दो साल पुरानी रंजिश के चलते किया काम तमाम, एक क्लू से खुली कहानी

नई दिल्ली के नेबसराय के हत्याकांड का राज़ खुला तो एक गड्ढे में छुपाई गई लाश मिली, जिस पर चाकुओं से कई हमले किए गए थे और चेहरा भी बुरी तरह ज़ख्मी था. आखिर क्या वजह थी कि एक लड़के को इस बुरी तरह मौत के घाट उतारा गया?

News18Hindi
Updated: April 18, 2019, 3:45 PM IST
दो साल पुरानी रंजिश के चलते किया काम तमाम, एक क्लू से खुली कहानी
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Updated: April 18, 2019, 3:45 PM IST
'उसका काम तमाम कर दिया', दोस्त के दोस्त का ये लाइन खुसफुसाते हुए सुनना एक ऐसा क्लू था, जिसने पुलिस के लिए एक हत्याकांड सुलझाने में मदद की, जबकि एक परिवार के लिए मातम की खबर का खुलासा किया.

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दक्षिण पश्चिम दिल्ली के नेबसराय थाने में 16 अप्रैल की आधी रात जब अमित थाने पहुंचा तो उसने कहा कि उसका भाई सुरजीत कुछ दोस्तों के साथ गया था लेकिन अब तक लौटा नहीं. एकबारगी तो पुलिस ने भी सोचा कि सुरजीत दोस्तों के साथ कहीं चला गया होगा, अमित बेवजह परेशान हो रहा था. लेकिन, जब सुरजीत का मोबाइल नंबर डायल किया गया तो वह बंद था.

यह एक वजह थी कि ​अमित का परेशान होना जायज़ था. अब पुलिस ने भी सुरजीत के बारे में उसके दोस्तों से पूछताछ की. सुरजीत के एक दोस्त ने जब ये कहा कि उसने एक कॉमन फ्रेंड विकी झा को किसी और से ये कहते हुए सुना था कि 'उसका काम तमाम कर दिया', तब पुलिस के कान खड़े हुए और तफ्तीश शुरू हुई. पुलिस विकी झा के घर पहुंची तो पुलिस के सामने फिर एक उलझन थी.

विकी ने कहा कि वो सुरजीत का दोस्त था ही नहीं. उसने पुलिस से कहा कि सुरजीत का एक और ​दोस्त है, जिसका नाम भी विकी है. उससे पूछताछ करना चाहिए. अब पुलिस विकी भट नाम के लड़के के पास पहुंची और उससे सवाल-जवाब किए. विकी की घबराहट और इधर उधर के जवाब देने से पुलिस को शक हो चुका था कि कुछ न कुछ गड़बड़ ज़रूर थी.

पुलिस ने जब विकी से पूछा कि 15 अप्रैल को वह कहां था और सुरजीत उसके साथ था कि नहीं? तो विकी ने टालमटोल करते हुए सुरजीत के साथ होने से इनकार किया. लेकिन, इसी बीच विकी का फोन देख चुकी पुलिस को समझ आ चुका था कि कॉल हिस्ट्री कुछ और कह रही थी और विकी कुछ और. ज़रा सख़्त हुई पुलिस तो विकी टूट गया और उसने पूरी कहानी खोल दी.

'हमने उसको मार डाला', विकी के इस कबूलनामे के बाद पुलिस पुलिस ने सोमबीर और विकी झा को पकड़ा. फिर, विकी की निशानदेही पर ही सतबीर को ​भी गिरफ्तार किया जबकि रविंदर और गोलू की तलाश चल रही है. इन सभी से पुलिस ने अलग अलग पूछताछ की तो कहानी के तार जुड़ते हुए मालूम हुए.delhi murder case, friend killed, delhi news, delhi crime, new delhi murder, दिल्ली हत्याकांड, दोस्तों ने की हत्या, दिल्ली समाचार, दिल्ली अपराध, ​नई दिल्ली में हत्या

करीब दो साल पहले सोमबीर और झा के साथ सुरजीत का एक झगड़ा हुआ था. तब सुरजीत ने इन दोनों को बुरी तरह पीटा था. तभी से ये दोनों सुरजीत से बदला लेना चाह रहे थे. लेकिन, कॉमन दोस्तों के बीच बदले की इस भावना को छुपाकर रखते थे. बीते 15 अप्रैल को सुरजीत के साथ इनकी कहा सुनी हुई तो सुरजीत ने दोनों को फटकारते हुए 'अंजाम अच्छा नहीं होगा' जैसी धमकी दी.

इन दोनों ने तय किया कि बार बार के इस टंटे को खत्म ही करना पड़ेगा. सोमबीर और झा ने अपने कुछ दोस्तों को इकट्ठा किया ताकि सुरजीत को सबक सिखा सकें. ये सब साथ होकर सुरजीत की तलाश में निकले ही थे कि सुरजीत अपने एक दोस्त के साथ नेबसराय थाने से करीब 800 मीटर की दूरी पर एक वीरान पड़े फार्महाउस की तरफ दिखाई दिया.

इन लोगों ने सुरजीत को उसके दोस्त से अलग ले जाकर सबक सिखाना शुरू किया. देखते देखते मारपीट शुरू हो गई और इसी दौरान एक ने सुरजीत के गले में केबल का तार डालकर गला घोंटने की कोशिश की और बाकियों ने उसे चाकुओं से गोदना शुरू कर दिया. किसी ने पेट में चाकू मारा तो किसी ने छाती में और किसी ने उसका चेहरा चाकुओं से जख्मी कर दिया. कुछ ही देर में 22 वर्षीय सुरजीत ने दम तोड़ दिया.

जब सुरजीत ज़मीन पर एक लाश की तरह गिर पड़ा, तब इन सबने मिलकर उसे घसीटा और पास ही एक गड्ढे में उसे फेंक दिया. फिर उस गड्ढे को कूड़े और घासफूस से ढंक दिया ताकि किसी को कुछ पता न चले.

एक फूड कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करने वाले सुरजीत के पिता अरुण सिंह ने बाद में पुलिस को बताया कि सोमवार दोपहर बाद सुरजीत घर आया था और फिर किसी दोस्त का फोन आने के बाद वह चला गया था. सिंह ने कहा कि उन्हें क्या पता था वह लौटकर नहीं आएगा बल्कि उसकी मौत की खबर आएगी.

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