अनधिकृत कॉलोनियों के मामले पर AAP ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, विधेयक को बताया धोखा
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अनधिकृत कॉलोनियों के मामले पर AAP ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, विधेयक को बताया धोखा
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दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों (Unauthorized Colonies) में रहने वाले लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक प्रदान करने के मकसद से लाया गया एक विधेयक मंगलवार को लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किया गया.

  • भाषा
  • Last Updated: November 27, 2019, 12:19 AM IST
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नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों (Unauthorized Colonies) में रहने वाले लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक (Ownership Rights) प्रदान करने के लिए लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किए गए विधेयक को बहुत बड़ा धोखा बताया. आप (AAP) ने मंगलवार को मांग की कि इन क्षेत्रों में निवासियों के घरों की रजिस्ट्री दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) से पहले हो जानी चाहिए.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजधानी में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

आम आदमी पार्टी की टिप्पणी तब आई जब बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इन कॉलोनियों के कुछ निवासियों को विधानसभा चुनावों से पहले और अन्य को चुनाव के बाद रजिस्ट्री की सुविधा मुहैया कराने की योजना बनाई है.



आप ने कहा, 'बीजेपी आगामी चुनाव से पहले जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है. अगर इसमें मकानों की रजिस्ट्री सुनिश्चित नहीं की जाती है, तब तक इस विधेयक का लोगों के लिए कोई मतलब नहीं है. दिल्ली के लोग लंबे समय से अपनी रजिस्ट्री की प्रतीक्षा कर रहे हैं.'



दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को मान्यता देने वाला विधेयक लोकसभा में पेश
बता दें कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक प्रदान करने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करने के मकसद से लाया गया एक विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया. आवास एवं शहरी विकास मंत्री मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने निचले सदन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अप्राधिकृत कालोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता) विधेयक 2019 पेश किया.

विधेयक में इन अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्‍यान में रखते हुए उन्‍हें पॉवर ऑफ अटॉर्नी, विक्रय करार, वसीयत, कब्जा पत्र और अन्‍य ऐसे दस्‍तावेजों के आधार पर मालिकाना हक देने की बात कही गई है.

इसके साथ ही ऐसी कॉलोनियों के विकास, वहां मौजूद अवसंरचना और जन सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रावधान भी विधेयक में किया गया है.

इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद, पंजीकरण तथा स्‍टैंप ड्यूटी में दी जाने वाली रियायत से दिल्‍ली की 1731 अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख से ज्‍यादा लोग लाभान्वित होंगे. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 नवंबर को इस विधेयक को मंजूरी दी थी.

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First published: November 27, 2019, 12:00 AM IST
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