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चांदनी चौक में बने हनुमान मंदिर को वैध दर्जा दिलाने के लिए सदन में प्रस्ताव लाने की तैयारी

सौंदर्यीकरण के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर मंदिर ध्वस्त किया गया था.
सौंदर्यीकरण के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर मंदिर ध्वस्त किया गया था.

एनडीएमसी के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि ढांचे को वैध दर्जा देने के लिए एनडीएमसी के आगामी सदन में मसौदा प्रस्ताव लाया जाएगा और इसके लिए काम शुरू होना चाहिए.

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नई दिल्ली. उत्तरी दिल्ली नगर निगम (NDMC) के महापौर जय प्रकाश (Mayor Jai Prakash) ने कहा कि सोमवार को एनडीएमसी के अधिकारियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में यह निर्णय किया गया कि चांदनी चौक (Chandni Chowk) में बनाए गए हनुमान मंदिर (Hanuman Mandir) को वैध दर्जा दिलाने के लिए सदन में प्रस्ताव लाया जाएगा.

मंदिर को वैध दर्जा दिलाने के लिए तरीकों पर विचार

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक बृहस्पतिवार को होने वाली है. प्रकाश ने कहा, “बैठक में निर्णय किया गया कि ढांचे को वैध दर्जा देने के लिए एनडीएमसी के आगामी सदन में मसौदा प्रस्ताव लाया जाएगा और इसके लिए काम शुरू होना चाहिए.” प्रकाश के अलावा, एनडीएमसी के उप महापौर, स्थायी समिति के अध्यक्ष, सहायक आयुक्त और मुख्य विधिक अधिकारी बैठक में मौजूद थे. महापौर ने कहा, “लेकिन सदन की बैठक से पहले, हम एनडीएमसी में अन्य पार्टियों - कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सदस्यों के साथ भी बैठक करना चाहते हैं ताकि सर्वसम्मति बन सके.” प्रकाश ने रविवार को कहा था कि नगर निगम, चांदनी चौक पर अस्थायी रूप से बनाए गए हनुमान मंदिर को वैध दर्जा दिलाने के तरीकों पर विचार करेगा.




मंदिर को जनवरी में ध्वस्त कर दिया गया था

आपको याद दिला दें कि दिल्ली के चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण की योजना को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर जनवरी में एक मंदिर ध्वस्त किया गया था. लेकिन उसके डेढ़ महीने बाद उसी स्थान पर रातोंरात अस्थायी मंदिर का दोबारा निर्माण कर दिया गया है. उत्तरी दिल्ली नगर निगम (NDMC) के महापौर ने दावा किया था कि ढांचा ‘हनुमान भक्तों’ ने तैयार किया है. यहां के पुराने हनुमान मंदिर को गिराने को लेकर भाजपा और आप की दिल्ली इकाइयों के बीच जनवरी के शुरू में विवाद हो गया था. उत्तर दिल्ली नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तब कहा था कि अतिक्रमण हटाने के अदालत के आदेश पर मंदिर गिराया गया.
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