जब अपने ही बन जाते हैं दुश्मन! 'गॉडफादर' के गैंग में 'गेम ऑफ थ्रोन्स'

जब अपने ही बन जाते हैं दुश्मन! 'गॉडफादर' के गैंग में 'गेम ऑफ थ्रोन्स'
सांकेतिक चित्र

मैक्सिकन नार्को टेररिज़्म यानी अमेरिका में ड्रग्स अंडरवर्ल्ड का दूसरा नाम बन चुके एल चापो के बारे में चौंकाने वाले खुलासों पर आधारित कहानियों की सीरीज़ में पढ़ें कि कैसे चल रही है वर्चस्व की लड़ाई? आखिरकार क्या है सीनालोआ कार्टेल का भविष्य?

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  • Last Updated: February 17, 2019, 2:21 PM IST
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जो कभी दोस्त था, दुश्मन बन गया. जिसे बच्चे की तरह समझा, उसने धोखा दिया. नार्को टेररिज़्म और अमेरिका में ड्रग्स अंडरवर्ल्ड का दूसरा नाम बन चुके एल चापो के गैंग यानी सीनालोआ कार्टेल में ताकत, तख़्त और वर्चस्व की लड़ाई जारी है. साल 2016 में मैक्सिकन माफिया चापो के गिरफ्तार हो जाने के बाद सरगर्म सवाल ये हैं कि अब कौन होगा कार्टेल का सरगना? क्या कार्टेल उसी तरह बचेगा?

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पहली दुश्मनी 'खानदान' से ही
एल चापो उर्फ बौने ने 80 के दशक के आखिरी सालों में सीनालोआ कार्टेल को ड्रग्स तस्करी और नार्को अंडरवर्ल्ड के तौर पर खड़ा करना शुरू किया था. इस सफर में कई रिश्ते बने और वक्त के साथ ये तार ऐसे उलझते चले गए कि धोखे, लालच और वर्चस्व की लड़ाई की कहानी बनती चली गई. चापो की शुरूआत के वक्त उसके कज़िन्स एरेलानो और फेलिक्स उसके साथी थे लेकिन बाद में, अलग हो गए.
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एरेलानो और फेलिक्स ने अपना एक गैंग बनाया जो 'बेल्ट्रान लेव्या कार्टेल' के नाम से ड्रग्स के कारोबार में बदनाम होता गया. मुनाफे और तरक्की को लेकर जब इस गैंग के हित और स्वार्थ चापो के कार्टेल से टकराए तो दोनों के बीच एक दरार पैदा हुई और फिर इस दरार ने दुश्मनी पैदा की. ये दुश्मनी आगे जाकर गैंग वॉर में तब्दील होने वाली थी.

निकम्मी निकलीं चापो की औलादें
इसी बीच, चापो की सल्तनत लगातार फैलती जा रही थी और वह बेताज बादशाह बनता जा रहा था. बेतहाशा दौलत, ताकत और एकतरफा हुकूमत के नशे में चापो ने खुद को तो जैसे तैसे संभाले रखा लेकिन औलादों को संभालना भूल गया. चापो के दो बेटों इवान और एल्फ्रेडो से चापो को ही नहीं बल्कि पूरे कार्टेल को उम्मीद थी कि वही चापो के वारिस होंगे लेकिन होनी को ये कहां मंज़ूर था?

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अपने बाप की बादशाहत के दौर में दोनों बचपन से ही बिगड़ी औलादें साबित होते रहे. बचपन से ही सब कुछ होने के बावजूद दोनों ने धंधे और अंडरवर्ल्ड के उसूल सीखने में दिलचस्पी लेने के बजाय अपने बाप की दौलत और ताकत का दुरुपयोग करना शुरू किया. ड्रग्स, औरतों और जुए जैसी कई आदतों के शिकार इवान और एल्फ्रेडो से अब गैंग को भी कोई उम्मीद नहीं रह गई, बस चापो के बेटे होने की वजह से उन्हें ढोने जैसे हालात बने हुए हैं.

'ग्रैजुएट' हो सकता था वारिस, लेकिन...
90 के दशक से चापो के साथ काम करने वाले लोपेज़ ने चापो के कार्टेल में खास हैसियत हासिल की थी. वह चापो का सेनापति बनता चला गया. लोपेज़ चूंकि कानून की डिग्री हासिल कर चुका था इसलिए उसे गैंग में ग्रैजुएट नाम मिला. 2001 में जब चापो हिरासत में लिया गया था, तब हाई सिक्योरिटी वाली जेल होने के बावजूद उसे सुरंग के रास्ते जेल से छुड़ाने का पूरा इंतज़ाम लोपेज़ ने किया था.

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यही नहीं, बल्कि जेल में चापो के लिए ड्रग्स, वेश्याएं, सेलफोन, अच्छा खाना और सभी इंतज़ाम लोपेज़ ने अपनी सूझबूझ से करवाए थे. सुरंग के रास्ते जेल से भागने के चर्चित कांड के बाद लोपेज़ का शुक्रियादा करने के लिहाज़ से लोपेज़ के बेटे दामासो के लिए चापो ने गॉडफादर बनने का ऐलान किया. लेकिन रास्ते कब, कैसे बदलना थे, ये किसी को पता नहीं था.

कार्टेल की हथियारबंद फौज पर लोपेज़ और उसके साथियों ने पूरी तरह से अपना कंट्रोल कर लिया था. वक्त गुज़रने के साथ इस फौज को लोपेज़ स्पेशल फोर्स कहा जाने लगा और इस फौज की एक खास यूनिफॉर्म भी बनी. अगले 13 सालों तक अपने धंधे के साथ ही धंधे के दुश्मनों और उन दोस्तों के साथ चापो की लड़ाई चलती रही, जो कभी उसके दोस्त हुआ करते थे. इस लड़ाई में लोपेज़ अपनी पूरी काबिलियत के साथ चापो का खास साबित हुआ.

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दामासो लोपेज़ उर्फ ग्रेजुएट की गिरफ्तारी का चित्र.


चापो 2014 में फिर हिरासत में लिया गया लेकिन वह जल्द ही जेल से भागने में कामयाब हुआ. लेकिन, यह चापो के पतन का दौर की शुरूआत थी. 2016 में चापो फिर गिरफ्तार हो गया और अमेरिका के हाथों सौंप दिए जाने के बाद पूरे कार्टेल को यकीन सा हो गया कि अब चापो की वापसी मुमकिन नहीं थी. यहां लोपेज़ के लिए मौका बना क्योंकि सवाल खड़ा हुआ कि अब कार्टेल का बादशाह कौन? और यहां से शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई यानी गेम ऑफ थ्रोन्स.

दुश्मन का दुश्मन होता है दोस्त
पिछले दस सालों में चापो के साथ चली भीषण गैंगवॉर में बेल्ट्रान लेव्या का तकरीबन खात्मा हो चुका था, और यह कार्टेल चापो से बदला लेने की फिराक में था. उधर, इसी वक्त में जैलिस्को कार्टेल ने हथियारों की तस्करी की दुनिया में सीनालोआ कार्टेल के मददगार के तौर पर तेज़ी से नाम बनाया था, लेकिन अंदर ही अंदर यह सीनालोआ का दुश्मन बन चुका था और अपनी अलग पहचान चाहता था.

इसी कहावत को समझते हुए सबसे पहले लोपेज़ ने बेल्ट्रान लेव्या कार्टेल और अंडरवर्ल्ड में हावी हो रहे जैलिस्को कार्टेल से हाथ मिलाने की पहल की. वजह यह थी कि लोपेज़ जानता था कि चापो का बेहद खास होने के बावजूद कार्टेल में खून का रिश्ता हावी होगा, और इवान या एल्फ्रेडो को चापो का वारिस चुनने की कवायद होगी. और, वह वफादारी में अपनी जगह से समझौता करने के मूड में नहीं था.

जड़ से उखाड़ने वाला पहला हमला
चापो की 2016 में गिरफ्तारी के बाद सीनालोआ कार्टेल में बगावत की आग भड़की और पहला बड़ा हमला हुआ. मैक्सिको में स्थित चापो के पुश्तैनी गांव ला टूना में उसकी मां रह रही थी. चापो की मां को निशाना बनाया गया. इस हमले की खबर चापो के समर्थक धड़े को मिल गई इसलिए भारी गोलीबारी और बमबारी के बीच एक प्लेन की मदद से चापो की मां को महफूज़ निकाल लिया गया. फिर भी, चापो की मां का घर और पूरा गांव इस हमले में बर्बाद हुआ और गांव के कई मासूम लोगों की जान गई.

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एल चापो की मां.


इस हमले की पूरी ज़िम्मेदारी बेल्ट्रान लेव्या कार्टेल ने ली और माना गया कि लोपेज़ ने परदे के पीछे से इसमें मदद की. इस हमले के दो महीने बाद चापो के बेटे इवान और एल्फ्रेडो एक रेस्टॉरेंट से बंदूक की नोक पर किडनैप किए गए. शुरूआत में शक ज़ाहिर किया गया कि किडनैपिंग के पीछे जैलिस्को कार्टेल का हाथ था लेकिन बाद में, इसके पीछे भी लोपेज़ का रोल सामने आया.

गॉडफादर का खास बरसों का एक वफादार बूढ़ा
चापो का बरसों का वफादार और मैक्सिकन अंडरवर्ल्ड में निष्पक्षता और तटस्थता के साथ समझौते करवाने के लिए मशहूर रहा इस्माइल ज़ंबाडा मैक्सिकन माफिया के हर धड़े के लिए एक इज़्ज़तदार नाम रहा. सबको पता था कि लाख चर्चे और समझौते होने के बाद इस्माइल जिस बात या शख्स पर उंगली रखेगा, उसे ही मानने का उसूल रहा है. इस्माइल ने ही समझौता करते हुए इवान और एल्फ्रेडो को किडनैपरों से आज़ाद करवाया था.

ज़ंबाडा गैंग और गैंग वॉर के रोज़मर्रा के मसलों से दूर है लेकिन सबको पता है कि वह नज़र रखे हुए है और जब उसकी ज़रूरत होती है, वह सामने आकर बातचीत करता या करवाता है. सारे धड़े यानी गैंग ये भी जानते हैं कि इस्माइल की मुहर के बगैर चापो और उसकी विरासत का वारिस तय नहीं हो सकता.

ऐसे जगज़ाहिर हुई गैंग की भीतरी लड़ाई
साल 2017 में चापो के बेटों ने मैक्सिकन प्रैस में हाथ से लिखी एक चिट्ठी भेजी और छपवाई जिसमें उन्होंने एक और हमले का ज़िक्र किया था. इस चिट्ठी के मुताबिक दामासो और लोपेज़ ने उन्हें समझौते के लिए बुलाया था लेकिन, वहां पहुंचते ही दोनों की गाड़ी में आग लग गई. अचानक गोलियां चलीं और उनके बॉडीगार्ड्स को भून दिया गया. किसी तरह वो अपनी जान बचाकर वहां से भागने में कामयाब हुए.

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इस चिट्ठी के छपते ही पूरे मैक्सिको में यह गैंग वॉर सुर्खियों में आ गई. इसके कुछ ही दिनों बाद चापो के बेटों ने इल्ज़ाम लगाया कि उनकी आंटी रोमेला को किसी ने गोलियों से भून दिया. रोमेला अस्ल में, चापो और उसके बेटों के लिए हवाला के ज़रिये लाखों करोड़ों की रकम का हेरफेर करती थी. इस बार हमलावरों का नाम ज़ाहिर नहीं किया गया.

फिर मैक्सिको की गलियां हुईं खतरनाक
इस गैंगवॉर के चलते मैक्सिको के कई इलाके खतरनाक हो गए हैं. खास तौर से कुलियाकन में लोग बेहद डरे हुए हैं. आए-दिन यहां पब्लिक प्लेसों पर गोलीबारी होने लगती है और इस गैंग वॉर में कई बेकसूर लोग बलि चढ़ चुके हैं. यहां के लोग डरे हुए हैं और बच्चों व महिलाओं का घरों से निकलना दूभर हो चुका है.

ये गैंग वॉर एक तरह से स्टेट वॉर में तब्दील हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक साल 2016 के पहले तीन महीनों में, यानी जब चापो की गिरफ्तारी नहीं हुई थी, तब 246 आम लोग गैंग वॉर में मारे गए थे और चापो की गिरफ्तारी के बाद साल 2017 में पहले तीन महीनों में 344 मौतें हुईं. जानकारों का कहना है कि ये गैंग वॉर और खराब हालात पैदा कर रहा है और करेगा. नरसंहार जैसी नौबत बनी हुई है.

फिर मज़ाक कैसे बन गई वर्चस्व की लड़ाई?
साल 2017 में एक हैकर ने जब लोपेज़ की एक तस्वीर जारी की तब उसकी गिरफ्तारी हो सकी. ये भी एक चौंकाने वाला खुलासा था कि दामासो की कोई पुष्ट तस्वीर पिछले दो दशकों से पुलिस के रिकॉर्ड में थी ही नहीं. इस गिरफ्तारी के बाद दामासो को अमेरिका के सुपुर्द किए जाने की कवायद हुई तो फिर सवाल खड़ा हो गया कि चापो की विरासत के लिए लड़ रहे लोपेज़ का वारिस कौन होगा? चापो के कार्टेल में वर्चस्व की जंग किस करवट बैठेगी.

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इस अंडरवर्ल्ड को करीब से समझने वाले जानकारों के हवाले से खबरें हैं कि लोपेज़ का बेटा दामासो 'मिनी लैक' के नाम से बदनाम प्लेबॉय है. उससे कोई उम्मीद किसी को नहीं है. वह बेहद लापरवाह और उजड्ड किस्म का लड़का है. सोशल मीडिया पर अपनी महंगी गाड़ियों, भारी भरकम कैश और कभी सोने की परत चढ़े अपने हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें डालकर शो-ऑफ करना उसके बचकानेपन के सबूत हैं.

उधर, चापो की औलादों में से कोई चापो के बेहद शक्तिशाली, बेशुमार दौलत वाले एंपायर को संभालने के काबिल नहीं दिखता. ऐसे में, कई छोटे छोटे गैंग्स बन रहे हैं और इस गैंग वॉर में सब अपने माद्दे के हिसाब से अपने स्वार्थों के लिए एक दूसरे से भिड़ रहे हैं. क्या ये मैक्सिकन नार्को माफिया का अंत है? इस सवाल के साथ ही चिंता ये है कि कितने बेगुनाह लोग और मारे जाने वाले हैं.

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