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दिल्ली बॉर्डर पर संघर्षरत किसानों के लिए सेवादार की भूमिका में उतरी आम आदमी पार्टी

दिल्ली बॉर्डर पर केंद्र के नए कृषि कानून के खिलाफ धरना दे रहे किसानों की दैनिक जरूरतों की चीजें आम आदमी पार्टी ने उपलब्ध कराईं.
दिल्ली बॉर्डर पर केंद्र के नए कृषि कानून के खिलाफ धरना दे रहे किसानों की दैनिक जरूरतों की चीजें आम आदमी पार्टी ने उपलब्ध कराईं.

आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों के लिए बड़ी संख्या में पानी के टैंकर लगा दिए गए हैं. वहां पर दिल्ली सरकार की तरफ से मेडिकल वैन खड़ी करवा दी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 8:53 PM IST
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नोएडा. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने आज देश के कोने-कोने से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों से मुलाकात की और उनकी दैनिक जरूरतों की सुविधाएं मुहैया कराईं. राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों के लिए बड़ी संख्या में पानी के टैंकर लगा दिए गए हैं. वहां पर दिल्ली सरकार की तरफ से मेडिकल वैन खड़ी करवा दी गई है. एंबुलेंस में ब्लडप्रेशर की मशीन, थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर आदि समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. साथ ही, किसानों के खाने के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है और किसानों के लिए पोर्टेबल शौचालय लगा दिए गए हैं, ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो. इसके अलावा, किसानों को कंबल भी बांटा गया है, जिससे उन्हें ठंड में किसी तरह की परेशानी न हो.

दैनिक जरूरत की चीजें उपलब्ध कराईं

आप विधायक राघव चड्ढा ने आज सिंधु बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर बैठे किसानों को दैनिक जरूरतें उपलब्ध कराने को लेकर मौका मुआयना किया. राघव चड्ढा ने कहा कि आंदोलनरत किसानों के लिए टैंकर और पानी की व्यवस्था बनाने के लिए आया हुआ हूं, ताकि हमारे किसान भाई-बहनों को किसी भी तरह की असुविधा न हो. हमने यहां पर किसान भाई-बहनों के लिए शौचालय की व्यवस्था कर दी है. आज यहां पर एक एंबुलेंस भी खड़ी करा दी गई है, जिसको दवाई लेनी हो, फर्स्ट एड कराना हो या छोटे-मोटे इलाज कराना हो, तो वह सारी व्यवस्था यहां पर कर दी गई है. दिल्ली वाले और दिल्ली सरकार देश के किसानों का स्वागत करते हैं और इस इंकलाब की आवाज में अपनी आवाज को मिलाते हुए किसानों की आवाज को और बुलंद करते हैं.




किसानों की मांगें कबूल की जानी चाहिए

केंद्र सरकार को इसे अहं की लड़ाई नहीं बनानी चाहिए. वह किसानों की बात ही नहीं सुन रही है. हम केंद्र सरकार से कहना चाहते हैं कि बिना शर्त हमारे किसान भाई-बहनों के साथ बात होनी चाहिए. उनकी बातें सुननी चाहिए और उनकी मांगों को कबूल करना चाहिए.

बिना शर्त बात केंद्र सरकार

राघव चड्ढा ने कहा कि जो किसानों और सरकार के बीच में जो संवाद है, वह किसी भी शर्त के तहत नहीं होगा. बिना किसी शर्त के अगर सरकार हमारे किसान भाई-बहनों से बात करने के लिए तैयार होती है, तभी संवाद हो सकता है. यह कैसा संवाद है कि आप कहें कि आप पहले यहां आ जाओ, फिर हम 3 दिसंबर को हम बात करेंगे.
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