नौकरानी की लाश के टुकड़े फ्रीज़र में रखे, एक-एक कर जलाते रहे कातिल पति-पत्नी

नौकरानी की लाश के टुकड़े फ्रीज़र में रखे, एक-एक कर जलाते रहे कातिल पति-पत्नी
सांकेतिक चित्र

ऐसे पति पत्नी की कहानी जो बाकायदा विज्ञापन देकर नौकरानियां रखते थे और फिर यौन शोषण व प्रताड़नाएं देकर उन्हें गुलाम बनाते थे. काफी समय से चर्चित इस केस में इस कपल को औरतों को प्रताड़ित कर उनकी हत्या करने के आरोप में दोषी पाया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2018, 8:29 PM IST
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उसने फ्रीज़र से मांस का एक बड़ा टुकड़ा निकाला और फायरप्लेस में डाल दिया. दिसंबर में कड़ाके की ठंड में घर के फायरप्लेस के पास बैठे खुद को दोनों ताप रहे थे. मांस का टुकड़ा आग में डालते ही उसने बीवी की तरफ शरारती नज़रों से देखा और कहा कि 'रस्म तो अदा करो.' तब प्रेमिका ने एक मोबाइल फोन उठाया और उससे मैसेज किया - 'मैं यहां ठीक हूं.. मिस यू मॉम.' मैसेज करते ही दोनों ने कहकहा लगाया.

जर्मनी के हॉक्स्टर शहर के पास एक मकान बना था जिसमें एंजी और विली बरसों से रह रहे थे. इस मकान के आसपास कोई और मकान नहीं था. विली और उसकी एक्स बीवी एंजी के बीच अजीब रिश्ता था क्योंकि विली एक साइको था और एंजी उसके हर काम में साथ दिया करती थी. हालांकि वह कभी कभी विली से झगड़ती भी थी और उसे वो काम करने से मना करती थी क्योंकि उसे पता था कि ये सब कानूनन जुर्म है और उसे डर भी था कि कहीं दोनों पकड़े न जाएं.

दिसंबर 2014 की सर्दियों में दोनों घर के फायरप्लेस में नियमित तौर पर मांस का कोई टुकड़ा जलाकर राख कर रहे थे जो फ्रीज़र में रखा हुआ था. इन टुकड़ों के पीछे एक कहानी थी जो विली और एंजी का कच्चा चिट्ठा थी. पिछले कुछ सालों से विली थोड़े थोड़े समय बाद लोकल अखबारों में इश्तेहार दिया करता था कि उसे घर के कामों के लिए एक नौकर की ज़रूरत है. इसी तरह का एक इश्तेहार उसने कुछ ही महीने पहले दिया था.



इस इश्तेहार को पढ़कर नैंसी ने विली और एंजी से कॉंटैक्ट किया. नैंसी को घर का पता देकर उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. नैंसी की नौकरी पक्की करते हुए विली और एंजी ने उसे कह दिया कि इसी घर में रहकर सारा काम करना होगा. इसके एवज़ तनख्वाह फिक्स हुई और नैंसी ने अपने घर पर सब कुछ बताकर वादे के मुताबिक कुछ दिनों बाद यहां लौट आई. लेकिन नैंसी को यह अंदाज़ा बिल्कुल नहीं था कि यहां उसके साथ क्या होने वाला था.
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जर्मनी का होक्स्टर शहर. गूगल मैप.


चूंकि यह मकान शहर से कुछ दूर था इसलिए यहां से जाना आसान नहीं था. यहां पहुंचने के दो चार दिन बाद ही नैंसी पर ज़ुल्म शुरू हुए. उसे ठीक से खाने को नहीं दिया जाता था. उसे ठंड के मौसम में एक ऐसी कोठरी में सोने को कहा जाता था जहां ओढ़ने बिछाने का कोई सामान नहीं था. डांट और मारपीट की जाने लगी थी. उसके मना या विरोध करने पर विली और एंजी उसे यातनाएं दिया करते थे मसलन कभी उसे जला दिया जाता था या कभी उसके पैरों पर स्टिक से मारा जाता था.

विली और एंजी ऐसा पहली बार किसी के साथ नहीं कर रहे थे. ऐसा करके पहले भी वह कुछ लोगों को अपने गुलाम की तरह रख चुके थे. नैंसी को इस तरह की यातनाएं देकर उसे मानसिक रूप से तोड़कर गुलाम बनाना दोनों का मकसद था. गुलाम बनाकर नैंसी के साथ हर तरह का शोषण किया जाने लगा था. दोनों खासतौर से विली को जब जिस तरह शोषण करने का मन होता, वह नैंसी के साथ वैसा सुलूक करता.

ज़्यादातर तो एंजी साथ ही देती लेकिन अकेले में वह विली के सामने डर भी ज़ाहिर करती कि कहीं किसी को पता चल गया तो दोनों को कड़ी सज़ा हो सकती है लेकिन फिर अपनी क्रूरता दिखाते हुए विली खुद को राक्षस कहता. 'राक्षस का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.' विली की तरह ही एंजी भी खुद को राक्षसी कहने लगती और दोनों भयानक चेहरे बनाकर ठहाके लगाने लगते.


सब कुछ सह चुकी नैंसी ने एक दिन वहां से भागने की कोशिश की लेकिन वह पकड़ी गई. एंजी और विली उसकी इस कोशिश पर आगबबूला हो गए और दोनों ने उसे स्टिक, चाकू और बेल्ट से इतना मारा कि थोड़ी देर बाद नैंसी की जान निकल गई. कुछ देर दोनों नैंसी की लाश को भी पीटते रहे. फिर दोनों को महसूस हुआ कि नैंसी मर गई. तब दोनों ने चैन से बैठकर सोचा कि अब क्या किया जाए. फिर विली उठकर प्लास्टिक के कुछ डिस्पोज़ल पैकेट लेकर आया.

एंजी प्लास्टिक की एक चटाई लेकर आई और विली दूसरे कमरे से कुछ औज़ार. लाश को उस चटाई पर रखकर दोनों ने मिलकर नैंसी की लाश के टुकड़े किए. टुकड़ों को डिस्पोज़ल पैकेटों में रखा और उन्हें बड़े से फ्रीज़र में डाल दिया. इस चटाई को घर के बाहर बगीचे में ले जाकर साफ किया ताकि खून के सारे निशान साफ हो जाएं. अब दोनों ने सोचा कि ये टुकड़े कब तक फ्रीज़र में रखे रहेंगे? फिर तय किया कि कुछ ही दिनों में एक एक कर फायरप्लेस में डालकर इन्हें राख कर दिया जाएगा.

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दोनों ने ये प्लैन भी बना लिया कि नैंसी का मोबाइल फोन फौरन बंद न करते हुए उसके फोन से उसकी मां को नियमित तौर पर मैसेज भेजे जाएं ताकि किसी को कोई शक न हो. यही सिलसिला चलता रहा और विली और एंजी पहले की तरह अपने शिकार करते रहे. एक औरत एना साल 2015-16 में विली और एंजी की इसी तरह शिकार हो रही थी. हर तरह की यातनाएं और शोषण झेलती हुई वह बुरी तरह एंजी और विली के जाल में फंस चुकी थी.

साल 2016 के शुरुआती दिनों में एक दिन एना को दोनों ने बुरी तरह पीटा. उसका शोषण किया और इस बार दोनों ने एना को घर पर नहीं बल्कि किसी और जगह मौत के घाट उतारने का इरादा किया. दोनों एना को बड़ी बुरी हालत में बांधकर कार में छुपाकर ले जा रहे थे. लेकिन एंजी और विली को पता नहीं था कि उनके गुनाहों की उम्र पूरी हो चुकी थी. कार का एक भयानक एक्सीडेंट हुआ जिसमें दोनों बुरी तरह ज़ख़्मी होकर फंस गए.

दोनों ने किसी तरह फोन लगाकर एंबुलेंस को बुलाया. एंबुलेंस मौके पर पहुंची तो राहत टीम ने दोनों को बाहर निकालने के बाद देखा कि कार में एना बुरी हालत में बंधी पड़ी थी. इसे भी अस्पताल लाया गया और डॉक्टरों ने जैसे ही इसका इलाज शुरू करने की कोशिश की, एना ने दम तोड़ दिया. डॉक्टरों ने पुलिस को बुलाकर बताया कि इस एना के शरीर के मुआयने के बाद पता चला था कि उसे पीटा गया था और उसका शोषण किया गया था.


पुलिस ने एंजी और विली को इलाज के दौरान ही गिरफ्तार किया और फिर दोनों से जो कड़ी पूछताछ हुई तो उसमें एंजी ने पिछले कई गुनाह कबूल किए जबकि विली ने खुद को मानसिक बीमार बताते हुए सवालों के उल्टे सीधे जवाब दिए. इसके बाद केस का ट्रायल शुरू हुआ और बीते 5 अक्टूबर को इस केस में फैसला सुनाया गया. कोर्ट ने माना कि दोनों ने पिछले कुछ सालों में कम से कम आठ महिलाओं को बुरी तरह प्रताड़ित किया था.

इस केस में कोर्ट ने हत्या के साथ ही महिलाओं को प्रताड़ित करने का दोषी करार देते हुए दोनों आरोपियों 49 साल की एंजेलिका को 13 साल की कैद की सज़ा सुनाई जबकि 48 वर्षीय विलफ्रेड को 11 साल तक मनोरोग केयर सेंटर में रखे जाने का हुक्म दिया. जर्मनी में लंबे समय से चर्चित इस केस में पीड़ितों के वास्तविक नामों का खुलासा नहीं किया गया.

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