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20 महीने की गुड़िया ने बचाई 5 लोगों की जान, अब दूसरे के शरीर में धड़क रहा उसका दिल

सांकेतिक फोटो.
सांकेतिक फोटो.

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) की 20 महीने की बच्ची धनिष्ठा ने मौत के बाद भी समाज के लिए एक महान मिसाल कायम की है और सबसे कम उम्र की कैडेवर डोनर (Cadaver donor) बन गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 12:39 PM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) की 20 महीने की बच्ची धनिष्ठा ने मौत के बाद भी समाज के लिए एक महान मिसाल कायम की है और सबसे कम उम्र की कैडेवर डोनर (Cadaver donor) बन गई. गुड़िया के मरणोपरांत 5 मरीजों को उसका अंग लेकर नया जीवन मिला है. उसका हृदय, लीवर, दोनों किडनी एवं दोनों कॉर्निया सर गंगा राम अस्पताल ने निकाल कर 5 रोगियों में प्रत्यारोपित किया.  ये प्रक्रिया अस्पताल प्रबंधन ने हाल ही में पूरी की है.

मिली जानकारी के मुताबिक बीते 8 जनवरी शाम को धनिष्ठा अपने घर की पहली मंजिल पर खेलते हुए नीचे गिर गई. गिरने से वो बेहोश हो गई. इसके बाद तुरंत उसे सर गंगा राम अस्पताल लाया गया. डॉक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद भी बच्ची को बचाया नहीं जा सका. 11 जनवरी को डॉक्टरों ने बच्ची को ब्रेन डेड घोषित कर दिया, मस्तिष्क के अलावा उसके सारे अंग अच्छे से काम कर रहे थे.

मां पिता ने दान किए अंग
शोकाकुल होने के बावजूद भी बच्ची के माता-पिता आशीष कुमार एवं बबिता ने अस्पताल अधिकारियों से अपनी बच्ची के अंग दान की इच्छा जाहिर की. पिता आशीष कुमार के अनुसार, "हमने अस्पताल में रहते हुए कई ऐसे मरीज़ देखे जिन्हे अंगों की सख्त आवश्यकता है. हांलाकि हम अपनी धनिष्ठा को खो चुके है लेकिन हमने सोचा की अंग दान से उसके अंग न ही सिर्फ मरीज़ो में जिन्दा रहेंगे बल्कि उनकी जान बचाने में भी मददगार सिद्ध होंगे. डॉ. डीएस राणा, चेयरमैन (बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट), सर गंगा राम अस्पताल के अनुसार, “परिवार का यह नेक कार्य वास्तव में प्रशंसनीय है और इसे दूसरों को प्रेरित करना चाहिए. 0.26 प्रति मिलियन की दर से, भारत में अंग दान की सबसे कम दर है. अंगों की कमी के कारण हर साल औसतन 5 लाख भारतीय मारे जाते हैं.
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