Delhi News: मरकज मामले में बरी 35 तब्लीगी जमातियों को मिलेगा पासपोर्ट, कोर्ट का आदेश

मरकज मामले में कोर्ट का फैसला. . (File)

मरकज मामले में कोर्ट का फैसला. . (File)

Tabligi Jamaat Case: निजामुद्दीन मरकज (Nizamuddin Markaz) मामले में बरी किए गए 35 तब्लीगी जमात (Tabligi Jamaat ) के सदस्यों के पासपोर्ट जारी करने का आदेश कोर्ट ने दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 9:21 PM IST
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दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने 35 तब्लीगी जमात (Tabligi Jamaat ) के सदस्यों के पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इन सभी को निजामुद्दीन मरकज (Nizamuddin Markaz) मामले में बरी कर दिया था.  बता दें कि दिसंबर 2020 में निजामुद्दीन मरकज़ से जुड़े 35 विदेशी जमातियों को साकेत कोर्ट ने बरी कर दिया था. सभी 36 जमातियों पर कोविड (Covid 19) महामारी एक्ट के उल्लंघन का आरोप था. यह कोई पहला मौका नहीं जब इस मामले में जमाती बरी किए जा रहे हैं. इससे पहले भी सैंकड़ों जमाती जुर्माना भरने या बरी होने के बाद अपने देशों को वापिस जा चुके हैं. मार्च के दौरान ही जमातियों पर चॉर्टड प्लेन से भारत छोड़ने के आरोप लगे थे.

निजामुद्दीन मरकज़ में आए थे विदेशी जमाती

निजामुद्दीन मरकज़ में 67 देशों से विदेशी जमाती तबलीग में शामिल होने आए थे. दिल्ली पुलिस ने सभी विदेशी जमतियों से पूछताछ की थी. कोविड महामारी के दौरान भी 20 मार्च के बाद भारत में रुकने के आरोप लगे थे. दिल्ली पुलिस ने इन विदेशी जमातियों के पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज जब्त कर लिए थे. पुलिस ने आरोप लगाया था कि ज्यादातर जमाती टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन ये यहां आकर मजहबी गतिविधियों में लिप्त रहे, जो वीजा नियमों का उल्लंघन है.

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तबलीगी जमातियों पर यह था निजामुद्दीन मरकज का पक्ष

मरकज में विदेशियों समेत सभी तरह के जमातियों के रुकने ने तूल पकड़ लिया था. मरकज पर तरह-तरह के आरोप लग रहे थे. इसी दौरान मरकज की ओर से कहा गया था कि 24 मार्च 2020 से लगातार मरकज पुलिस और प्रशासन के संपर्क में हैं. मरकज से लोगों को बाहर निकालने के लिए कर्फ्यू पास की मांग कर रहे थे. 28 मार्च  2020 को एसडीएम और डब्ल्यूएचओ की टीम कुछ लोगों को जांच के लिए भी ले गई थी. इससे पहले 6 लोगों को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था. हालांकि इसके बाद भी हमने दिल्ली और उसके आसपास रहने वाले 15 सौ लोगों को उनके घर भेज दिया था.
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