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दिल्ली हिंसा में मारे गए इस युवक की हत्या के मामले में 50 गवाह कोर्ट में होंगे पेश

दिल्ली हिंसा में मारे गए इस युवक की हत्या के मामले में 50 गवाह कोर्ट में होंगे पेश

दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल बना डीएसपी. (सांकेतिक फोटो)

दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल बना डीएसपी. (सांकेतिक फोटो)

पेट्रोल (Petrol) डालकर दिलबर नेगी को जलाया गया था. लाश बहुत खराब हालत में मिली थी. आरोप यह भी है कि जलाने से पहले नेगी को पीटा गया था.

    नई दिल्ली. फरवरी में हुए दिल्ली हिंसा (Delhi Riots) के दौरान दिलबर नेगी का नाम खासा चर्चाओं में रहा था. इस युवक की लाश मिठाई बनाने वाली वर्कशॉप में मिली थी. लाश बुरी तरह से जली हुई थी. पेट्रोल (Petrol) डालकर दिलबर नेगी को जलाया गया था. लाश बहुत खराब हालत में मिली थी. आरोप यह भी है कि जलाने से पहले नेगी को पीटा गया था.

    नेगी अनिल स्वीट्स की दुकान पर काम करता था. आज दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) इस मामले में चार्जशीट फाइल कर सकती है. इस हत्याकांड में कुल 50 लोग गवाह बनाए गए हैं. वहीं 12 लोगों पर दिलबर नेगी की हत्या करने का आरोप है. सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

    CCTV फुटेज से पुलिस को मिले हत्याकांड के सबूत

    दिल्ली हिंसा के मामले में आज क्राइम ब्रांच कड़कड़डूमा कोर्ट में दो चार्जशीट दायर कर सकती है. इसमे से एक दिलबर नेगी हत्याकांड मामले से जुड़ी हुई है. सूत्रों की मानें तो पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करीब 12 लोगों को इस हत्याकांड का आरोपी बनाया है. चार्जशीट में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया है कि हिंसा वाले दिन दोपहर के वक्त नेगी दुकान के गोदाम में खाना खाने गया था. उसी के बाद से नेगी गायब चल रहा था. 26 फरवरी को गोदाम में ही उसकी लाश मिली थी. क्राइम ब्रांच ने इस मामले में करीब 70 पेज की चार्जशीट तैयार की है.

    एक Whatsapp ग्रुप से ऑपरेट हो रही थी दिल्ली हिंसा

    नार्थ-ईस्ट दिल्ली हिंसा की जांच कर रही दिल्ली पुलिस) की एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में एक बड़ा खुलासा किया है. एसआईटी ने चार्जशीट में आरोप लगाए हैं कि जौहरीपुर और भागीरथी में 25-26 फरवरी की रात जो दंगे हुए वो एक व्हाट्सएप ग्रुप से ऑपरेट किए जा रहे थे. यह ग्रुप उसी रात बनाया गया था.

    ग्रुप में कुल 125 लोग शामिल किए गए थे. एसआईटी का यह भी आरोप है कि ग्रुप को उस दिन कुछ लोग ऑपरेट करते हुए चैट भेज और रिसीव कर रहे थे, जबकि बाकी के लोग हिंसा में सक्रिय रूप से शामिल थे. कुछ आरोपियों के मोबाइल की जांच के बाद इसका खुलासा हुआ है. इसी के अगल दिन यानि 27 फरवरी को इस इलाके में चार शव बरामद किए गए थे. गोकुलपुरी हिंसा में मारे गए आमिर अली और हाशिम अली के मामले में भी 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

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    Tags: CCTV camera footage, Crime Branch, Delhi police, Delhi riots

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