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इंसाफ मिला तो छलका दर्द- '5 लाख देती हूं, मेरे सामने सज्जन कुमार के बच्चों को जलाओ'

इंसाफ मिला तो छलका दर्द- '5 लाख देती हूं, मेरे सामने सज्जन कुमार के बच्चों को जलाओ'

सज्जन कुमार

सज्जन कुमार

वे मिन्नतें मांगती रहीं लेकिन दंगाइयों ने उनकी आंखों के सामने उनके दोनों जवान बेटों के गले में टायर डालकर आग लगा दी थी.

    साल 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मौत के बाद भड़के दंगे को यादकर आज भी 70 साल की गुरदयाल कौर सिहर उठती हैं. वे बताती हैं कि, उस दिन शाम को जब दंगे की बात फैली तो उनका पूरा परिवार घर पर ही था. वे दिल्ली की रानी सब्जी मंडी में अपने दो बेटों और पति के साथ रहती थीं. उन्होंने बताया कि शाम 5 बजे कुछ दंगाई जबरन उनके घर में घुस आए और उनके बेटे हाकम सिंह (20) और अमरजीत सिंह (30) को घर से निकाल लिया.

    वे मिन्नतें मांगती रहीं लेकिन उनकी आंखों के सामने दोनों बेटों के गले में टायर डालकर दंगाइयों ने आग लगा दी. जवान बेटे की मौत का गम उनके पति बर्दाश्त ना कर सके और कुछ दिन बीमार रहने के बाद उनकी भी मौत हो गई. गुरुदयाल कहती हैं कि, 'आज यह नेता बोल रहे हैं कि दंगा पीड़ितों को दो लाख रुपये दे दिए गए हैं, मैं 5 लाख रुपये देने को तैयार हूं. क्या सज्जन कुमार मेरी आंखों के सामने अपने बच्चों को आग के हवाले करवाएंगे?

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    बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में भूमिका निभाने के लिए कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है. गुरदयाल कौर की तरह ही आंखों में आंसू लिए 65 साल की पोपरी कौर ने अपने पति को भीड़ के हाथों जान गंवाते देखा था. सुल्तानपुरी में हाथों में डंडे लिये भीड़ ने पोपरी के पति को घर से बाहर खींचकर उनकी हत्या कर दी थी. पोपरी ने कहा कि आखिरकार न्याय हुआ.

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    छह बच्चों की मां पोपरी सज्जन कुमार से जुड़े मामले के तीन गवाहों में से एक हैं. उन्होंने कहा, ‘सुल्तानपुरी में मेरे पति को जब घर से बाहर खींचा गया तो सज्जन कुमार कार में था, मैंने उसे देखा. आज, मैं जब घर पर बैठी थी तो मेरी बेटी ने फोन करके बताया कि सज्जन कुमार को दोषी ठहराया गया है.’ उनका आरोप है कि उन्हें बयान बदलने के लिए पैसे का प्रलोभन दिया गया और जान से मारने की धमकियां भी मिलीं. उन्होंने कहा कि वह सज्जन कुमार के लिए मौत की सजा चाहती थीं. उन्होंने कहा, ‘आजीवन कारावास के साथ, वह अपने परिवार, अपने बच्चों से मिल सकता है. मैं अपने पति से, मेरे बच्चे अपने पिता से नहीं मिल सकती क्योंकि उसने उनकी हत्या कर दी.'

    सज्जन कुमार, जिन्होंने दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री को चुनाव में हरा दिया था

    Tags: 1984 sikh riots, Congress, DELHI HIGH COURT, Sajjan kumar

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