निजामुद्दीन मामलाः मौलाना साद पर कसता जा रहा ED का शिकंजा, मरकज के कर्मचारियों ने पूछताछ में किया बड़ा खुलासा...

ईडी ने अभी इस मामले में मौलाना साद को समन नहीं भेजा है. (फाइल फोटो)
ईडी ने अभी इस मामले में मौलाना साद को समन नहीं भेजा है. (फाइल फोटो)

प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ में मरकज (Markaz) के चार कर्मचारियों ने बताया कि विदेशों से आने वाले चंदे या किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन का पूरा नियंत्रण मौलाना साद के तीन बेटों और भतीजे के पास ही होता है.

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  • Last Updated: April 27, 2020, 1:45 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना (Coronavirus) संक्रमण के बीच निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम का आयोजन करवाने के बाद चर्चा में आए मौलाना साद की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. अब चंदे के नाम पर विदेशों से आए लाखों रुपयों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मरकज के चार कर्मचारियों से पूछताछ की है. ईडी के पास जानकारी थी कि इन चार लोगों के पास ही विदेशों से आने वाले रुपयों और हर दिन के खर्च का लेखा-जोखा होता है. पूछताछ के दौरान मरकज के इन चारों कर्मचारियों ने बड़ा खुलासा किया है. इन्होंने बताया कि विदेशों से आने वाले चंदे या किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन की जानकारी और पूरा नियंत्रण मौलाना साद के तीन बेटों और भतीजे के पास ही होता है. इसमें किसी अन्य का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है.

किसी को जानकारी नहीं
चारों ने खुलासा किया कि मौलाना साद के तीनों बेटों और भतीजे के अलावा ये जानकारी किसी को नहीं होती है कि पैसा कहां से आया और कहां गया. इस बात का पूरा लेखा-जोखा उन्हीं के पास है. साथ ही उन्होंने बताया कि हर दिन होने वाले खर्चों पर भी पूरा नियंत्रण उन्हीं का रहता है. गौरतलब है कि ईडी ने अभी इस मामले में मौलाना साद को समन नहीं भेजा है.

हवाला कनेक्‍शन निकाल रही है क्राइम ब्रांच
इससे पहले क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली थी कि मरकज में हुए तब्लीगी जमात के आयोजन से पहले साद के दिल्ली में स्थित एक बैंक अकाउंट में अचानक विदेशों से बड़ी मात्रा में चंदे के नाम पर रुपए जमा हुए थे. इस मामले में पुलिस ने मौलाना साद के सीए को बुला कर भी पूछताछ की थी और मौलाना से मिलने की बात कही थी, लेकिन सीए ने कहा था कि मौलाना बड़े आदमी हैं और वे ऐसे किसी से नहीं मिलते. क्राइम ब्रांच को अब मरकज के ट्रांजेक्‍शन पर शक है और वह इसका हवाला कनेक्‍शन तलाशने में जुटी है.



बैंक ने भी दी थी हिदायत
इससे पहले मौलाना साद का अकाउंट जिस बैंक में है, वहां से भी उसे ऐसे ट्रांजेक्‍शनों पर रोक लगाने की हिदायत दी गई थी. बैंक ने साद को इस संबंध में 31 मार्च को सूचित किया था. लेकिन ऐसा हुआ नहीं और ये ट्रांजेक्‍शन लगातार जारी रहे.

इनपुटः आनंद

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