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दिल्‍ली दंगे: इन 5 आरोपियों के खिलाफ चलेगा हत्या व दंगा करने का केस, कोर्ट ने आरोप किए तय

दिल्ली दंगे: अदालत ने पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या व दंगा करने के आरोप तय किए

दिल्ली दंगे: अदालत ने पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या व दंगा करने के आरोप तय किए

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों की बीच 23 फरवरी 2020 को हिंसक झड़पें हुई थीं, जिसने अगले दिन 24 फ ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली: दिल्ली दंगे से जुड़े केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में साल 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों के खिलाफ दंगे और हत्या के आरोप तय कर दिए हैं. दिल्ली की अदालत ने कहा कि प्राथमिकी में नामजद न होने से अभियोजन का मामला अविश्वसनीय नहीं हो जाता है. बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में 2020 में दंगे हुए थे, जिनमें कई लोगों की मौत हो गई थी.

कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करने के साथ ही एक आरोपी को शस्त्र कानून से संबंधित प्रावधानों के तहत भी आरोपित किया. बता दें कि कोर्ट 25 फरवरी 2020 को उत्तर पूर्वी दिल्ली में मेन मौजपुर रोड पर दंगों के दौरान प्रेम सिंह की हत्या के मामले की सुनवाई कर रही थी. अभियोजन के अनुसार, आरोपी इमरान, आसिफ, मोहम्मद शारिक, मोहम्मद शहजाद और मोहम्मद इमरान उस दंगाई भीड़ का हिस्सा थे जिसने मृतक का पीछा किया और उसे चाकू घोंपे.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने 24 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘मेरी राय में रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों के आधार पर यह मानने के पर्याप्त आधार हैं कि आरोपी व्यक्तियों ने भारतीय दंड संहिता की धारा 143 (गैरकानूनी सभा का सदस्य होना), 144 (हथियारों से लैस होकर गैरकानूनी सभा में शामिल होना), 147 (दंगा करना), 148 (घातक हथियार से लैस होकर दंगा), 302 (हत्या) और 149 (गैर-कानूनी सभा का प्रत्येक सदस्य सामान्य उद्देश्य के तहत अपराध करने का दोषी होना) के तहत अपराध किया है.’

जज ने कहा कि ये आरोपी धारा 153ए (विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (सार्वजनिक शरारत) के तहत तथा मृतक को चाकू मारने के आरोप में भी आरोपित किये जाने योग्य हैं. आसिफ को शस्त्र कानून से संबंधित प्रावधान के तहत भी आरोपी बनाया गया है. बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों की बीच 23 फरवरी 2020 को हिंसक झड़पें हुई थीं, जिसने अगले दिन 24 फरवरी को सांप्रदायिक दंगों का रूप ले लिया था. इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे.

Tags: Court, Delhi riots

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