भगोड़े चापो ने 'वनवास' को ड्रग्स के 'जंगलराज' में ऐसे तब्दील किया था

भगोड़े चापो ने 'वनवास' को ड्रग्स के 'जंगलराज' में ऐसे तब्दील किया था
एल चापो. सांकेतिक चित्र

अमेरिका में ड्रग्स अंडरवर्ल्ड के पर्याय मैक्सिकन माफिया एल चापो को अमेरिकी कोर्ट दोषी करार दे चुका है. इस ट्रायल के दौरान अदालत के सामने चापो के 'राइट हैंड' ने चौंकाने वाले खुलासे किए कि फरारी का वक्त जंगल में चापो ने कैसे काटा!

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 14, 2019, 8:03 PM IST
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'क्या यही एल चापो है?' अदालत में शिनाख़्ती के इस सवाल पर उसने अपने सीने पर हाथ रखकर, नज़र झुकाकर यानी एल चापो के सामने आदर ज़ाहिर करते हुए कहा 'हां. लेकिन मैं बॉस को पहली बार सूट और टाई पहने देख रहा हूं.' और ये सुनकर अदालत की गैलरी में बैठी चापो की बीवी एमा हंस पड़ी. एक हंसी के बाद फिर खामोशी छा गई. 'मैं बॉस के साथ जंगलों में फरारी के दिनों में साथ रहा हूं इसलिए मैंने उन्हें पहले कभी इस लिबास में वाकई नहीं देखा...'

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यहां से शुरू हुई वो कहानी जो उन दिनों की थी, जब 2001 में जेल से भागने के बाद चापो पुलिस और जांच एजेंसियों से छुपते और बचते हुए जंगलों में भगोड़े की ज़िंदगी गुज़ार रहा था. मैक्सिकन नार्को टेररिज़्म यानी अमेरिका में ड्रग्स अंडरवर्ल्ड का दूसरा नाम बन चुके एल चापो ने जंगलों में दो साल से ज़्यादा का वक़्त बिताया लेकिन कारोबार और उसकी ज़िंदगी नहीं थमी, उसने वहीं से पूरा कंट्रोल बनाए रखा.



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करीब दो साल तक जंगलों में चापो के सेक्रेट्री और दाहिने हाथ के तौर पर उसके साथ एलेक्स था. चापो खुद किसी सैनिक की तरह खाकी और हरे रंग कैमोफ्लाश लिबास पहनता था और एलेक्स को भी यही हुक्म था. एक दिन जब एलेक्स ने कोई और लिबास पहना, तो चापो ने घूरकर और चिल्लाकर उसे फौरन लिबास बदलने को कहा. 'हमें इस जंगल में घुल मिल जाना है ताकि दूर से किसी को हम नज़र न आ सकें. खबरदार अगर दोबारा ऐसी गलती की तो!'

सीनालोआ प्रांत के इन जंगलों से चापो बखूबी वाकिफ था क्योंकि यहीं उसकी पैदाइश और बचपन गुज़रा था. इन्हीं जंगलों में उसने अपने गुप्त अड्डे यानी हाइडआउट बना रखे थे. लेकिन, ये अड्डे यानी छोटे छोटे मकान बहुत सामान्य थे, अय्याशियों का साज़ सामान यहां नहीं था. फिर भी, इन अड्डों में ज़रूरत और गुप्त रखी जाने वाली कुछ आसाइशें ज़रूर थीं.

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आर्मी का ध्यान न जाए इसलिए हाइडआउट के तौर पर बनाए गए इन मकानों को बेहद सामान्य बनाया गया था. इन घरों में टिंटेड शीशों वाली खिड़कियां, बिजली, टीवी और कुछ नौकरों की व्यवस्था थी. जब भी सेना के जवान किसी घर पर धावा बोलते थे तो जंगलों में तैनात चापो के अंगरक्षकों और सिपाहियों की सूचनाओं की बदौलत जंगलों की हरियाली और गुफाओं में चापो और उसके साथी छुप जाते थे.

ऐसा छापा कभी कभी पड़ता था लेकिन आम दिनों में इन जंगलों में चापो का जलवा कुछ और रहता था. पेड़ों के नीचे गैंगस्टरों की कॉन्फ्रेंस हुआ करती थी. डील्स होती थीं और सीक्रेट फोन्स के ज़रिये देश विदेश में डीलरों के साथ चर्चा हुआ करती थी. इसके साथ ही, जंगल के इन हाइडआउट्स में रसिया चापो की बीवियों और महबूबाओं के आने और रुकने का भी इंतज़ाम था.

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जंगलों में गार्ड्स, नौकरों और किसानों को नियमित रूप से सैलरी दी जाती थी. एलेक्स को चापो हर महीने 2 लाख डॉलर तक की रकम देता था और एलेक्स ही पूरे 'स्टाफ' का हिसाब किताब किया करता था. 4 अप्रेल 2008 को जंगल में ही चापो के बर्थडे का जश्न धूमधाम से मनाया गया था. एलेक्स ने कई लोगों की अगवानी की थी और चापो को मिले ढेर सारे तोहफों का गवाह भी बना था.

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इन्हीं हाइडआउट से चापो के किए गए कुछ कॉल्स की रिकॉर्डिंग अदालत में पेश की गई थी और कुछ कॉल्स के बारे में एलेक्स ने कोर्ट को बताया. एक कॉल में एलेक्स ने सीनालोआ कार्टेल के ही एक ड्रग डीलर वेलेज़ के साथ इस तरह बातचीत की थी.

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'वेलेज़, बॉस चाहते हैं कि मेथ यानी गांजे की क्वालिटी और बेहतर की जाए. बॉस का हुक्म है कि इसमें मोनोएथेनॉलामाइन नाम का केमिकल मिलाकर तैयार करो. इस केमिकल की वजह से ड्रग एडिक्ट बेचैनी महसूस करता है और ज़्यादा कन्फ्यूज़ होकर ड्रग्स का और बुरा आदी बनता है.'

एलेक्स ने अदालत में ये भी बताया कि चापो उन्हीं जंगलों में ड्रग्स की डिलिवरी लेता था और डीलरों को अपने पर्सनल सीक्रेट प्लेन्स, हैलिकॉप्टरों और नावों के ज़रिये भिजवाता था. पेट्रोलियम ले जाने वाले जहाज़ों में छुपाकर भी ड्रग्स भेजी जाती थी. एलेक्स ने कहा कि चापो का सपना था कि उसके कार्टेल का ड्रग्स कारोबार अमेरिका से सटे कैनेडा तक भी फैले लेकिन ये सपना शायद पूरा नहीं हुआ.

एलेक्स ने यह भी खुलासा किया कि उस वक्त यानी 2008 में जंगलों में हाइउआउट के दौरान ड्रग्स कारोबार में बेहद उछाल आ चुका था. चापो के कार्टेल के लिए जो 1 किलो हेरोइन या कोकीन तकरीबन 2400 डॉलर्स में मिलती थी, बाज़ार में उसे बेचकर कार्टेल को करीब 44 हज़ार डॉलर तक मिलते थे.

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