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Delhi Violence: फायर डिपार्टमेंट बोला- उपद्रवियों ने की फायरमैन को जिंदा जलाने की कोशिश
Delhi-Ncr News in Hindi

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Updated: February 25, 2020, 9:48 AM IST
Delhi Violence: फायर डिपार्टमेंट बोला- उपद्रवियों ने की फायरमैन को जिंदा जलाने की कोशिश
अग्निशमन विभाग ने एक फयरमैन को उपद्रवियों द्वारा जिंदा जलाने की कोशिश करने की बात कही है.

Delhi Violence: अग्निशमन विभाग के निदेशक ने बताया कि आग बुझाने के दौरान तीन अग्निशमनकर्मी घायल हुए हैं और एक फायरकर्मी को आग लगाकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई है.

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  • Last Updated: February 25, 2020, 9:48 AM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के खिलाफ लोग कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. 12 दिसंबर 2019 को राष्ट्रपति के इस कानून को मंजूरी देने के बाद से ही दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. दो महीने बाद यह प्रदर्शन हिंसक हो गया. नागरिकता कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगजनी की अनेक घटनाएं हुई हैं. दिल्ली के अग्निशमन विभाग के उत्तर पूर्व जिले के निदेशक ने मंगलवार को बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना देने के लिए 45 फोन आए. साथ ही आग बुझाने के दौरान तीन अग्निशमनकर्मी घायल हो गए. उन्‍होंने बताया कि एक फायरकर्मी को आग लगाकर जिंदा जलाने की कोशिश भी की गई.



शनिवार देर रात को सीएए समर्थकों और विरोधियों के बीच टकराव हो गया था. इसके बाद यह हिंसक हो गया. देखते ही देखते जाफराबाद, मौजपुर, भजनपुरा समेत उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के कई हिस्‍सों में हिंसा भड़क गई. इस हिंसा में अब तक सात लोगों के मारे जाने की बात कही गई है.

क्या है सीएए?



संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण देश में शरण लेने आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के उन लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी, जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 तक भारत में प्रवेश कर लिया था. ऐसे सभी लोग भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस कानून के विरोधियों का कहना है कि इसमें सिर्फ गैर मुस्लिमों को ही नागरिकता देने की बात कही गई है, इसलिए यह कानून धार्मिक भेदभाव वाला है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.

क्या है एनआरसी?
एनआरसी यानी नेशनल सिटिजन रजिस्टर के जरिए भारत में अवैध तरीके से रह रहे घुसपैठियों की पहचान की जाती है. अभी तक एनआरसी की प्रक्रिया सिर्फ असम में की गई है. असम में एनआरसी की फाइनल सूची जारी की जा चुकी है लेकिन असम में एनआरसी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरी की गई है. केंद्र सरकार ने कहा है कि वह पूरे देश में NRC को लागू करेगी. साथ ही यह भी कहा था कि देश भर में लागू होने वाली एनआरसी के मानक असम की एनआरसी के मापदंड से अलग होगा.

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First published: February 25, 2020, 8:59 AM IST
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