ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने को PM CARES FUND से देशभर में लगेंगे 500 Oxygen Plant, कल से AIIMS व RML में शुरू होंगे!

ऑक्सीजन प्लांट के लिए सोमनाथ ट्रस्ट और विधायक ने दिए 75 लाख रुपये (सांकेतिक फोटो)

ऑक्सीजन प्लांट के लिए सोमनाथ ट्रस्ट और विधायक ने दिए 75 लाख रुपये (सांकेतिक फोटो)

देशभर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए 500 मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र (Medical Oxygen Plant) लगाए जाने हैं. अगले 3 माह में इस योजना को पूरा किया जाएगा. यह सभी ऑक्सीजन प्लांट पीएम केयर्स फंड (PM CARES FUND) से लगाए जाएंगे.

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नई दिल्ली. देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को काबू करने और ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार (Central Government) पुरजोर कोशिश में जुट गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) की ओर से देशभर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए 500 मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र (Medical Oxygen Plant) लगाए जाने हैं. अगले 3 माह में इस योजना को पूरा किया जाएगा. यह सभी ऑक्सीजन प्लांट पीएम केयर्स फंड (PM CARES FUND) से लगाए जाएंगे.

दिल्ली के एम्स और सब दर्द आरएमएल अस्पताल में मैं ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है. AIIMS में कल इन ऑक्सीजन प्लांट का ड्राई रन भी किया जाएगा.

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बताते चलें कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन की अध्यक्षता में गत 23 अप्रैल को एक हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की गई थी की मीटिंग आयोजित की गई थी इस मीटिंग में ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के अलावा देशभर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने आदमी का फैसला किया गया था

मीटिंग में यह भी निर्णय लिया गया था कि डीआरडीओ की ओर से एम्स के ट्रामा सेंटर, डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग कॉलेज और हरियाणा के झज्जर स्थित एम्स में 5 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र लगाए जाने‌ का फैसला किया गया था. यह मेडिकल ऑक्सीजन संयत्र पीएम केयर्स फंड (PM CARES FUND) से प्राप्त राशि से लगाये जा रहे हैं.

एम्स और आरएमएल अस्पताल में सयंत्र लगाने का काम युद्ध स्तर पर जारी



स्वास्थ्य मंत्रालय की माने तो मेडिकल ऑफिसर नियंत्रण लगाने के लिए प्लांट लगाने के लिए 24 अप्रैल को ऑर्डर जारी कर दिए गए थे. एक सप्ताह के भीतर मैसर्स ट्राइडेंट न्यूमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड कोयम्बटूर ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है, जो डीआरडीओ का प्रौद्योगिकी भागीदार है, मैसर्ज ट्राइडेंट न्केयूमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड कोयंबटूर से विनिर्माण यूनिट से दो संयंत्र हवाई मार्ग से मंगवाए गए हैं और ये 4 मई को नई दिल्ली पहुंच गए. कुल 48 संयंत्र के आर्डर दिए गए हैं. एम्स और आरएमएल अस्पताल में सयंत्र लगाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है. इनकी डिलिवरी पर बारीकी से नजर रखी जा रहा है.

AIIMS और RML अस्पताल में कल से शुरू हो जाएंगे दोनों प्लांट

एम्स और आरएमएल अस्पताल में मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र लगाने का काम शुरु है और यह आज रात तक पूरा होने की आशा है. संयंत्र की पाइपिंग कनेक्शन की जांच के साथ दोनों संयंत्र कल शाम तक काम शुरू कर देंगे. इन संयंत्रों का ड्राइ रन कल सुबह निर्धारित किया गया है. सभी कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं.

हर रोज 195 सिलेंडर भरने की है क्षमता

डीआरडीओ संयंत्र स्वदेशी जीरो लाइट प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं. इन मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्रों का डिजाइन प्रति मिनट एक हजार लीटर एलपीएम ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए तैयार किया गया है. यह सिस्टम पांच एलपीएम के फ्लो रेट पर 190 रोगियों की आवश्यकता पूरी करता है. यह प्रतिदिन 195 सिलेंडर भरता है.

मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र के लिए एलसीए, तेजस हेतु ऑन बोर्ड ऑक्सीजन जनरेशन प्रौद्योगिकी के आधार पर डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है. ये संयंत्र ऑक्सीजन को लेने ले जाने से संबंधित लॉजिस्टिक्स मुद्दों का समाधान करेगा और आपात अवस्था में कोविड-19 के रोगियों की मदद करेगा. सीएसआईआर (CSIR) ने भी अपने उद्योगों के जरिए 120 मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्रों को आर्डर दिए हैं.
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