HORROR HOUSE : जब-जब घर से आती थी बदबू, निकलती थी एक लाश

HORROR HOUSE : जब-जब घर से आती थी बदबू, निकलती थी एक लाश
सांकेतिक​ चित्र

लखनऊ के पॉश इलाके में आलीशान मकान. रहने वालों में कोई आईआईटी से पासआउट इंजीनियर तो कोई डॉक्टर. लेकिन, मकान सुर्खियों में इसलिए रहा क्योंकि गाहे-ब-गाहे लाशें निकलीं. ऐसे हत्याकांड का क्राइम सीन बना यह मकान, जो अब तक रहस्य है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2018, 3:36 AM IST
  • Share this:
ऊटपटांग मेकअप किए हुमा घर के पास एटीएम के सामने ज़ोर ज़ोर से गाना गाने लगी तो लोग हैरानी से देखने लगे. हुमा ने देखा कि लोग उसे घूर रहे हैं तो वह चीख पड़ी. लखनऊ के इस घर के सामने से गुज़रने वालों को अक्सर अजीब नज़ारे दिखा करते थे. कोई इसे पागलखाना कहता तो कोई भूतिया. हकीकत आसपास के कुछ ही लोगों को मालूम थी.

शहर के पॉश इलाके निरालानगर के इस घर की डोरबेल बजी. काफी देर बाद फिरोज़ ने दरवाज़ा ज़रा सा खोलकर पूछा 'क्या चाहिए?' एक पड़ोसी दरवाज़े पर था जिसे फिरोज़ पहचानने से इनकार कर रहा था. उस पड़ोसी ने कहा - 'ये कैसी बू है फिरोज़ भाई?' फिरोज़ ने मुंह पर दरवाज़ा ज़ोर से बंद कर दिया. फिरोज़ फौरन अंदर की तरफ गया और खुश्बू के लिए स्प्रे छिड़कने लगा.

अगले दिन करीब 50 वर्षीय फिरोज़ अपने घर की बाउंड्री वॉल को स्केल से नाप रहा था. आसपास कुछ लोग ये देखते हुए चुहलबाज़ी कर रहे थे. किसी पर ध्यान न देते हुए फिरोज़ अपनी धुन में था. इंच टेप से कभी स्केल से हर एंगल से दीवार नाप रहे फिरोज़ से फिर एक पड़ोसी ने बदबू आने की बात कही तो फिरोज़ गुस्सा दिखाकर भीतर चला गया और कुछ अगरबत्तियां जलाकर कई कोनों में रख दीं.



पिछले साल फरवरी के महीने में दिन-ब-दिन बदबू बढ़ती जा रही थी. अगली सुबह किसी ने देखा कि घर के बाहर रखे हुए कूड़े के ढेर और डस्टबिन में फिरोज़ कुछ खोज रहा था. उसने डस्टबिन से कुछ चीज़ें चुनीं और कुछ खाया भी. बाकी लेकर वह भीतर जाने लगा. लोग आपस में बतिया रहे थे - 'कौन यकीन करेगा कि ये आदमी बीटेक किया हुआ इंजीनियर और बेहतरीन नौकरी से रिटायर हुआ अफसर है. ज़रूर इस घर में कोई चक्कर है कि सभी पागल हैं...'
Lucknow murder case, horror house, dead body in house, uttar Pradesh crime, twist in murder, lucknow news, लखनऊ हत्याकांड, घर में लगातार मौत, डरावना मकान, उत्तर प्रदेश समाचार

उस शाम भी फिरोज़ ने बदबू की बात पर किसी को तवज्जो नहीं दी तो एक पड़ोसी ने इस परिवार के रिश्तेदार वसीम को फोन किया. वसीम कुछ देर में पहुंचा तो घर में घुसते ही उसने रूमाल नाक पर रख लिया और एक दो पड़ोसी उसे कुछ दिनों से बदबू आने की बात बताने लगे. वसीम ने घर में देखा कि एक कमरे का ताला बंद है. उसने फिरोज़ से ताला खोलने को कहा तो फिरोज़ ने मना कर दिया.

वसीम ने कई तरह से कोशिश करने के बाद पुलिस को फोन कर दिया. पुलिस ने आकर मामले को समझकर दरवाज़ा खुलवाने की कोशिश की लेकिन आखिरकार दरवाज़ा तोड़कर खोलना पड़ा. दरवाज़ा खुलते ही, बदबू के मारे सबका बुरा हाल हो गया था. किसी तरह पुलिस कमरे में दाखिल हुई तो कमरे में जाले, धूल और गंदगी इतनी थी जैसे वह सालों से बंद वीराना हो. एक खटिया पर एक सिकुड़ा हुआ चादर या कंबल दिख रहा था.

जिस पुलिसकर्मी ने करीब जाकर देखा, वह उल्टे पांव पीछे हटा. 'क्या हुआ?' उस पुलिसकर्मी ने फटी आंखों से कहा 'सर, ये तो कोई लाश है!' सब एक दूसरे की तरफ देखने लगे. फिरोज़ से जवाब तलब किया गया लेकिन वह बजाय जवाब देने के वहां से दूर हट गया. वसीम ने लाश को पहचान कर बताया कि लाश फिरोज़ की मां 90 वर्षीय डॉ मोना ज़ुबीन की थी. फिरोज़ से पूछताछ हुई.

Lucknow murder case, horror house, dead body in house, uttar Pradesh crime, twist in murder, lucknow news, लखनऊ हत्याकांड, घर में लगातार मौत, डरावना मकान, उत्तर प्रदेश समाचार

पुलिस : तुम्हारी मां की लाश मिली है, क्या हुआ था? कैसे मौत हुई?
फिरोज़ : ढंग से बात करो, पता है? मुझे लंदन की एक यूनिवर्सिटी से जॉब का आॅफर मिला था.
पुलिस : आपकी मां की मौत कैसे हुई?
फिरोज़ : वो मर गई. कैसे मर गई? मुझे क्या पता. बस, मुझे बदबू आती है.
पुलिस : कब मरी थी?
फिरोज़ : मैंने आंध्र प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी से बीटेक किया था. वहां ऐसा कोई सवाल नहीं था इसलिए मुझे जवाब क्या पता.

पुलिस को समझ आ चुका था कि फिरोज़ की दिमागी हालत ठीक नहीं थी. वसीम और आसपास के लोगों से पूछताछ करते हुए पता चला कि मोना ज़ुबीन काफी पढ़ी लिखी थी जिसके पति रहमत की मौत दस साल पहले हो चुकी थी. मोना अपने बच्चों यानी फिरोज़ और फिरोज़ की छोटी बहन हुमा के साथ इस मकान में रह रही थी. वसीम और पुलिस के यहां आने पर हुमा मकान में नहीं थी जिसे सुबह तक यहां देखा गया था.

हुमा कहां थी? किसी को कुछ खबर नहीं थी. कुछ लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही अपने घर की टंकी पर खड़ी हुमा फ्लाइंग किस करती हुई पोज़ दे रही थी. बीच-बीच में चीख रही थी कि वह फिल्म स्टार है. हुमा की तलाश करने की शुरूआत करते हुए मोना की लाश को आॅटोप्सी के लिए भेजने का इंतज़ाम किया गया. पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पिछली कहानी सामने आई.

तकरीबन दस साल पहले इसी तरह इस मकान से बदबू आ रही थी. लगातार कई दिनों तक बदबू इलाके में फैलने और पड़ोसियों के कहने के बावजूद फिरोज़ व उसके परिवार ने जब कोई कदम नहीं उठाया तो एक दिन लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया. पुलिस ने जब घर की तहकीकात की तो एक कमरे से 91 वर्षीय रहमत की लाश मिली थी. तब पता चला था कि रहमत की मौत एक महीने पहले हो चुकी थी.

Lucknow murder case, horror house, dead body in house, uttar Pradesh crime, twist in murder, lucknow news, लखनऊ हत्याकांड, घर में लगातार मौत, डरावना मकान, उत्तर प्रदेश समाचार

रहमत आईआईटी मद्रास से एमई करने वाला स्कॉलर था जो लखनऊ विकास प्राधिकरण में चीफ इंजीनियर रहा था. रहमत की मौत के बाद फिरोज़ और उसका परिवार उसकी लाश एक महीने तक घर में रखे रहे थे. 2007 में इस मौत की खबर ने भी पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी. और फरवरी 2017 में इसी तरह रहमत की बीवी मोना की लाश मिलने के बाद लोग इस घर के बारे में बातें करते थे लेकिन किसी को ये अंदाज़ा नहीं था कि दो महीने बाद क्या होने वाला था.

आॅटोप्सी रिपोर्ट में ऐसा सुराग नहीं मिला था कि मोना की मौत को कत्ल माना जाए. इस केस की हवा धीरे-धीरे धीमी हो ही रही थी कि अप्रेल के महीने के पहले हफ्ते में फिर इस घर से बदबू आना शुरू हुई. पड़ोसियों ने इस बार भी घर का दरवाज़ा खटखटाया लेकिन इस बार कोई जवाब नहीं आया. किसी ने दरवाज़ा नहीं खोला. पड़ोसियों ने फिर पुलिस को फोन किया और ऐसी खबर दी.

पुलिस पहुंची तो घर में कोई नहीं था. लोगों ने बताया कि सुबह तक तो हुमा को घर में देखा गया था लेकिन उसके बाद से ही वह गायब थी. पुलिस ने फिरोज़ के बारे में पूछा तो लोगों का कहना था कि कई दिनों से फिरोज़ दिखाई नहीं दिया था. बदबू फेंक रहे घर की तलाशी चल रही थी और इस बार किसी कमरे से नहीं बल्कि बाथरूम से एक लाश मिली. ये लाश थी फिरोज़ की! लाश की हालत देखकर साफ शक था कि इस बार मामला मौत का नहीं बल्कि हत्या का था.


हसनगंज पुलिस टीम ने जायज़ा लेते हुए देखा कि फिरोज़ के एक पैर में चप्पल थी, जबकि दूसरी चप्पल कुछ दूर पड़ी थी. हो सकता था कि वह बाथरूम में फिसल गया हो और सिर पर चोट आने के साथ हड्डी टूट गई हो. लेकिन, फिर गर्दन कटी हुई पाई गई. गर्दन पर गहरा घाव था जो किसी धारदार हथियार से हो सकता था. खुदकुशी का शक ज़ाहिर किया गया तो एक पहलू यह भी था कि कोई इस तरह अपना गला काटकर खुदकुशी क्यों करेगा?

करोड़ों के घर में पिछले करीब 7 दिन तक लाश के साथ रही हुमा घर से गायब थी. अब सवाल खड़े होना जायज़ था -

1. खुदकुशी, हादसा, कत्ल, सच क्या था? कत्ल था तो क्या मामला लूट का हो सकता था?
2. कत्ल का मकसद क्या करोड़ों का आलीशान मकान और प्रॉपर्टी हथियाने से जुड़ा था?
3. क्या अंग्रेज़ी में एमए की डिग्रीधारी हुमा की मानसिक हालत वाकई कमज़ोर थी और वह किसी की कठपुतली बन गई थी?
4. अगर हुमा कातिल हो सकती थी तो वह 7 दिन तक लाश के साथ घर में क्यों मौजूद थी?

इन तमाम सवालों के मद्देनज़र जांच चली और कुछ दिन बाद एक एटीएम के पास से हुमा को पकड़ा गया. पूछताछ में अपनी बिगड़ी दिमागी हालत के चलते काफी अटपटे जवाब देने के बाद हुमा ने बताया कि वह गोमतीनगर में एक दोस्त के साथ रह रही थी. वह कुछ रुपये निकालने के लिए एटीएम पहुंची थी. पुलिस की जांच चलती रही लेकिन फिरोज़ की मौत एक अजीब रहस्य बनकर रह गई और डेढ़ साल बाद भी इस राज़ से पर्दा नहीं उठ सका है कि अस्ल में सच क्या था.

इस मामले में ताज़ा मोड़ तब आया जब इसी महीने हुमा को पता चला कि फिरोज़ उसके घर में माली रहे आदमी के बेटे राहुल पटेल और राहुल के साथी भोला सिंह ने मिलकर विश्वासखंड में उसके परिवार की प्रॉपर्टी को हथिया लिया. हुमा यह जानने के फौरन बाद पुलिस थाने पहुंची और बीते 10 नवंबर को हुमा ने पुलिस को बताया कि राहुल और भोला की साज़िश के बारे में फिरोज़ को पता चल गया था इसलिए दोनों ने मिलकर फिरोज़ को मार डाला था. इस बयान के बाद पुलिस नये सिरे से तफ्तीश में जुट गई है.

ये भी पढ़ें

'रिसेप्शन नहीं होगा, हां मैं पार्टी ज़रूर करूंगी' ये कहकर शादी से क्यों भागी दुल्हन?
ब्लैकमेलिंग की साज़िश में शामिल था CDR का धंधा करने वाला जासूस
कमल हासन की सभा से फुसलाकर ले जाए गए जोड़े की लाशें नदी में तैरती मिलीं

PHOTO GALLERY : किचन में रखी मिक्सी में मिला एक दांत और खुला कत्ल का राज़
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज