सतना: थाने में संदेही की हत्या मामले में आरोपी दारोगा और सिपाही ने नाटकीय अंदाज में किया सरेंडर

थाने में चोरी के संदेही की हत्या कर फरार सब इंस्पेक्टर और आरक्षक ने किया सरेंडर, तीस हजार का था इनाम.

थाने में चोरी के संदेही की हत्या कर फरार सब इंस्पेक्टर और आरक्षक ने किया सरेंडर, तीस हजार का था इनाम.

सतना के सिंहपुर थाना के अंदर चोरी के संदेही की हत्या के आरोप में फरार सब इंस्पेक्टर और आरक्षक ने अंतत: सरेंडर कर दिया. पुलिस ने अपने फरार थाना प्रभारी के खिलाफ  30 -30 हजार का इनाम घोषित कर रखा था.

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सतना. मध्य प्रदेश के सतना (Satna) के सिंहपुर थाना के अंदर चोरी के संदेही की हत्या (Murder) के आरोपी सब-इंस्पेक्टर (Sub Inspector) और आरक्षक ने आखिरकार सरेंडर (Surrender) कर दिया है. पुलिस ने आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ 30-30 हजार रूपये का इनाम घोषित कर रखा था. इस मामले के चलते प्रदेश भर में सतना पुलिस की किरकिरी हो रही थी. इसके बाद भी दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को पुलिस तलाश नहीं पाई. शनिवार को आखिरकार दोनों ने रामपुर थाने में आत्मसमर्पण कर सबको चौंका दिया. सरेंडर के बाद आनन-फानन में उन्हें नागौद न्यायालय में गुपचुप तरीके से पेश किया गया. पुलिस ने औपचारिकता के तहत दो दिन की रिमांड ली है. हालांकि दोनों आरोपियों की नागौद थाने में मेहमाननवाजी होते हुए भी नजर आई.

दरअसल, सिंहपुर थाना के फरार थाना प्रभारी सह सब-इंस्पेक्टर विक्रम पाठक और आरक्षक आशीष सिंह ने जिले रामपुर थाना में आत्मसमर्पण कर दिया. पाठक की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है. पुलिस ने उनके बैंक खाते पहले ही सीज कर दिए हैं. सिंहपुर प्रकरण में निलंबित उपनिरीक्षक विक्रम पाठक और आरक्षक आशीष सिंह लगातार फरार चल रहे थे. जिनकी अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट, जबलपुर द्वारा निरस्त (रद्द) कर दी गई थी.

आत्मसमर्पण के बाद दो दिन की पुलिस रिमांड



सब-इंस्पेक्टर विक्रम पाठक और आरक्षक आशीष सिंह ने पांच मार्च, 2021 को थाना रामपुर बघेलान में आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस ने आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. इस दौरान पुलिस उनसे पूछताछ करेगी. हालांकि मीडिया को थाने से दूर रखा जा रहा है. एक वीडियो जरूर सामने आया है जिसमें आरोपी आरक्षक टीआई का पैर छूता नजर आ रहा है. पुलिस रिमांड में होने के बाबजूद वो बिना हथकड़ी के ही घूमते नजर आए.
क्या है यह पूरा मामला
बता दें कि सतना के सिंहपुर थाना के मालखाने के अंदर बीते 27 सितम्बर की रात ग्राम नारायणपुर निवासी राजपति कुशवाहा की माथे पर गोली लगने से मौत हो गई थी. उसे गोली थाना प्रभारी रहे सब-इंस्पेक्टर विक्रम पाठक की सर्विस पिस्तौल से लगी थी. गोली मारने के बाद राजपति को सिंहपुर से सतना के बिरला अस्पताल और फिर वहां से भी रीवा मेडिकल कालेज खुद पुलिस लेकर गई थी.

घटना की अगली सुबह सिंहपुर थाना में बवाल मच गया था. ग्रामीणों ने इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन किया, पथराव हुआ जिसके बाद पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज किया गया. बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच सतना के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा धरने पर बैठ गए और सिंहपुर में हुए कांड की चिंगारी राजधानी भोपाल तक जा पहुंची थी. बवाल मचने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन सतना के एसपी रहे रियाज इकबाल को वहां से हटाने का आदेश जारी किया था. इस मामले में अब सतना पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है.
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