IPS छाया शर्मा को केंद्रीय सतर्कता आयोग की कमान, निर्भया कांड की तफ्तीश से आईं थीं सुर्खियों में
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IPS छाया शर्मा को केंद्रीय सतर्कता आयोग की कमान, निर्भया कांड की तफ्तीश से आईं थीं सुर्खियों में
1999 बैच की IPS छाया शर्मा केंद्रीय सतर्कता आयोग की निदेशक बनी (फाइल तस्वीर)

छाया शर्मा (Chhaya Sharma) को निर्भया कांड की शानदार तफ्तीश के लिए अंतराष्टीय स्तर पर भी काफी सराहा गया और पुरस्कार से नवाजा गया था. वो टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके क्राइम मामलों का खुलासा करने और किसी भी बड़े ऑपरेशन को बेहतर तरीके से अंजाम देने में माहिर बताई जाती हैं.

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  • Last Updated: July 27, 2020, 11:07 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय सतर्कता आयोग में 1999 बैच की आईपीएस अधिकारी छाया शर्मा (Chhaya Sharma) को निदेशक पद पर तैनाती मिली है. बता दें कि छाया शर्मा को दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया कांड मामले की शानदार तफ्तीश करने का श्रेय और पुरस्कार भी मिल चुका है. उन्हें शौर्य और नेतृत्व के लिए साल 2019 में अमेरिका के मैककेन इंस्टीट्यूट अवार्ड (Mccain Institute Award) से भी नवाजा जा चुका है. तेज-तर्रार छवि वाली आईपीएस अधिकारी छाया शर्मा को अब केंद्र सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंपी है. छाया शर्मा की नियुक्ति केन्द्रीय सतर्कता आयोग (Central vigilance commission) में निदेशक पद पर की गई है.

डीओपीटी विभाग द्वारा छाया शर्मा की नियुक्ति के मसले पर औपचारिक तौर पर पुष्टि दे दी गई है. छाया शर्मा फिलहाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में कार्यरत हैं. जहां से जल्द ही कार्यमुक्त करने का आदेश भी दिया जा चुका है. बताया जा रहा है कि इसी सप्ताह छाया शर्मा केन्द्रीय सतर्कता आयोग में अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर लेंगी. हालांकि दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और केन्द्रीय सतर्कता आयोग का मुख्यालय आस-पास ही है.

टेक्नोलॉजी के प्रयोग में माहिर बताई जाती हैं छाया शर्मा 
आईपीएस छाया शर्मा के पति विवेक किशोर भी आईपीएस अधिकारी हैं, जो फिलहाल दिल्ली में ही कार्यरत हैं. छाया शर्मा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National human rights commission ) से पहले दिल्ली पुलिस की सेवा में थीं. दिल्ली पुलिस में कार्य करने के दौरान उन्होने कई बड़े मामलों का खुलासा किया था. छाया शर्मा टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके क्राइम मामलों का खुलासा करने और किसी भी बड़े ऑपरेशन को बेहतर तरीके से अंजाम देने में माहिर बताई जाती हैं.
24 घंटे के भीतर हुई थी निर्भया के गुनहगारों की गिरफ्तारी


16 दिसंबर 2012 को जब दिल्ली में बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप मामला हुआ. इस जघन्य वारदात ने पूरे देश को झगझोर के रख दिया था. ये मामला राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी उछला था. उस वक्त छाया शर्मा साउथ दिल्ली इलाके की डीसीपी थीं. छाया शर्मा ने अपनी टीम का गठन करके उस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी. इस मामले को कोर्ट में पेश करने के पहले छाया शर्मा ने क्राइम लोकेशन पर कई बार जाकर और उसके बाद इस मामले में कई आधुनिक तरीकों का प्रयोग करके सारे आरोपियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए तफ्तीश के उस हर पहलू पर काम किया था, जिससे आरोपी को कभी भी सबूतों के अभाव में छोड़ा ना जा सके. छाया शर्मा की इस शानदार तफ्तीश के लिए उन्हें अंतराष्टीय स्तर पर भी काफी सराहा गया और पुरस्कार से नवाजा गया था.

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छाया शर्मा को अमेरिका में पिछले साल ही शौर्य और नेतृत्व के लिए मैककेन इंस्टीट्यूट अवार्ड से सम्मानित किया गया था. केन्द्रीय सतर्कता आयोग से कई मामलों के तार सीबीआई से लेकर अन्य जांच एजेंसियों तक जुड़े होते हैं. ये सीबीआई, ईडी, एनआईए जैसी जांच एजेंसी और वहां से जुड़े मामलों पर नजर रखती है और आवश्यकता पड़ने पर दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई करने का आदेश भी देती है
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