AAP ने MCD पर लगाए आरोप, कहा- सात लाख छात्रों को नहीं मिलीं किताबें, बच्चे कैसे करें पढ़ाई?

आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर एमसीडी के स्कूलों में पढ़ने वाले 7 लाख छात्रों का भविष्य खराब करने का आरोप लगाया है.

आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर एमसीडी के स्कूलों में पढ़ने वाले 7 लाख छात्रों का भविष्य खराब करने का आरोप लगाया है.

आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले 7 लाख छात्रों का भविष्य खराब करने का आरोप लगाया है. पार्टी का मानना है कि कोरोना काल में पढ़ाई की स्थिति पहले ही खराब रही है. ऊपर से भाजपा की एमसीडी बच्चों को किताबें मुहैया नहीं कर रही है.

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नई दिल्ली. भाजपा शासित नगर निगम के अधीनस्थ स्कूलों में बच्चों को किताबें नहीं मिलने पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं. आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के वरिष्ठ नेता व एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने भाजपा (BJP) पर एमसीडी (MCD) के स्कूलों में पढ़ने वाले 7 लाख छात्रों का भविष्य खराब करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पढ़ाई की स्थिति पहले ही खराब रही है. ऊपर से भाजपा की एमसीडी बच्चों को किताबें मुहैया नहीं कर रही है.

भाजपा पिछले 5 सालों से किताबें मुहैया करने में महीनों का वक्त लेती रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा से किताबें खरीदने की प्रक्रिया को अगले 15 से 20 दिनों के अंदर पूरा करने की मांग की है. दुर्गेश पाठक (Durgesh Pathak) ने कहा कि भाजपा पहले ही छात्रों के कई सत्र खराब कर चुकी है अभी भी आपके पास मौका है कि बच्चों का भविष्य खराब न हो.

पाठक ने कहा कि ऐसे तो कोरोना काल में हर वर्ग प्रभावित हुआ है लेकिन जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है वह बच्चों की पढ़ाई है. बच्चों की पढ़ाई के लिए पिछले एक-डेढ़ साल से ऑनलाइन क्लासेज चल रही हैं.

सरकारें कोशिश कर रही हैं कि किसी भी तरह से बच्चों का भविष्य न खराब हो. लेकिन दुर्भाग्य है कि, आप सभी को पता होगा कि दिल्ली में एमसीडी के 1625 स्कूल हैं जिसमें लगभग 7 लाख बच्चे पढ़ते हैं, इन 7 लाख बच्चों का भविष्य अंधकार में है क्योंकि पढ़ाई का स्तर खराब है. ऑनलाइन पढ़ाई होने के बावजूद स्थिति खराब हो गई है.
उन्होंने कहा कि 2020 के सत्र में 9 महीनों बाद बच्चों को किताबें मिली. ये किताबें अप्रैल में मिलनी चाहिए थीं लेकिन दिसंबर-जनवरी में जाकर मिलीं. इसी प्रकार से 2019 में लगभग 8 महीने की देरी के साथ किताबें मिली. खासकर नॉर्थ एमसीडी का तो बहुत बुरा हाल है. पिछले 5 सालों से, बच्चे स्कूल में हों या ऑनलाइन क्लास में हों लेकिन उनके पास किताबें नहीं होती हैं. ऐसे 7 लाख बच्चों का भविष्य आज अंधकार में हैं.

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