रेकी कर 1 करोड़ का डाका डाला और अय्याशी करने चले गए गोवा

मुंबई में हुई एक लूट और डकैती के मामले में एक गैंग के 8 लोगों को कई राज्यों से गिरफ्तार किया गया. फितरत से अय्याश लुटेरे गोवा जैसी जगहों पर जाकर अच्छी खासी रकम लुटा देते थे लेकिन ये इतने शातिर भी थे कि पूरी साज़िश के साथ डकैती को अंजाम देते थे.


Updated: June 21, 2018, 8:26 PM IST

Updated: June 21, 2018, 8:26 PM IST
मुंबई के भुलेश्वर इलाके में दिनदहाड़े साढ़े 11 बजे. एक दफ्तर में तीन लोग अचानक दाखिल हुए और भीतर घुसते ही स्टाफ के तीन सदस्यों को हथियारों की दम पर धमकाते हुए कोई नशीली दवा सुंघाई. पूरा स्टाफ बेहोश हो गया. तीनों हथियारबंद लोगों ने वहां रखी तिजोरी की चाबी हासिल की और उसमें रखे 1 करोड़ से ज़्यादा रुपये लूटकर लुटेरे फरार हो गए.

क्या यह डकैती साज़िश के तहत की गई? कौन थे ये लुटेरे? कहानी कुछ ही समय पहले शुरू हुई थी. एक पूरा गैंग था इन लुटेरों का जिसमें 8 लोग शामिल थे. यह गैंग चोरी, लूट और डकैती को अंजाम देता था और फिर लूटे गए रुपयों को कभी गोवा तो कभी गुजरात में मौज मस्ती में उड़ा देता था. रकम खत्म होने के बाद ये लोग फिर किसी वारदात को अंजाम देते थे. इनका सपना करोड़पति बनने का नहीं था बल्कि सिर्फ अय्याशी करने का था.

मुंबई में एक युवक रिपन पटेल कुछ समय पहले रोज़गार के लिए भटक रहा था. एक दिन उसे नौकरी मिल गई. एक आंगड़िया ने उसे अपने आॅफिस के कामों के लिए नौकरी दी. मुंबई में आंगड़िया वो लोग कहलाते हैं जो हीरे, जवाहरात, ज़ेवरात और कैश को महज विश्वास पर एक जगह से दूसरी जगह तत्काल पहुंचाने का काम करते हैं जिसका कोई लिखित रिकॉर्ड नही होता. इसका मतलब यह है कि बड़े आंगड़ियों के पास एक समय में करोड़ों रुपये की कीमत का कीमती सामान या कैश होता है.

इस कारोबार से जब रिपन का परिचय हुआ तो उसकी आंखें फटी रह गईं. उसने कभी इतना पैसा एक साथ नहीं देखा था. वह अपनी हैरानी को ज़्यादा देर अपने मन में नहीं रख सका और गुजरात के अपने एक दोस्त भाविक पटेल के साथ उसने यह जानकारी साझा कर दी. भाविक से यह जानकारी उतनी ही हैरानी के साथ कुछ और लोगों तक पहुंची तो इनमें एक था जिगर पटेल. जिगर ने अपने दोस्तों नरेंद्र और संजय को इस बारे में बताया.

डकैती, लूट, मुंबई में लूट, मुंबई समाचार, महाराष्ट्र समाचार, dacoity, loot, loot in mumbai, mumbai news, maharashtra news

जिगर और उसके दोस्तों का गैंग था जो देश के करीब 20 शहरों में लाखों रुपये की लूट को अंजाम दे चुका था. और भी साथियों को इस बारे में बताया गया तो सबने मिलकर इस लूट को अंजाम देने की योजना बनाई. गुजरात से ये सभी बारी बारी से मुंबई गए और भुलेश्वर इलाके के आंगड़ियों के कारोबार और जगहों के बारे में तमाम जानकारियां जुटाईं. लूट को अंजाम देने से पहले इस गैंग की तीन टीमें पूरी रेकी कर चुकी थीं.

इस गैंग ने पिछली 29 मई यानी मंगलवार को डकैती को अंजाम देना तय किया. गुजरात से एक बड़ी गाड़ी में बैठकर ये लोग रविवार को ही मुंबई पहुंचे. रविवार रात ही इन लोगों ने भुलेश्वर के उस आंगड़िये के आॅफिस और लोकेशन का मुआयना किया जिसके बारे में रिपन से सूचना मिली थी. अगले दिन यानी सोमवार को इन लोगों ने हथियारों और ज़रूरी चीज़ों का बंदोबस्त किया. मंगलवार सुबह 11 बजे उस इलाके में गैंग के लोग पहुंच चुके थे. कुछ लोगों ने बाहर नज़र रखने का काम किया और एक ने गाड़ी को तय किए गए ठिकाने पर खड़ा कर रखा था.

प्लैन के मुताबिक करीब साढ़े 11 बजे तीन लोग आंगड़िये के आॅफिस में दाखिल हुए जो चौथी मंज़िल पर था. घुसते ही चाकुओं की दम पर आंगड़िये को बंधक बना लिया और स्टाफ को डराना धमकाना शुरू किया. आॅफिस की फोन लाइन काट दी गई और तुरंत आॅफिस में मौजूद तीन-चार लोगों को क्लोरोफॉर्म सुंघाकर बेहोश कर दिया.


इसके बाद तिजोरी खोलकर 1 करोड़ 13 लाख रुपये नकद निकाले और एक बैग में भरकर फौरन आॅफिस से बाहर निकले. नीचे उतरते हुए इन लोगों ने प्लैन के मुताबिक साथियों को फोन किया और तैयार खड़ी गाड़ी में बैठकर वहां से फरार हो गए. इससे पहले किसी को इस लूट की भनक लगती लुटेरे फरार हो चुके थे.

डकैती, लूट, मुंबई में लूट, मुंबई समाचार, महाराष्ट्र समाचार, dacoity, loot, loot in mumbai, mumbai news, maharashtra news

लूट के बाद पूरा गैंग हिस्सों में बंट गया. कुछ लोग गोवा चले गए और कुछ गुजरात. गुजरात से कुछ साथी उत्तर प्रदेश चले गए और वहां भी लगातार जगह बदलते रहे, कभी लखनऊ तो कभी कन्नौज. उत्तर प्रदेश में छुपे कुछ साथियों का संपर्क गोवा के साथियों से कुछ दिनों से हो नहीं पा रहा था. इसके दो—तीन दिन बाद ही गुजरात के साथियों से भी यूपी के साथियों का संपर्क नहीं हो पाया. और इसके कुछ ही दिन बाद पुलिस ने यूपी पहुंचकर इन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया.

केस की फैक्ट फाइल

पुलिस ने इस गैंग के दीपक भदौरिया को यूपी से, कल्लू शर्मा और पंकज प्रजापति को गुजरात से गिरफ्तार किया. रातों रात गोवा के कसीनो में लाखों रुपये लुटाने वाले संजय चौहान, जिगर पटेल और नरेंद्र जादौन को एक फाइव स्टार होटल से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद इनके पास से 92 लाख रुपये भी बरामद किए.

पुलिस को इस बात का भी सुराग मिला कि इन्होंने देश के कई हिस्सों में इसी तरह की लूट को अंजाम दिया है. पुलिस के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में इन आरोपियों ने 20 दिनों में 20 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वो 20 जगहें कौन सी हैं जहां इन्होने डकैती की है.

ये भी पढ़ेंः

प्रेमी को लिखी डायरी में Planning और पति के Murder का 'पॉइज़न प्लॉट'
दो मौके मिले नयी शुरुआत के, पूर्व रेसलर ने दोनों बार चुना जुर्म
उस रात के बाद मौत से बदतर थे ज़िंदगी के अगले 30 साल
पूरी रकम नहीं मिली तो मां-बाप ने की बेटी की दूसरी डील
IBM, Amazon, Wipro में जॉब दिलाने के वादे के बाद लेते थे कमीशन

Gallery - CAR हुई थी दुर्घटनाग्रस्त लेकिन उसकी मां का MURDER हुआ था
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर