• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • जानें कहां और किस हाल में है गांधीजी की हत्या में इस्तेमाल हुई 'KILLER' कार

जानें कहां और किस हाल में है गांधीजी की हत्या में इस्तेमाल हुई 'KILLER' कार

30 जनवरी 1948 को बिड़ला हाउस की जनसभा में जाते वक्त गांधीजी को शाम करीब सवा पांच बजे तीन गोलियां मार गई थीं. (फाइल फोटो)

30 जनवरी 1948 को बिड़ला हाउस की जनसभा में जाते वक्त गांधीजी को शाम करीब सवा पांच बजे तीन गोलियां मार गई थीं. (फाइल फोटो)

महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की हत्‍या से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक बापू की हत्या करने के लिए नाथू राम गोडसे USF-73 नंबर वाली कार (CAR) का इस्तेमाल किया था.

  • Share this:
    नई दिल्ली. देश के साथ दुनिया के अन्‍य हिस्‍सों में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती मनाई जा रही है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ इस जश्न में भाग ले रहे हैं. पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क टाइम्स (The New York Times) में लिखे एक लेख में कहा है कि गांधी जी एक ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें समाज के हर वर्ग का भरोसा हासिल था. बता दें कि 30 जनवरी 1948 को बिड़ला हाउस (Birla House) की जनसभा में जाते वक्त गांधी जी को शाम करीब सवा पांच बजे तीन गोलियां मारी गई थीं. मौके पर ही महात्मा गांधी की मौत हो गई थी. प्रत्यक्षदर्शियों और इतिहास में दर्ज दस्तावेजों के मुताबिक, महात्मा गांधी के मुंह से गोली लगते ही 'हे-राम' ही निकला था. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की हत्‍या से जुड़े दस्तावेज के मुताबिक, बापू की हत्या करने के लिए नाथू राम गोडसे ने USF-73 नंबर वाली कार (CAR) का इस्तेमाल किया था. इसी कार से नाथू राम (Nathuram Godse) बिड़ला हाउस पहुंचा था. गांधी जी की हत्या के बाद इस कार को दिल्ली के तुगलक रोड थाने (Tughlak Road Thana) की पुलिस ने जब्त कर लिया था.

    कार के आगे लिखा है ‘किलर’

    महात्मा गांधी की हत्या में इस्‍तेमाल USF-73 नंबर वाली एक लीटर में मात्र 4 किलोमीटर का सफर तय करती थी. यह अमेरिका में बनी थी. वर्ष 1930 में बनी इस कार को ‘स्टडबेकर’ कहा जता था. साल 1978 में इस कार को एक शख्स ने नीलामी में खरीद लिया था. कार के मालिक ने इस हरे-काले रंग वाली इस स्टडबेकर कार के नंबर प्लेट के ऊपर सफेद रंग से ‘KILLER’ लिखवा दिया था. बाद में यह कार एक मालिक से दूसरे मालिक के हाथों में जाती रही.

    इस कार को दिल्ली के तुगलक रोड थाने (Tughlak Road Thana) की पुलिस ने जब्त कर लिया था.
    इस कार को दिल्ली के तुगलक रोड थाने की पुलिस ने जब्त कर लिया था.


    जौनपुर के राजा के आग्रह पर बनाई गई थी विशेष कार
    बता दें कि वर्ष 1930 में यह कार जौनपुर के राजा के लिए अमेरिका में विशेष आग्रह पर बनवाई गई थी. गांधीजी की हत्या के आरोप में फांसी पर लटकाया गया नाथू राम विनायक गोडसे को जौनपुर के इस राजा का करीबी माना जाता है. तमाम विंटेज कार रैलियों में भारी-भरकम इनाम-इकराम हासिल करने वाली ‘किलर’ कार ने कई जगह पत्थर भी खाए. जिस विंटेज कार रैली में 'किलर' कार की हकीकत लोगों को पता चलती, वहीं उस पर पथराव हो जाता.

    बापू को नमन करते पीएम मोदी.


    6 सिलेंडर और 3500 सीसी वाली पॉवरफुल ‘किलर’ कार अमेरिका से जौनपुर, दिल्ली से कोलकता, वाराणसी, लखनऊ, बरेली होती हुई सन् 2000 के दशक में फिर दिल्ली की सड़कों पर लौट आई. दिल्ली में किलर-कार का नया बसेरा बनी लक्ष्मी नगर (ललिता पार्क) में एक परिवार की गैराज. कारों के शौकीन एक युवक की नजर सन् 2000 में जब पहली बार ‘किलर’ पर पड़ी, तो वह खुद को इसे खरीदे बिना रोक नहीं सका. इस शख्‍स ने बरेली के कमाल साहब से मुंह-मांगी रकम देकर उसने किलर कार खरीद ली.

    gandhi14
    साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी


    ‘किलर’ अब मालिक को मोहताज!

    जब भी मौका मिलता था कार के मालिक ने दिल्ली की सड़कों पर जी-भर के सवारी की. कुछ साल पहले एक दिन हिमाचल प्रदेश में छोटी उम्र में ही दिल का दौरा पड़ने से किलर के इस युवा मालिक की असमय मौत हो गई. इसके बाद से यह ‘किलर’ कार यूं ही ‘गैराज’ में पड़ी है. अब इस कार को एक अदद मालिक का इंतजार है.

    ये भी पढ़ें: 

    सुरक्षा एजेंसियों ने तरनतारन की घटना से लिया सबक, ड्रोन को लेकर बनाया ये प्लान

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज