कोरोना वायरस: गुरुग्राम में 80 फीसदी पीजी पर लगा ताला, मकान मालिकों के सामने रोजी रोटी का संकट

मकान मालिकों ने किरायदारों को लुभाने के लिए किराए और डिपॉजिट में बड़ी कटौतियां की हैं. (फोटो-ANI)
मकान मालिकों ने किरायदारों को लुभाने के लिए किराए और डिपॉजिट में बड़ी कटौतियां की हैं. (फोटो-ANI)

कोरोना वायरस के कारण भारत के एजुकेशन और टेक हब गुरुग्राम में पीजी और होटल बिजनेस की हालत खस्ता हो चुकी है. वर्क फ्रॉम होम के चलते लोगों ने कमरे खाली कर दिए हैं या किराया नहीं दे रहे हैं. माना जा रहा है कि शहर के 80 फीसदी पीजी बंद हो चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 11:39 AM IST
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गुरुग्राम. आईटी (IT) और एजुकेशन (Education) का हब माने जाने वाले गुरुग्राम (Gurugram) में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग काम और पढ़ाई करने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं. छात्र और कामकाजी लोग यहां किराए पर कमरा लेने से ज्यादा पीजी (PG) में रहना पसंद करते हैं. गौरतलब है कि यहां रहने वाले लोगों के लिए पीजी कारोबार (PG Business) रोजगार का बेहतर विकल्प है, लेकिन कोरोना वायरस (Corona virus) की वजह से लगे लंबे लॉकडाउन (Lockdown) के बाद से यहां धंधा बिल्कुल मंदा हो चुका है. यहां पीजी में पढ़ाई और काम करने वाले लोग घर लौट गए हैं, जिस कारण कई पीजी बंद होने की कगार पर हैं.

नहीं लौटे लोग तो बंद हो जाएंगे पीजी
लॉकडाउन की वजह से कई कंपनियां अपने कर्मचारियों से घर से ही काम करवा रही हैं. ऐसे में गुरुग्राम के कई पीजी में रहने वाले कामकाजी लोग घर जाकर ही काम कर रहे हैं. अब पीजी मालिकों के सामने किराए का संकट खड़ा हो गया है. क्योंकि मार्च के बाद से कई लोगों ने किराया नहीं दिया है. इसी कारण सिटी में 50 फीसदी पीजी बंद हो चुके हैं और कई पीजी बंद होने की कगार पर खड़े हैं.

यदि कंपनियां अपने कर्मचारियों को ऑफिस नहीं बुलाती हैं तो आने वाले दिनों में 30 से 40 फीसदी पीजी और बंद हो जाएंगे. ऐसे में केवल वहीं लोग आजीविका चला सकेंगे जिनके खुद के घर हैं, लेकिन जिनके घर का खर्चा सिर्फ किराए के पैसों से ही चल रहा है उनके लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.
पीजी मालिकों ने की किराए में बड़ी कटौती


डीएलएफ फेस 3 में एक पीजी मालिक ने कहा, 'हमने किराया और डिपॉजिट दोनों में बड़ी कटौती कर दी है, डबल शेयरिंग रूम का किराया 7,500-8,500 से 6,000-6,500, ट्रिपल शेयरिंग का 6,000-6,500 से 4,500-5,000, सिंगल रूम का 12,000-14000 से 9,000-10,000 रुपये कर दिया है. हमने डिपॉजिट में भी 50 फीसदी की कटौती की है. हम दो महीने का किराया बतौर डिपॉजिट लेते हैं, लेकिन अब इसे एक महीने का कर दिया है.'

मिलेनियम सिटी में भी पीजी कारोबार चौपट
मिलेनियम सिटी गेस्ट हाउस एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने कहा कि इस स्थिति ने सिटी के आवास उद्योग पर विचार करने पर मजबूर कर दिया है. वहीं, एसोसिएशन के अध्यक्ष जयदीप आहूजा ने कहा, 'कई कंपनियों के कर्मचारियों से घर से ही काम करवाने के कारण गुरुग्राम के आवास उद्योग का धंधा चौपट हो चुका है, अब अगले साल मार्च और जुलाई तक कर्मचारियों के वापस आने की संभावना है. फॉर्चुन की सबसे ज्यादा 500 कंपनी गुरुग्राम में हैं, जिसमें देशभर के काफी लोग काम करते हैं जो लॉकडाउन में घर लौटने के बाद अभी वापस नहीं आए हैं. मेरे हिसाब से मौजूदा हालात में 80 फीसदी पीजी बंद चुके हैं.'

'पहली बार देखी इतनी भयानक स्थिति'
उन्होंने आगे बताया कि सिटी में कई गेस्ट हाउस (Guest House) भी बंद हो चुके हैं, जिसके कारण कॉर्पोरेट ट्रेवल शून्य पर आ चुका है. इनमें से कुछ चिकित्सा पर्यटन पर निर्भर थे, लेकिन कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विदेश से भारत आकर सर्जरी करवाने वालों की संख्या में बड़ी कमी आई है. ऐसे में हॉस्पिटैलिटी बिजनेस, पीजी उद्योग, को-लिविंग उद्योग पहली बार इतनी बड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं.

50 हजार से ज्यादा छात्र करते हैं यहां पढ़ाई
बता दें कि गुरुग्राम में एक सरकारी यूनिवर्सिटी, 9 प्राइवेट यूनिवर्सिटी, 9 सरकारी कॉलेज, बीएड और लॉ कॉलेज समेत कई संस्थाओं में 50 हजार से भी ज्यादा छात्र पढ़ाई करते हैं. इनमें से अधिकतर छात्रों की पहली पसंद पीजी ही है. वहीं, आईटी क्षेत्र के कामकाजी लोग भी पीजी में रहना पसंद करते हैं. मौजूदा हालात में घर से काम और ऑनलाइन क्लासेस के कारण सिटी के पीजी कारोबार पर बड़ी गाज गिरी है.
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