#SerialKillers: वह सुनता था 'Highway To Hell' और कहता था 'शैतान ज़िंदाबाद'

इस सीरियल किलर को कई नाम दिए गए थे. अमेरिकी कोर्ट ने इसे गैस चेंबर में डालकर मौत दिए जाने की सज़ा सुनाई थी, लेकिन इस सज़ा के खिलाफ 23 साल तक लगातार अपील करते हुए 2013 में अपनी बीमारी के कारण जेल में मरने वाला यह कातिल जुर्म की दुनिया में कहानी बन गया...

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: July 15, 2018, 8:10 AM IST
Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: July 15, 2018, 8:10 AM IST
देश दुनिया के सीरियल किलर्स #SerialKillers पर आधारित इस विशेष वीकेंड सीरीज़ में आप पिछले चार सप्ताह में कई सनसनीखेज़ कहानियां पढ़ चुके हैं. इस हफ्ते पढ़िए उस सीरियल किलर की कहानी, जिसकी दहशत पूरे इलाके के साथ अदालत तक में रही. उसने कोर्ट में ही एक वकील की हत्या की भी साज़िश की थी.

"24 अगस्त: मैं अपने मंगेतर बिल के साथ घर में थी. हम दोनों बेहद खुश थे और जल्द ही शादी करने की बात कर रहे थे. उसी दौरान घर में कुछ आहट हुई. इन आहटों पर ध्यान देकर हम हरकत में आते, वैसे ही घर के दरवाज़े को कोई बुरी तरह पीट रहा था. हम बाहर के कमरे तक आए तो एक डैशिंग सा दिखने वाला लंबा चौड़ा आदमी क्रूर मुस्कान के साथ दरवाज़ा तोड़कर हमारे सामने था. इससे पहले हम कुछ पूछ पाते, उसने सीधे बिल के सिर में एक गोली मार दी.

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गोली लगते ही खून के छीटें उड़े, मेरे चेहरे पर बिल का खून छिटका और बिल फर्श पर गिर पड़ा. मैं बिल को देख रही थी और उसका नाम पुकारते हुए उसके सिर को अपनी गोद में लिये बैठी रो रही थी. जैसे ही मेरा ध्यान उस पर गया, वो आदमी मुझे क्रूर हंसी के साथ देख रहा था. मैं उसे देखकर बुरी तरह डर गई थी, लेकिन मैं उस पर चिल्लाई. फिर वह मेरे पास आया और बालों से पकड़कर मुझे घसीटते हुए अंदर के कमरे में ले गया.

उसने बहुत ताकत के साथ मुझे ज़ोर से बिस्तर पर पटक दिया. मेरा सिर बिस्तर के सिरहाने से टकरा गया था और मेरी रही सही ताकत भी चूर हो चुकी थी. उसने ज़बरदस्ती मेरे कपड़े फाड़े और अगले कुछ मिनटों तक पूरी हैवानियत के साथ मेरे शरीर को नोचते खसोटते हुए वह बलात्कार करता रहा. थोड़ी देर बाद जब वह उठा तो मैं दर्द से कराह रही थी.

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कुछ देर वह मेरे सामने कुर्सी पर बैठा मुझे घूरता रहा. मैंने खुद को ठीक किया और किसी तरह मैं बिस्तर पर उठकर बैठी. तब उसने मुझसे कहा — 'क्या तुम शैतान में यकीन रखती हो? क्या तुम्हें सैटेनिज़्म से प्यार है? बोलो, शैतान ज़िंदाबाद...' उसकी आंखें लाल हो चुकी थीं और अपनी खौफनाक आवाज़ में वह मुझसे कह रहा था — 'बोलो शैतान ज़िंदाबाद...'

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मैं बहुत डरी हुई थी. वह 'शैतान ज़िंदाबाद' दोहराता हुआ मेरे पास आया और मुझे लग रहा था कि अब वह मुझे मार डालेगा. लेकिन उसकी हवस दोबारा जाग चुकी थी. उसने फिर मुझे तमाचे मारते हुए मेरे बाल पकड़े और मुझसे कहा कि मैं अपने मुंह से उसे संतुष्ट करूं. थोड़ी देर बाद वह पागलों की तरह चीखते हुए मुझसे दूर हट गया. उसने कपड़े पहने और फिर मेरी तरफ देखा तो उसके चेहरे पर वही शैतानी हंसी थी.

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वह फिर मेरे पास आया. उसने मुझे बिस्तर से उठाकर कुर्सी पर धकेला और कुर्सी से मुझे बांध दिया. इसके बाद वह हंसकर 'शैतान ज़िंदाबाद' कहते हुए घर से चला गया. मैंने किसी तरह खिड़की से उसे अपार्टमेंट से निकलते देखने की कोशिश की. एलए से करीब 50 किलोमीटर दूर विलेज अपार्टमेंट के हमारे उस घर से वह अपनी नारंगी रंग की कार में बैठकर चला गया था."


साल 1985 में इस घटना की पूरी कहानी इनेज़ ने सुनाई, तो पुलिस के पास काफी सुराग थे. इससे कुछ ही रोज़ पहले पुलिस को इस कातिल की शक्ल का ब्योरा मिला था और स्केच तैयार हो चुके थे, क्योंकि 17 अगस्त को इस कातिल के हमले में एक औरत की जान बच चुकी थी और उसने पुलिस को पूरा हुलिया बता दिया था. पुलिस ने उसकी कार के बारे में जल्द पता लगा लिया. उंगलियों के निशान, चेहरे के स्केच के चलते पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज एक अपराधी शक के दायरे में था.

अगली रात की वो ड्रैमेटिक दौड़
"I'm on the highway to hell.. on the highway to hell..." वह बेखबर था कि यही लाइन उसके जीवन का सच बन चुकी थी. 25 अगस्त 1985 की रात लॉस एंजिल्स के एक सुपर स्टोर में जब ये कातिल दाखिल हुआ तो अपना फेवरेट यही रॉक नंबर सुन रहा था. स्टोर में दाखिल होते वक्त वह अपनी धुन में था इसलिए उसने देखा नहीं कि स्टोर से लगी सड़क पर कुछ पुलिस वाले थे.

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ये कातिल जब स्टोर के अंदर आकर एक खिड़की के पास खड़ा था, तब इसकी नज़र कुछ बूढ़ी औरतों पर गई. ये औरतें अखबार दिखाकर पुलिस वालों से कुछ कह रही थीं और स्टोर की तरफ उंगली से इशारा कर रही थीं. तब इस कातिल को कुछ शक हुआ और उसने पास के रैक में रखे एक अखबार को देखा तो उसके फ्रंट पेज पर उसका ही फोटो छपा हुआ था. अब इस कातिल के पास यहां से भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं था.

अपनी जैकेट के हुड को उसने अपने सिर पर डाला और अपनी मस्ती में चलते हुए स्टोर के एग्ज़िट तक पहुंचा. एक नज़र उसने पास खड़ी पुलिस की तरफ देखा तो इत्तेफाक से पुलिस की नज़र भी उस पर पड़ी. नज़र मिलते ही उस कातिल ने दूसरी दिशा में भागना शुरू किया. अब पुलिस वालों को पूरा यकीन था कि यह वही कातिल है. सब उसके पीछे दौड़े. व्यस्त ट्रैफिक वाली उस सड़क को चलती गाड़ियों के बीच से बचते बचाते वह कातिल भाग रहा था और पुलिस उसके पीछे—पीछे.

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कभी किसी गली में घुसा तो कभी किसी बिल्डिंग के दालानों में घुसता हुआ वह कातिल थककर चूर हो चुका था. लगातार सीटी बजाकर या आवाज़ लगाकर पुलिस पीछे पड़ी हुई थी. एक फुटपाथ पर हांफते हुए भाग रहे इस कातिल को वहां खड़े कुछ लोगों ने पकड़ लिया. पकड़ में आने के बाद इसने पकड़ने वाले पर हाथ उठाया तो वहां मौजूद सबने उसको पीटना शुरू कर दिया. झगड़ा बढ़ा और किसी ने रॉड से पीटा तो किसी ने बेल्ट से. सड़क किनारे भीड़ के हाथों वह बुरी तरह पिट रहा था तभी पुलिस वहां पहुंची और उसे गिरफ्त में लिया. Thank you, thank you very much.. इस वक्त वह कातिल पुलिस का शुक्रियादा कर रहा था.

सीरियल किलर जिसे कई नाम मिले
पिछले तकरीबन सवा साल से लॉस एंजिल्स में इस कातिल की दहशत थी जो अब पुलिस की गिरफ्त में था. इसी 'वॉक-इन किलर' कहा गया तो 'वैली इंट्रूडर' भी नाम दिया गया. सबसे चर्चित नाम रहा 'द नाइट स्टॉकर'. लेकिन इसका असली नाम था रिचर्ड रैमिरेज़. लॉस एंजिल्स में रिचर्ड की दहशत के कई किस्से थे और अगस्त 1985 में गिरफ्त में आने के तीन साल बाद 1988 में इसके खिलाफ ट्रायल शुरू हो सका. तब इसके खिलाफ हत्या के 13, हत्या की कोशिश के 5, बलात्कार/यौन उत्पीड़न के 11 और लूटमार के 14 केस चले.

जुर्म और सीरियल किलिंग की दुनिया में रिचर्ड एक कुख्यात लीजेंड के तौर पर याद किया जाता है क्योंकि पकड़े जाने के बाद भी इसके कई किस्से चर्चा में रहते थे मसलन, इस कातिल से पूरा शहर नफरत करता था, इसके बावजूद जेल में सज़ा काटने के दौरान रिचर्ड से उस लड़की ने शादी की जो खुद को उसका फैन बताती थी और जिसे रिचर्ड पहले प्रपोज़ कर चुका था. एक किस्सा यह चर्चा में रहा था कि रिचर्ड के केस की सुनवाई के दौरान एक जज की हत्या हुई और इस कत्ल के लिए रिचर्ड को ज़िम्मेदार माना गया हालांकि बाद में यह शक गलत निकला. कहा जाता था कि रिचर्ड की दहशत से जज भी घबराए हुए रहते थे.


रिचर्ड की दहशत का एक सबूत यह था कि जब इस सीरियल किलर को कोई नहीं जानता था और इसके बारे में अखबारों में कई तरह के लेख छपते थे तब लॉस एंजिल्स में आत्मरक्षा के लिए बंदूकों, तालों और खिड़की दरवाज़ों के लिए सुरक्षा पैनलों की बिक्री तेज़ी से बढ़ गई थी. एक और किस्सा यह था कि अपने ट्रायल के दौरान रिचर्ड ने कोर्ट में सरेआम एक वकील को गोली मारने का प्लॉट जेल में बनाया था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी यह साज़िश नाकाम कर दी. और आखिरकार मौत के सज़ा के खिलाफ अपील कर रहा रिचर्ड लिवर फेल होने के कारण जेल में ही मर गया. यह भी कहा जाता है कि मरने से पहले उसका रंग हरा हो गया था. जब उसे मौत की सज़ा सुनाई गई तो कोर्ट में उसने इस तरह प्रतिक्रिया दी थी -

बिग डील.. मौत का कोई न कोई इलाका ज़रूर होता है, अब मैं तुम्हें डिज़नीलैंड में देख लूंगा.


क्रूरता की तस्वीरें, ड्रग्स और शैतान ज़िंदाबाद
बचपन से ही अपने बाप से बुरी तरह पिटता रहा था रिचर्ड और इसी कारण दो बार उसे सिर में गंभीर चोटें लगी थीं. एक दिन वह अपने बाप को छोड़कर भाग गया. अब उसका सहारा बना उसका कज़िन मिगल जो वियतनाम सेना में रह चुका था. मिगल की कंपनी रिचर्ड के लिए बाप से भी बुरी साबित हुई क्योंकि मिगल एक ज़ालिम किस्म का शख्स था जिसने वियतनाम के दिनों में औरतों पर अत्याचार किए थे. वह अपनी क्रूरता की तस्वीरें रिचर्ड को दिखाता था जिनमें वह औरतों की सिर कटी या नग्न लाशों के साथ खड़ा था या औरतों की लहूलुहान लाशों के साथ. मिगल उसे बंदूक भी देता था और अपनी क्रूरता के किस्से गर्व से सुनाता था.

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13 साल का रिचर्ड एक चिड़चिड़ा, ज़िद्दी और परेशान लड़का बन चुका था जिसने आराम के लिए पहले ड्रग्स का रास्ता चुना. लॉस एंजिल्स के कई इलाकों में उसे एलएसडी आसानी से मिल जाती थी. नशे में धुत रहने वाला रिचर्ड एक दिन एक और आदमी के संपर्क में आया जो उसे एक खास जगह ले गया. यहां रिचर्ड ने पहले ड्रग्स का नशा किया फिर उसने देखा कि वह आदमी शैतान की पूजा कर रहा है. पांच कोण के निशान, शैतान की तस्वीर और कुछ नरकंकालों के साथ उसने उस आदमी को यह पूजा करते देखा.

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अब रिचर्ड शैतान के धर्म में शामिल हो चुका था और अपने भीतर एक शैतानी ताकत महसूस करने लगा था. पहले उसने चोरी, लूट और मारपीट के रास्ते मामूली अपराध किए और कुछेक बार जेल गया. फिर 23-24 साल की उम्र में रिचर्ड खतरनाक अपराधी के तौर पर अमेरिका भर में बदनाम हो गया और सीरियल किलर बन गया जिसने एक—सवा साल में एक दर्जन से ज़्यादा हत्याओं को अंजाम दिया. जेल के दौरान एक इंटरव्यू में रिचर्ड ने कहा था -

सरकारें जो काम बहुत बड़े पैमाने पर करती हैं, वही सीरियल किलर एक छोटे स्तर पर करते हैं. सीरियल किलर अजूबे नहीं होते, बल्कि वो अपने वक्त की ही पैदाइश होते हैं और यह वक्त खून की प्यास का वक्त है.


इस सीरियल किलर के खास तरीके थे
- अव्वल तो यह सीरियल किलर लॉस एंजिल्स में ही कत्लों और वारदातों को अंजाम देता था.
- रिचर्ड अपराधों में बंदूक, चाकू और हथौड़े का इस्तेमाल करता था. वह महिलाओं के साथ रेप करता था जबकि पुरुषों को सीधे मार डालता था. उसके शिकार बनने वालों में नौ साल से लेकर 83 साल तक के लोग शामिल थे.
- अपने शिकार के शरीर या वारदात की जगह पर रिचर्ड अक्सर शैतान का एक निशान छोड़ता था.
- वह अक्सर एक दिन में एक नहीं बल्कि दो या उससे ज़्यादा लोगों को शिकार बनाता था और फिर कुछ दिनों के गैप के बाद अगली वारदात को अंजाम देता था.

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सीरियल किलर रिचर्ड रैमिरेज़.


आखिरी वारदात यानी बिल के कत्ल और इनेज़ पर हमले को अंजाम देने के लिए रिचर्ड ने अपने दो उसूल तोड़े. एक तो वह अपराध के लिए लॉस एंजिल्स से बाहर गया और दूसरा उसने इनेज़ के साथ बलात्कार के बाद उसे ज़िंदा छोड़ दिया. इस हमले के अगले दिन ही वह हिरासत में ले लिया गया.

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