होम /न्यूज /crime /मुंबई: सौतेली बेटी से किया रेप, आरोपी को मिली 20 साल की कैद, DNA टेस्ट ने दिलाई सजा

मुंबई: सौतेली बेटी से किया रेप, आरोपी को मिली 20 साल की कैद, DNA टेस्ट ने दिलाई सजा

सौतेली बेटी से रेप को आरोपी को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा. (फाइल फोटो)

सौतेली बेटी से रेप को आरोपी को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा. (फाइल फोटो)

Mumbai Crime News: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने सौतेली बेटी से रेप के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है. आरोपी न ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

सौतेली बेटी से किया दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल की सजा
मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
डीएनए टेस्ट से हुआ था मामले का खुलासा

मुंबई. मुंबई की एक विशेष अदालत ने डीएनए टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर 41 साल के एक व्यक्ति को अपनी सौतेली बेटी के साथ रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई है. आरोपी ने पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया था जिससे वह गर्भवती हो गई थी. हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने बयान से मुकर गई थी.

पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष न्यायाधीश अनीस खान ने मंगलवार को जारी फैसले में कहा कि ऐसी अजीबोगरीब परिस्थितियों में डीएनए टेस्ट मामले की जांच के साथ-साथ अभियुक्तों का आरोप साबित करने का एक प्रभावी जरिया होता है. फैसले की प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई.

2019 से पीड़िता के साथ कर रहा था दुष्कर्म

न्यायमूर्ति खान ने कहा, ‘डीएनए रिपोर्ट स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि आरोपी पीड़िता के गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक पिता था. यह वास्तव में बेहद दुखद है कि एक सौतेले पिता द्वारा 18 साल से कम उम्र की अपनी सौतेली बेटी के साथ एक बहुत ही गंभीर और जघन्य अपराध किया गया है.’ अदालत ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि पीड़िता और उसकी मां बयान से मुकर गई हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि अभियोजन का मामला खारिज हो जाएगा.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी अक्टूबर 2019 से पीड़ित लड़की के साथ दुष्कर्म कर रहा था. जून 2020 में पीड़िता ने अपनी मां को इस बारे में बताया था, जिसके बाद पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी. चिकित्सा जांच के दौरान पता चला था कि पीड़िता 16 हफ्ते की गर्भवती है. बाद में गर्भपात करा दिया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसकी मां अपने बयान से मुकर गई थीं.

ये भी पढ़ें:  डांटने पर छात्र ने की थी आत्महत्या, 13 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक, विभागाध्यक्ष और प्रधानाचार्य को किया बरी

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि न्यायालय के समक्ष दिए बयान में पीड़िता और उसकी मां ने दावा किया था कि आरोपी उनके परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था, इसलिए वे उसे माफ कर जेल से बाहर निकलवाना चाहती हैं. अदालत ने कहा, ‘पीड़िता का बयान इस बात को साबित करने के लिए पर्याप्त है कि वह अपनी मां के भावनात्मक दबाव का सामना कर रही है और इसलिए उसने अपराध होने से इनकार किया है.’

Tags: Brutal rape, Crime News, Mumbai News

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें