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निर्भया के दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही केजरीवाल सरकार: मनोज तिवारी

भाषा
Updated: January 19, 2020, 7:37 PM IST
निर्भया के दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही केजरीवाल सरकार: मनोज तिवारी
तिवारी ने जोर देते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार 'विफल' हो गई है. (फाइल फोटो)

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्भया मामले (Nirbhaya Case) के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय आप सरकार (AAP Government) इसके दोषियों को अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को टालने की कोशिश कर रही है.

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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव  के कारण भाजपा और आप में आरोप-प्रत्यारोप बढ़ता जा रहा है. भाजपा (BJP) ने रविवार को दिल्ली में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की अगुवाई वाली आप सरकार पर निर्भया मामले (Nirbhaya Case) के 4 दोषियों को फांसी की सजा से बचाने का आरोप लगाया है. दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्भया मामले के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय आप सरकार इसके दोषियों को अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को टालने की कोशिश कर रही है. तिवारी ने दिल्ली सरकार की वकील रहीं इंदिरा जयसिंह द्वारा निर्भया मामलों के दोषियों को पीड़िता के परिवार द्वारा माफ किए जाने की पहल की भी निंदा की.

आप सरकार पर सवाल उठना लाजिमी है
उन्होंने वरिष्ठ वकील जयसिंह के केजरीवाल सरकार से जुड़े होने का हवाला देते हुए कहा, उन्होंने अदालत में केजरीवाल सरकार की पैरवी की है, इसलिए उनके सुझाव के मद्देनजर दोषियों की सजा को अमल में लाने में हो रही देरी के पीछे ‘आप’ सरकार पर सवाल उठना लाजिमी है.

दोषियों को दो साल बाद 2019 में बताया गया अदालत का फैसला

तिवारी ने दलील दी कि तिहाड़ जेल प्रशासन भी दिल्ली सरकार के मातहत है और इस जेल में बंद निर्भया मामले के दोषियों को 2017 में सुनाए गए इस मामले के अदालती फैसले से दो साल बाद 2019 में अवगत कराया गया. उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि पहले तो आप सरकार ने दोषियों को फांसी दिए जाने को विलंबित किया और अब जबकि सजा पर मंजूरी की हर तरफ से मुहर लग गई है तब उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है.

न्याय के लिए 8 साल से संघर्षरत है निर्भया का परिवार
तिवारी ने कहा कि जिस न्याय के लिए निर्भया का परिवार आठ साल से संघर्षरत है, उसे टालने का काम किसी अन्य पार्टी ने नहीं किया जैसा आम आदमी पार्टी ने किया. उल्लेखनीय है कि 2012 में पेरामेडीकल की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद निर्मम हत्या कर दी गई थी. मामले की न्यायिक जांच के बाद इस वारदात के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों की दया याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं.
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First published: January 19, 2020, 7:12 PM IST
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