 32 महिलाओं को मारने की बात कही थी लेकिन बाद में इस संख्या से वह मुकर गया. मोहन ने कहा कि वह गरीब परिवारों की शादी की इच्छुक युवतियों को इंप्रेस करता था. उन्हें शादी का झांसा देता था और उसके बाद उन्हें किसी होटल में बुलाता था. वहां उनके साथ सेक्स करने के बाद शादी का प्लैन बनाता था.

सीरियल किलर, सायनाइड मोहन, हत्याकांड, कत्ल, लव सेक्स धोखा, serial killer, cyanide mohan, murder, murder case, love sex dhokha
पुलिस हिरासत में सायनाइड मोहन.


इसके बाद किसी बहाने से सार्वजनिक रेस्ट रूम में उन्हें गर्भनिरोधक गोली खाने के लिए राज़ी कर लेता था. विज्ञान का शिक्षक रहा मोहन इन गोलियों में पहले ही सायनाइड मिला दिया करता था जिससे गोली खाते ही युवतियों की तुरंत मौत हो जाती थी. फिर वह होटल रूम में जाकर इन लड़कियों की ज्वैलरी और कीमती सामान लेकर चंपत हो जाता था.

सीरियल किलिंग को अंजाम देने के लिए उसने एक सुनार से लंबे समय तक ज्वैलरी संबंधी काम लिया और एक केमिकल डीलर से सायनाइड खरीदा. इस डीलर ने बाद में कहा था कि उसने सुनार समझकर मोहन को सायनाइड दिया था जो ज्वैलरी के पॉलिश के काम में इस्तेमाल होता है. दूसरी बात यह कि उस वक्त राज्य में सायनाइड आसानी से सिर्फ 250 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा जा भी सकता था.


इसके अलावा, शातिर मोहन हर बार हर अलग लड़की से आनंद, भास्कर, स्वामी जैसे अलग नामों से मिला करता था. उसके करीब 12 उपनाम सामने आए थे. वह हर लड़की से मिलते वक्त उसकी जाति का ही सरनेम भी बताया करता था और खुद को हमेशा सरकारी नौकरी में होना बताता था. इन तमाम कारणों से लड़कियों को झांसा देने में उसे आसानी होती थी. पुलिस हिरासत में आने के बाद से ही इस हत्यारे को सायनाइड मोहन के नाम से जाने जाना लगा था जिसे 2013 में मौत की सज़ा सुनाई गई.

ये भी पढ़ेंः

Gang War: एक-दूसरे के जानी दुश्मन टिल्लू और गोगी कभी थे दोस्त
इधर आपने कार्ड स्वाइप किया उधर गायब हुई आपकी गाढ़ी कमाई
नदी में फेंकने से पहले लाश जलाई ताकि मिट जाएं सबूत
रेकी कर 1 करोड़ का डाका डाला और अय्याशी करने चले गए गोवा
प्रेमी को लिखी डायरी में Planning और पति के Murder का 'पॉइज़न प्लॉट'

Gallery - CAR हुई थी दुर्घटनाग्रस्त लेकिन उसकी मां का MURDER हुआ था

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए LSD से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 24, 2018, 7:12 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...