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दिल्ली में अब छठ पर तकरार! सस्ते प्रचार के भूखे, पद की गरिमा गिरा रहे; AAP ने LG पर किया पलटवार

छठ पूजा को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के बयान पर AAP ने जताया विरोध, कहा- सस्ते प्रचार के भूखे हैं LG (विनय कुमार सक्सेना और अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो)

छठ पूजा को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के बयान पर AAP ने जताया विरोध, कहा- सस्ते प्रचार के भूखे हैं LG (विनय कुमार सक्सेना और अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो)

AAP vs Delhi LG on Chhath Puja: अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर यह बताया था कि यमुना में कहीं भी छठ महापर्व किया जा सकता है ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में छठ पूजा को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के बीच में जुबानी जंग बढ़ती ही जा रही है. दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना के छठ वाले बयान पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है और कहा कि उपराज्यपाल अपनी कुर्सी की गरिमा को कम कर रहे हैं. दरअसल, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने यमुना नदी के निर्धारित घाटों पर छठ पूजा की मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मुद्दे पर ‘भ्रामक और अपरिपक्व प्रचार’ करने के प्रति आगाह किया था.

दरअसल, कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर यह बताया था कि यमुना में कहीं भी छठ महापर्व किया जा सकता है मगर एलजी विनय सक्सेना ने यह साफ कर दिया कि छठ पूजा केवल तय घाटों पर ही की जाएगी. छठ पूजा को लेकर केजरीवाल के ऐलान का उपराज्यपाल ने संज्ञान लिया और अपने नोट में लिखा, ‘इस मुद्दे पर मेरे विचार के लिए रखे जाने और मेरे द्वारा इस विषय पर एक स्वतंत्र राय बनाने से पहले ही, इस मुद्दे पर प्रचार किया गया.’ एलजी सक्सेना ने फाइल नोट में लिखा, ‘माननीय मुख्यमंत्री को सलाह दी जाती है कि वे भविष्य में व्यापक जनहित में इस तरह के कृत्यों से परहेज करें.’

एलजी ने नोट में कहा कि अरविंद केजरीवाल के ट्वीट से यह धारणा बनी कि ‘छठ त्योहार यमुना के सभी घाटों पर मनाया जाएगा’, जो ‘भ्रामक’ है और इससे जनता में भ्रम उत्पन्न हो सकता है क्योंकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केवल ‘निर्दिष्ट स्थलों’ पर पूजा की अनुमति दी है.’ उन्होंने कहा, ‘यह गंभीर रूप से समस्या उत्पन्न करने वाला है, क्योंकि यह शासन की योजना के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है. यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि निर्णय का समय से पहले प्रचार रुचि पैदा करता है और इस प्रकार निर्णय लेने की प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से प्रभावित करता है जो कि अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि यह लोगों के एक बड़े वर्ग के धार्मिक विश्वासों और व्यवहार से संबंधित है.’

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हालांकि, इसके बाद आम आदमी पार्टी नोट में उपराज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री केजरीवाल के लिए इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति व्यक्त की और कहा कि सक्सेना ‘सस्ते प्रचार के भूखे’ हैं. आम आदमी पार्टी ने कहा, ‘हम मुख्यमंत्री के लिए उपराज्यपाल द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर कड़ी आपत्ति जताते हैं. वह हर दिन सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री को बुरा भला कहकर अपने पद की गरिमा को कमतर कर रहे हैं.’ आप ने एक बयान में कहा, ‘मुख्यमंत्री एक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जो ऐतिहासिक अंतर के साथ लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं. उपराज्यपाल के पास हर दिन मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से फटकारने का कोई काम नहीं है. उपराज्यपाल सस्ते प्रचार के भूखे हैं और हर दिन समाचार पत्रों में अपना नाम देखना चाहते हैं.’

बता दें कि इस साल मई में सक्सेना के पद संभालने के बाद से आप सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच कई मुद्दों पर टकराव सामने आ चुका है. एलजी सक्सेना ने हाल ही में 4 अक्टूबर को बिजली सब्सिडी योजना में कथित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया था. इस पर आप नेताओं ने दावा किया था कि उपराज्यपाल का कदम गुजरात चुनावों से जुड़ा है और इसका उद्देश्य मुफ्त बिजली पहल को रोकना है.

सूत्रों ने कहा कि उपराज्यपाल सक्सेना ने सीएम केजरीवाल से छठ पूजा के श्रद्धालुओं के लिए साफ घाट और पानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. एक सूत्र ने कहा, ‘छठ पूजा करने की उपराज्यपाल द्वारा स्वीकृति यमुना पर निर्दिष्ट घाटों के लिए है.’ सक्सेना ने राजस्व और पर्यावरण विभागों को यमुना प्रदूषण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है.

छठ व्यवस्था के लिए दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग नोडल एजेंसी है. यह छठ को सफल बनाने के लिए अन्य सरकारी विभागों और नागरिक एजेंसियों के साथ नजदीकी समन्वय में काम कर रहा है. छठ पर्व 30 और 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इसके तहत महिलाएं उपवास करके घुटने तक पानी में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं. यह त्योहार दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचल-यानी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है. पूर्वांचली नेता एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद मनोज तिवारी ने अगस्त में उपराज्यपाल को एक पत्र लिख कर उनसे दिल्ली सरकार के अधिकारियों को यमुना के घाटों पर छठ पूजा की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश देने का आग्रह किया था. दिल्ली सरकार ने 1,100 स्थलों पर छठ पूजा की व्यवस्था की है.

Tags: Arvind kejriwal, Chhath, Delhi Lieutenant Governor

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