Karnal : सीएम मनोहर लाल खट्टर के आवास का रविवार को घेराव करेगी आम आदमी पार्टी

राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता का आरोप है कि हरियाणा की खट्टर सरकार किसान विरोधी रवैया अपनाती है. (फाइल फोटो)
राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता का आरोप है कि हरियाणा की खट्टर सरकार किसान विरोधी रवैया अपनाती है. (फाइल फोटो)

राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने कहा कि बिहार में किसानों के पास अच्छी जमीन हैं और अच्छी फसल भी पैदा होती है. लेकिन एमएसपी न मिलने के कारण उनको मजदूरी करनी पड़ती है. केंद्र सरकार ऐसी ही स्थिति हरियाणा और पंजाब में भी लाना चाहती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2020, 4:23 PM IST
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नोएडा. आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता (MP Sushil Gupta) ने कहा कि केंद्र सरकार (central government) द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानून किसान, मजदूर और आढ़ती विरोधी हैं. ये तीनों कानून एमएसपी खत्म करने का षडयंत्र हैं. आम आदमी पार्टी ने लगातार सड़क से लेकर संसद तक विरोध किया है. उन्होंने कहा कि जब भी फसल खरीदने का समय आता है, तब हरियाणा की खट्टर सरकार किसान विरोधी रवैया अपनाती है. हरियाणा में किसान पोर्टल, ई-पेमेंट रजिस्ट्रेशन और मंडी गेट पास के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता रविवार सुबह 11 बजे हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर (CM Manohar Lal Khattar) का उनके करनाल (Karnal) स्थित आवास पर घेराव करेंगे.

दुष्यंत चौटाला गठबंधन छोड़ किसानों के साथ आएं

गुप्ता ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार अपने व्यापारिक मित्रों अंबानी और अडानी को फायदा पहुंचा रही है और ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह ही किसानों की फसल और जमीनों पर भी कब्जा कराना चाहती है. आज सत्ता पक्ष के विधायकों को अपने अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ रहा है, क्योंकि जनता का वे काम नहीं कर रहे हैं. गुप्ता ने कहा कि दुष्यंत चाौटाला मलाई के लालच में गठबंधन से जुड़े हैं. किसानों का उनके प्रति विश्वास टूट चुका है. अगर वे किसानों के नेता हैं, तो गठबंधन को तोड़ कर किसानों के साथ आएं.



आप ने लगातार विरोध किया किसान विरोधी बिल का
राज्यसभा सांसद और हरियाणा आम आदमी पार्टी के सहप्रभारी डॉ सुशील गुप्ता ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की. सुशील गुप्ता ने ऐलान किया कि हरियाणा आम आदमी पार्टी 11 अक्तूबर यानी रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का घेराव करेगी. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसान और मजदूर विरोधी काले कानून का विरोध करती है. पार्टी ने सड़क से लेकर संसद तक इस किसान विरोधी बिल का लगातार विरोध किया है. हरियाणा में पिछले छह सालों से जब भी फसल का समय आता है तो सीएम मनोहर लाल खट्टर किसान विरोधी रवैया अपना लेते हैं. आज धान की फसल बेचने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आज किसानों का बाजरा 850 किलो से ज्यादा नहीं खरीदा जा रहा है, जबकि एक एकड़ जमीन के अंदर लगभग 1500 से 2000 किलो बाजरा पैदा होता है.

पंजाब और हरियाणा कृषि प्रधान राज्य

सुशील गुप्ता ने कहा कि लगातार पोर्टल, ई-पेमेंट, रजिस्ट्रेशन, मंडी के गेट पास के नाम पर और अन्य तरीकों से लगातार किसानों को परेशान किया जा रहा है. पिछले 15 दिनों में किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा तब जाकर उनकी फसल की खरीद शुरू की गई. किसानों की परेशानी को देखते हुए कल (रविवार) सुबह 11 बजे हम सीएम मनोहर लाल का घेराव करेंगे. पूरे प्रदेश से आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता सीएम के करनाल स्थित आवास के बाहर पहुंचेंगे. हरियाणा और पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य हैं जहां पर 70 फीसदी से ज्यादा लोग परोक्ष और अपरोक्ष रूप से कृषि से जुड़े हुए हैं.

हरियाणा-पंजाब में भी एमएसपी खत्म करना चाहती केंद्र सरकार

उन्होंने कहा कि पूरे देश में सिर्फ यह दोनों राज्य ही ऐसे हैं जहां पर 60 फीसदी फसल की एमएसपी किसानों को मिलती है. वहीं, अन्य राज्यों में सिर्फ छह फीसदी अनाज ही एमएसपी पर बिक पाता है. लेकिन अब केंद्र सरकार इन अध्यादेशों के माध्यम से हरियाणा और पंजाब का मंडी सिस्टम खत्म कर के इस श्रेणी के अंदर लाना चाहती है. बिहार में किसानों के पास अच्छी जमीन हैं, खेती के लिए अच्छा पानी मिलता है और अच्छी फसल भी पैदा होती है. लेकिन वहां के किसानों को अपनी फसल की एमएसपी न मिलने के कारण उनको हरियाणा और पंजाब आकर मजदूरी करनी पड़ती है. केंद्र सरकार ऐसी ही स्थिति हरियाणा और पंजाब के अंदर भी लाना चाहती है.

व्यापारी मित्रों को लाभ पहुंचाने में जुटी है सरकार

राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि सरकार अपने व्यापारी मित्रों, अंबानी और अडानी जैसे घरानों को फायदा पहुंचाना चाहती है. जिस तरह ईस्ट इंडिया कंपनी ने पूरे देश पर कब्जा कर लिया था उसी तरह सरकार इन घरानों का कब्जा भी किसानों की जमीन और फसल पर कराना चाहती है. सरकार के इस षडयंत्र के खिलाफ किसान सड़कों पर उतर आए हैं और आम आदमी पार्टी उनके साथ है. आज हरियाणा एक आपराधिक राज्य बन चुका है. वहां हर रोज चार बलात्कार और तीन हत्या के केस दर्ज किए जाते हैं. हरियाणा में 2019 में 1,66,336 मुकदमे दर्ज हुए जिसमें 1,11,323 मामले आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज किए गए. आज प्रदेश के हालात ऐसे हैं कि सरकार के ही विधायकों को अपने अफसरों और मंत्रियों के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ रहा है.
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